अकबरनगर नगर पंचायत में सफाई व्यवस्था चरमराई, 15 कर्मियों के भरोसे पूरा क्षेत्र लंबे समय से नियमित सफाई नहीं होने से लोग परेशान, जगह-जगह कचरा जमा होने से बढ़ी परेशानी

अकबरनगर : नगर पंचायत अकबरनगर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराती नजर आ रही है। लंबे समय से नियमित सफाई नहीं होने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर पंचायत क्षेत्र की बड़ी आबादी और विस्तृत क्षेत्रफल के मुकाबले मात्र 15 सफाईकर्मियों के भरोसे पूरे इलाके की सफाई व्यवस्था संचालित होने से समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई मोहल्लों और मुख्य सड़कों पर नियमित रूप से सफाई नहीं होने के कारण कूड़ा-कचरा जमा रहता है। नालियों की सफाई भी समय पर नहीं होने से जलनिकासी की समस्या उत्पन्न हो रही है। बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है और कई जगहों पर गंदा पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी होती है।

कम सफाईकर्मियों के कारण बढ़ी परेशानी

नगर पंचायत क्षेत्र में सफाई के लिए उपलब्ध कर्मियों की संख्या बेहद कम बताई जा रही है। पूरे क्षेत्र की सफाई का जिम्मा सिर्फ 15 कर्मियों पर होने के कारण सभी वार्डों में नियमित सफाई कराना मुश्किल हो रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, एक क्षेत्र में सफाई होने के बाद दूसरे इलाके की बारी आने तक कई दिनों का अंतर हो जाता है। इस दौरान घरों और दुकानों से निकलने वाला कचरा सड़कों के किनारे जमा होता रहता है। कई स्थानों पर कूड़ेदान की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग खुले में कचरा डालने को मजबूर हो जाते हैं।

गंदगी से स्थानीय लोगों में नाराजगी

सफाई व्यवस्था की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि नगर पंचायत बनने के बाद उन्हें बेहतर नागरिक सुविधाओं की उम्मीद थी, लेकिन सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि नियमित सफाई नहीं होने से दुर्गंध की समस्या बनी रहती है। गर्मी और बारिश के मौसम में जमा कचरे के कारण मच्छरों और अन्य कीटों का प्रकोप बढ़ने की आशंका रहती है। इससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का डर बना रहता है।

नालियों की सफाई भी जरूरी

लोगों ने केवल सड़कों की सफाई ही नहीं, बल्कि नालियों की नियमित सफाई की भी मांग की है। कई जगह नालियों में कचरा जमा होने के कारण पानी का बहाव प्रभावित होता है। बारिश होने पर नालियां भर जाती हैं और गंदा पानी सड़क पर आने लगता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर नालियों की सफाई और कचरे का उठाव किया जाए तो जलजमाव और गंदगी की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।

अतिरिक्त सफाईकर्मियों की मांग

नगर पंचायत क्षेत्र के लोगों ने सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए अतिरिक्त सफाईकर्मियों की नियुक्ति की मांग की है। लोगों का कहना है कि 15 कर्मियों के भरोसे पूरे क्षेत्र की सफाई कराना व्यावहारिक रूप से कठिन है।

इसके अलावा वार्ड स्तर पर नियमित सफाई का रोस्टर तैयार करने, कचरा उठाव के लिए पर्याप्त वाहन उपलब्ध कराने और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ेदान लगाने की मांग भी उठ रही है।

नियमित निगरानी की जरूरत

स्थानीय लोगों के अनुसार, केवल सफाईकर्मियों की संख्या बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है। सफाई कार्य की नियमित निगरानी भी जरूरी है। प्रत्येक वार्ड में निर्धारित अंतराल पर सफाई हो और कचरा समय पर उठाया जाए, इसके लिए नगर पंचायत प्रशासन को प्रभावी व्यवस्था बनानी चाहिए।

लोगों ने अधिकारियों से सफाई व्यवस्था का स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का जायजा लेने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

नगर पंचायत प्रशासन से उम्मीद

अकबरनगर के लोगों को उम्मीद है कि नगर पंचायत प्रशासन जल्द ही सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाएगा। पर्याप्त मानव संसाधन, नियमित कचरा उठाव और नालियों की सफाई से क्षेत्र की स्थिति में सुधार लाया जा सकता है।