श्रावणी मेला 2026: सुल्तानगंज में सीढ़ी और जहाज घाट की होगी बंदोबस्ती, टेंडर प्रक्रिया शुरू

भागलपुर: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस वर्ष 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए, सुल्तानगंज स्थित गंगा घाटों के प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। प्रशासन ने मेला अवधि के दौरान सुल्तानगंज के सीढ़ी घाट और जहाज घाट की बंदोबस्ती (Settlement) करने का फैसला किया है।

बंदोबस्ती की मुख्य विशेषताएं

जिला प्रशासन के अनुसार, गंगा किनारे स्थित इन प्रमुख घाटों के प्रबंधन के लिए नीलामी (डाक) की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे संबंधित मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

प्रक्रिया और तिथि: सीढ़ी घाट और जहाज घाट के साथ-साथ सुल्तानगंज के विभिन्न अस्थायी वाहन पड़ावों की बंदोबस्ती के लिए आम डाक (नीलामी) की कार्रवाई अपर समाहर्ता के कार्यालय में सात जुलाई को निर्धारित की गई है।

वैकल्पिक व्यवस्था: यदि सात जुलाई को किसी कारणवश डाक की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती है, तो इसे नौ या 11 जुलाई को संपन्न कराया जाएगा।

राजस्व लक्ष्य: अधिकारियों का मानना है कि इस बंदोबस्ती प्रक्रिया के सफल होने पर सरकारी खजाने में लगभग 17 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होगा।

घाटों पर सुरक्षा और सुविधा के इंतजाम

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए घाटों पर विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं:

चौकी की व्यवस्था: सीढ़ी घाट पर 90 चौकी और जहाज घाट व नमामि गंगे घाट पर कुल 105 चौकी लगाई जाएगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गंगा घाट के समीप 15 मीटर की दूरी पर ये चौकियां स्थापित होंगी।

स्वच्छता और सौंदर्यीकरण: नमामि गंगे घाट और अन्य मेला क्षेत्रों में सफाई अभियान को युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। घाटों की भव्यता बढ़ाने के लिए थ्री-डी पेंटिंग और बेहतर लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है।

व्यापक प्रचार-प्रसार: एडीएम दिनेश राम ने संबंधित अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे बस पड़ाव, हाट बाजार और मेला क्षेत्रों में इन व्यवस्थाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

अन्य प्रबंध

बंदोबस्ती के अतिरिक्त, सुल्तानगंज प्रखंड परिसर, रसीदपुर गांधीघर, और विभिन्न बस पड़ावों के लिए भी अस्थायी सैरात का बंदोबस्त किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि कांवरियों को सुल्तानगंज से दुम्मा तक के सफर में शिवमय वातावरण के साथ-साथ सभी आधुनिक सुविधाएं—जैसे टेंट सिटी, स्वास्थ्य शिविर, और पेयजल—सुगमता से उपलब्ध हों।