भोज खाकर लौट रहे दो दोस्तों को अज्ञात वाहन ने कुचला, एक की मौके पर मौत, दूसरा गंभीर
उत्तर बिहार की लाइफलाइन माने जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 57 (NH-57) पर रविवार (28 जून 2026) को एक बार फिर तेज रफ्तार का खूनी खेल देखने को मिला। मुजफ्फरपुर जिले के अंतर्गत आने वाले हाईवे के एक हिस्से पर एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
इस भीषण टक्कर में बाइक चला रहे 21 वर्षीय युवक अमन कुमार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, बाइक पर पीछे बैठा उसका परम मित्र गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे नाजुक हालत में स्थानीय अस्पताल से शहर के मेडिकल कॉलेज (SKMCH) रेफर किया गया है। दोनों दोस्त एक रात पहले अपने एक करीबी रिश्तेदार के घर आयोजित एक पारिवारिक समारोह में शामिल होकर खुशी-खुशी घर लौट रहे थे।
रात का जश्न, सुबह का मातम: कैसे हुआ हादसा?
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक अमन कुमार और उसका दोस्त शनिवार की शाम मुजफ्फरपुर के ही एक नजदीकी इलाके में अपने एक रिश्तेदार के घर गए थे। वहां एक पारिवारिक भोज (दावत) का आयोजन था। दोनों दोस्तों ने रात भर समारोह का आनंद लिया, खाना खाया और सुबह तड़के अपनी बाइक से वापस अपने घर के लिए रवाना हुए।
रविवार की सुबह करीब 5:30 से 6:00 बजे के बीच, जब उनकी बाइक NH-57 पर एक सुनसान स्ट्रेच से गुजर रही थी, तभी पीछे से आ रहे एक बड़े अज्ञात वाहन (आशंका जताई जा रही है कि वह कोई तेज रफ्तार ट्रक या अनियंत्रित स्कॉर्पियो थी) ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि:
बाइक के परखच्चे उड़ गए और वह हाईवे से करीब 15 फीट दूर जाकर गिरी।
अमन कुमार का सिर सीधे डिवाइडर से जा टकराया। हेलमेट लगा होने के बावजूद चोट इतनी गहरी थी कि अत्यधिक खून बह जाने के कारण उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
उसका दूसरा दोस्त बाइक से छिटककर सड़क के दूसरी ओर गिरा, जिससे उसके दोनों पैरों और सिर में गंभीर चोटें आई हैं।
भाग निकला आरोपी चालक, तमाशबीन बने रहे लोग
हादसे को अंजाम देने के बाद अज्ञात वाहन का चालक गाड़ी की रफ्तार बढ़ाकर मौके से भागने में सफल रहा। सुबह का समय होने के कारण हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही थोड़ी कम थी। शुरुआत में जो कुछ गाड़ियां वहां से गुजरीं, वे रुकने के बजाय तमाशबीन बनकर आगे निकल गईं।
कुछ समय बाद जब स्थानीय ग्रामीण और मॉर्निंग वॉक (सुबह की सैर) पर निकले लोग वहां पहुंचे, तो उन्होंने सड़क पर लहूलुहान पड़े दोनों युवकों को देखा। ग्रामीणों ने तुरंत इस बात की सूचना स्थानीय पुलिस थाने को दी और हाईवे एम्बुलेंस को कॉल किया।
पुलिस की एंट्री और हाईवे पर परिजनों का हंगामा
सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत एम्बुलेंस की मदद से गंभीर रूप से घायल युवक को इलाज के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH), मुजफ्फरपुर भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को 'अति नाजुक' (Extremely Critical) बताया है।
जैसे ही इस हादसे की खबर अमन कुमार के परिजनों को मिली, गांव में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन और सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
हाईवे जाम: आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए NH-57 को पूरी तरह जाम कर दिया।
मांग: परिजनों की मांग थी कि हाईवे पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को तुरंत खंगाला जाए, हत्यारे वाहन चालक को गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। जाम के कारण हाईवे के दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और करीब दो घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा।
प्रशासनिक आश्वासन के बाद हटा जाम, पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय सर्किल ऑफिसर (CO) और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाते हुए आश्वासन दिया कि हाईवे के टोल प्लाजा और आसपास के ढाबों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकाली जा रही है, जिससे आरोपी वाहन की पहचान जल्द ही कर ली जाएगी।
| दुर्घटना स्थल | मृतक का नाम | स्थिति (घायल) | मुख्य कारण |
|---|---|---|---|
| NH-57, मुजफ्फरपुर | अमन कुमार (21 वर्ष) | अस्पताल में भर्ती (नाजुक) | अज्ञात वाहन की तेज रफ्तार |
प्रशासन द्वारा सरकारी प्रावधानों के तहत उचित मुआवजा राशि जल्द से जल्द दिलाने के लिखित आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने हाईवे से जाम हटाया। इसके बाद पुलिस ने अमन के शव को पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए SKMCH भेज दिया।
NH-57 बना 'डेथ ट्रैप': स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश
इस हादसे ने एक बार फिर मुजफ्फरपुर से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-57 की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हाईवे पर आए दिन रफ्तार के कारण हादसे होते रहते हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से गति सीमा (Speed Limit) को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
ग्रामीणों की मुख्य शिकायतें:
रफ ड्राइविंग: रात और अलसुबह के समय भारी ट्रक और ट्रेलर 100 किमी/घंटे से अधिक की रफ्तार से चलते हैं।
हाईवे पेट्रोलिंग की कमी: सुबह के समय हाईवे पर पुलिस की गश्त न के बराबर होती है, जिससे दुर्घटना के बाद अपराधी आसानी से भाग जाते हैं।
ब्लैक स्पॉट: मुजफ्फरपुर के इस स्ट्रेच पर कई ऐसे कट्स हैं जहां कोई संकेतक (Signboard) नहीं है, जिससे अचानक गाड़ियां सामने आ जाती हैं और हादसे का सबब बनती हैं।
एक हंसता-खेलता परिवार जो रात तक अपने बेटे की खुशियों में शामिल था, आज सुबह उसके शव को देखकर बदहवास है। अमन कुमार की मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। अब देखना यह है कि मुजफ्फरपुर पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उस 'कातिल गाड़ी' को कब तक ढूंढ पाती है। पुलिस ने फिलहाल अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और हत्या का मामला दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है।