कहीं आंधी-पानी का तांडव तो कहीं उमस और लू का कहर, दक्षिण बिहार में मौसम का पूरा मिजाज!
बिहार का आसमान इन दिनों किसी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म की तरह व्यवहार कर रहा है। सूबे के अलग-अलग जिलों में प्रकृति के दो बिल्कुल विपरीत रूप एक साथ देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां सीमांचल और उत्तर बिहार के कुछ जिलों में झमाझम बारिश और 70 किमी/घंटे की रफ्तार से चल रही तूफानी हवाओं ने मौसम को सुहाना बना दिया है, वहीं दूसरी ओर राजधानी पटना समेत दक्षिण-पश्चिम बिहार के लोग उमस भरी चिपचिपी गर्मी और भयंकर लू (Heatwave) की दोहरी मार झेल रहे हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना (IMD) की मानें तो मानसून की चाल और स्थानीय मौसमी प्रणालियों के टकराव के कारण पूरा प्रदेश इस समय 'क्लाइमेट डिवाइड' (मौसम के बंटवारे) से गुजर रहा है। आइए जानते हैं बिहार के मौसम की यह पूरी इनसाइड स्टोरी।
दक्षिण बिहार: लू और चिपचिपी उमस का 'डेडली कॉम्बिनेशन'
दक्षिण बिहार के जिलों के लिए यह समय किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। पुरवा हवाओं के कारण हवा में नमी का स्तर बहुत ऊंचा है, जिससे ऐसी चिपचिपी गर्मी पड़ रही है कि लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है।
लू की चपेट में कई जिले: मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम बिहार के अरवल, भबुआ (कैमूर), बक्सर और रोहतास (डेहरी) जिले भीषण लू की चपेट में बने हुए हैं। भबुआ में तो पारा 41.7 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जो सामान्य से काफी अधिक है।
शेखपुरा और औरंगाबाद का हाल: शेखपुरा में तापमान सामान्य से 7.1 डिग्री सेल्सियस ऊपर चल रहा है। यहां सुबह की तीखी धूप 10 बजते-बजते आग उगलने लगती है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है।
तापमान का ग्राफ: दक्षिण बिहार के इन मैदानी इलाकों में दिन का अधिकतम तापमान 38°C से 40°C के बीच बना हुआ है, लेकिन नमी (Humidity) ज्यादा होने के कारण 'फील्स लाइक' यानी महसूस होने वाली गर्मी 45 डिग्री जैसी लग रही है।
उत्तर और पूर्वी बिहार: मेघ गर्जन और 'आंधी-पानी' का अलर्ट
दक्षिण बिहार जहां तप रहा है, वहीं उत्तर बिहार और पूर्वी हिस्से (सीमांचल) में मानसून पूरी तरह मेहरबान है। यहां का नजारा बिल्कुल बदला हुआ है।
70 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफान: आईएमडी ने पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, गोपालगंज, सारण, सिवान, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और मधुबनी में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी है।
इन जिलों में भारी बारिश: भागलपुर, कटिहार, किशनगंज, पूर्णिया, अररिया और सुपौल में मानसून के बादल जमकर बरस रहे हैं। इन इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा (Heavy Rainfall) दर्ज की गई है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
IMD की सख्त चेतावनी: मौसम विभाग ने साफ कहा है कि आंधी और भारी बारिश के दौरान बिजली चमकने (वज्रपात/Lightning) की प्रबल आशंका है। इसलिए किसानों और आम लोगों को खुले खेतों, बड़े पेड़ों के नीचे या नदी के किनारे जाने से सख्त परहेज करना चाहिए।
राजधानी पटना: दांव पर मानसून की राहत, बादलों की लुकाछिपी
बिहार की प्रशासनिक राजधानी पटना में मौसम का मिजाज पल-पल बदल रहा है। यहां सुबह की शुरुआत तो तीखी धूप और उमस के साथ होती है, लेकिन दोपहर ढलते ही आसमान में काले बादलों का डेरा जमने लगता है।
तापमान में आंशिक गिरावट: पटना में अधिकतम तापमान जो 40 डिग्री के आसपास बना हुआ था, वह बादलों की आवाजाही और हल्की बूंदाबांदी के कारण गिरकर 35°C से 36°C पर आ गया है। न्यूनतम तापमान भी 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है।
आंधी-पानी के आसार: मौसम केंद्र का अनुमान है कि राजधानी पटना और इसके आसपास के इलाकों (नालंदा, जहानाबाद) में अगले 24 से 48 घंटों में झमाझम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे उमस भरी गर्मी से पूरी तरह निजात मिलने की उम्मीद है।
मौसम वैज्ञानिकों की थ्योरी: आखिर क्यों हो रहा है ऐसा?
मौसम के इस 'डबल रोल' के पीछे वैज्ञानिक कारण हैं। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, हरियाणा से लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार होते हुए बंगाल की खाड़ी तक एक मौसमी ट्रफ (कम दबाव का क्षेत्र) बना हुआ है। इसके साथ ही चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) भी सक्रिय है।
पुरवा और पछुआ का टकराव: बिहार के वायुमंडल में एक तरफ से बंगाल की खाड़ी की नमी युक्त पुरवा हवा आ रही है, तो दूसरी तरफ से शुष्क गर्म हवाएं भी दबाव बना रही हैं।
तापमान का ट्रेंड: अगले 48 घंटों के दौरान राज्य के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद आगामी 3 से 4 दिनों में पूरे बिहार के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट आएगी, जिससे लू वाले जिलों को भी राहत मिल जाएगी।
बिहार में मौसम का यह दोहरा रंग फिलहाल जारी रहने वाला है। जहां एक तरफ दक्षिण-पश्चिम के जिलों को अभी एक-दो दिन और सतर्क रहकर लू से बचना होगा, वहीं उत्तर और पूर्वी बिहार के लोगों को जलजमाव और वज्रपात से सावधान रहने की जरूरत है। मौसम विभाग का अनुमान है कि जुलाई के शुरुआती हफ्ते (1 से 4 जुलाई) तक पूरे राज्य में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा, जिससे सूबे के कोने-कोने में झमाझम बारिश का दौर शुरू होगा और गर्मी का नामोनिशान मिट जाएगा। तब तक के लिए, 'सावधान रहें और सुरक्षित रहें'।