सड़क हादसे में बियारपुर के युवा कोचिंग शिक्षक सुशांत कुमार का निधन, परिवार में छाया मातम
बिहार के सीतामढ़ी जिले के रून्नीसैदपुर थाना क्षेत्र में हुई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में मुंगेर जिले के बरियारपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत भरवारी गांव निवासी 24 वर्षीय सुशांत कुमार की असामयिक मौत हो गई। इस भीषण हादसे में सुशांत की जान जाने से उनके परिजनों और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। खुशियों से भरा हुआ एक हंसता-खेलता परिवार पल भर में इस सदमे के आगोश में डूब गया है।
शिक्षा जगत को क्षति: एक होनहार कोचिंग शिक्षक का सफर
सुशांत कुमार मात्र 24 वर्ष की कम उम्र में ही अपनी मेहनत और लगन के बल पर क्षेत्र में एक बेहतरीन कोचिंग शिक्षक के रूप में अपनी पहचान बना चुके थे। वह बच्चों को शिक्षा देने और उनके भविष्य को संवारने का नेक कार्य कर रहे थे। उनकी शैक्षणिक शैली और मृदुभाषी स्वभाव के कारण छात्र-छात्राओं के बीच उनका विशेष सम्मान था। एक युवा शिक्षक के रूप में उन्होंने अपने करियर की एक मजबूत शुरुआत की थी, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। उनकी इस अचानक विदाई से शिक्षा के क्षेत्र में भी एक खालीपन सा आ गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।
हाल ही में हुई थी शादी, बुझ गया घर का इकलौता चिराग
सुशांत कुमार के जीवन में हाल ही में खुशियों ने एक नया पड़ाव पार किया था। कुछ ही समय पूर्व उनकी शादी हुई थी और उनके जीवन की नई शुरुआत हुई थी। घर में नए मेहमान के आने और वैवाहिक जीवन की तमाम उम्मीदों के बीच यह हादसा किसी वज्रपात से कम नहीं है। नवविवाहिता पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में कुछ समय पहले शहनाइयों की गूंज और खुशियों का माहौल था, वहां अब केवल चीख-पुकार और मातम पसरा हुआ है।
सीतामढ़ी के रून्नीसैदपुर में हुआ भीषण हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुशांत कुमार किसी कार्यवश या यात्रा के दौरान सीतामढ़ी जिले के रून्नीसैदपुर क्षेत्र में थे। वहीं पर एक अनियंत्रित और भीषण सड़क दुर्घटना ने उनकी जान ले ली। इस दुर्घटना की सूचना जैसे ही उनके पैतृक गांव भरवारी (बरियारपुर थाना क्षेत्र) पहुंची, परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हादसे में सुशांत के साथ-साथ एक अन्य युवक के भी गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है, जिसे स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
गांव में शोक की लहर और प्रशासनिक प्रक्रिया
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की और परिजनों को सौंप दिया। बरियारपुर के भरवारी गांव में जब सुशांत का पार्थिव शरीर पहुंचा, तो पूरा गांव स्तब्ध रह गया। हर किसी की आंखें नम थीं। समाज के प्रबुद्धजनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया है। तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा के प्रति लापरवाही एक बार फिर एक हंसते-खेलते युवा की जान ले गई, जो समाज के लिए एक गंभीर और सोचने का विषय है।