नवगछिया में गंगा का बढ़ता जलस्तर तटबंधों पर निगरानी तेज, प्रशासन पूरी तरह सतर्क

नवगछिया (भागलपुर): मानसून के सक्रिय होते ही बिहार के कई जिलों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है, जिसका सीधा असर नवगछिया अनुमंडल के तटीय इलाकों में देखने को मिल रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, इस्माईलपुर-बिंदटोली स्थित स्पर संख्या-07 और मदरौनी गेज स्थल पर गंगा नदी के जलस्तर में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिससे निचले इलाकों के निवासियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

जलस्तर की स्थिति: पिछले 24 घंटों का ब्यौरा

बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल से प्राप्त नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, 19 जुलाई 2026 की सुबह इस्माईलपुर-बिंदटोली स्पर-07 पर गंगा का जलस्तर 28.46 मीटर रिकॉर्ड किया गया। पिछले 24 घंटों के दौरान इसमें 23 सेंटीमीटर की उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। वहीं, मदरौनी गेज स्थल पर भी नदी का पानी चढ़ रहा है, जहाँ जलस्तर 28.76 मीटर के करीब दर्ज किया गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह वृद्धि मानसून की भारी बारिश के कारण हो रही है। हालांकि, जलस्तर अभी भी चेतावनी और खतरे के निशान से काफी नीचे है, इसलिए तत्काल किसी बड़ी आपदा की स्थिति नहीं है, लेकिन बढ़ता हुआ पानी स्थानीय प्रशासन के लिए सतर्कता का विषय जरूर बन गया है।

तटबंध सुरक्षित, फिर भी चौकसी जरूरी

गंगा का जलस्तर बढ़ने के बावजूद, बाढ़ नियंत्रण विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में सभी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में हैं। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने तटीय इलाकों का निरीक्षण किया है और पाया है कि तटबंधों पर पानी का दबाव सामान्य है। किसी भी प्रकार के कटाव या रिसाव की कोई तत्काल सूचना नहीं है।

बावजूद इसके, प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अपनी चौकसी बढ़ा दी है। बाढ़ संभावित इलाकों में निगरानी चौबीस घंटे (24x7) की जा रही है। अभियंताओं को निर्देश दिया गया है कि वे स्परों और संवेदनशील बिंदुओं पर निरंतर नजर रखें ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते पहचाना और रोका जा सके।

प्रशासन की तैयारी और जनता से अपील

नवगछिया प्रशासन ने बाढ़ के प्रति 'हाई अलर्ट' जैसी स्थिति तो नहीं घोषित की है, लेकिन लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे नदी के कटाव या तटबंधों में किसी भी असामान्य हलचल को देखते ही तुरंत नजदीकी थाने या आपदा प्रबंधन कार्यालय को सूचित करें।

संभावित बाढ़ की चुनौतियों को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही सुरक्षात्मक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। आपदा के समय सहायता पहुंचाने के लिए टीमों को तैयार रहने को कहा गया है और नावों तथा राहत सामग्रियों का आकलन किया जा रहा है।

 निगरानी ही बचाव का रास्ता

नवगछिया में गंगा का बढ़ता जलस्तर प्राकृतिक है, लेकिन लापरवाही महंगी पड़ सकती है। फिलहाल स्थितियाँ नियंत्रण में हैं और तटबंध मजबूती के साथ खड़े हैं। प्रशासन की सक्रियता और तटबंधों की निरंतर निगरानी यह सुनिश्चित कर रही है कि जनता को कोई नुकसान न हो। आने वाले कुछ दिनों में मानसून की स्थिति और वर्षा के अनुमान के आधार पर ही जलस्तर के बढ़ने या घटने का सही आकलन किया जा सकेगा।