सकरा प्रखंड का रोजगार सेवक जितेंद्र कुमार 20 हजार घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, निगरानी टीम ने सबहा चौक के पास दबोचा
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की खबर सामने आ रही है। जिले के सकरा प्रखंड में तैनात रोजगार सेवक जितेंद्र कुमार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Bureau) की टीम ने 20 हजार रुपए की घूस लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी रोजगार सेवक पर मनरेगा (MGNREGA) से जुड़े एक कार्य के एवज में अवैध रूप से रिश्वत की मांग करने का गंभीर आरोप था। इस कार्रवाई के बाद से प्रखंड कार्यालय से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला? कैसे बिछाया गया जाल
यह पूरा मामला मुजफ्फरपुर जिले के सकरा प्रखंड क्षेत्र का है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रोजगार सेवक जितेंद्र कुमार मनरेगा योजनाओं के संचालन और उससे जुड़े कार्यों को देखने की जिम्मेदारी संभाल रहा था। इसी दौरान उसने किसी लाभुक या स्थानीय व्यक्ति से मनरेगा के काम को आगे बढ़ाने या उसका भुगतान आदि सुनिश्चित करने के लिए रिश्वत के रूप में 20 हजार रुपए की मांग की थी।
निगरानी में शिकायत: पीड़ित व्यक्ति रिश्वत देने के हक में नहीं था, इसलिए उसने इसकी गुप्त शिकायत सीधे बिहार सरकार के निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Department) में दर्ज कराई।
सत्यापन और ट्रैप टीम का गठन: निगरानी टीम ने पीड़ित की शिकायत का गोपनीय रूप से सत्यापन (Verification) कराया। शिकायत सही पाए जाने के बाद डीएसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष ट्रैप टीम (Trap Team) का गठन किया गया।
सबहा चौक के पास हुई नाटकीय गिरफ्तारी
योजना के मुताबिक, बुधवार को निगरानी टीम द्वारा तय किए गए प्लान के तहत परिवादी (शिकायतकर्ता) रिश्वत की तयशुदा रकम यानी 20 हजार रुपए लेकर रोजगार सेवक जितेंद्र कुमार के पास पहुंचा।
रंगेहाथ दबोचा: जैसे ही रोजगार सेवक जितेंद्र कुमार ने सबहा चौक के पास परिवादी से 20 हजार रुपए की घूस की रकम अपने हाथ में ली, पहले से ही सादे लिबास में घात लगाकर बैठी निगरानी टीम ने उसे तुरंत चारों तरफ से घेर लिया और धर दबोचा।
रुपए बरामद: विजिलेंस की टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत के वे 20 हजार रुपए भी बरामद कर लिए, जिन पर केमिकल लगा हुआ था। इस अचानक हुई कार्रवाई से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और भारी भीड़ जमा हो गई।
भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासनिक संदेश और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के तुरंत बाद निगरानी टीम आरोपी रोजगार सेवक जितेंद्र कुमार को अपनी हिरासत में लेकर मुजफ्फरपुर के लिए रवाना हो गई। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के नियमानुसार अब आरोपी को मुजफ्फरपुर स्थित विशेष निगरानी अदालत (Special Vigilance Court) में पेश किया जाएगा।
सरकारी महकमों में खलबली: इस सनसनीखेज कार्रवाई के बाद सकरा प्रखंड सहित जिले के अन्य विकास कार्यालयों और अंचलों में तैनात भ्रष्ट कर्मियों के बीच भारी खौफ व्याप्त है।
आम जनता में राहत: स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने निगरानी टीम की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि मनरेगा जैसी जनहितकारी योजनाओं में इस प्रकार का भ्रष्टाचार गरीबों के हक पर डाका डालने जैसा है, और ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
विजिलेंस टीम अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस भ्रष्टाचार के खेल में इस प्रखंड स्तर पर और कौन-कौन से लोग संलिप्त हैं।