तेज प्रताप आवास चोरी कांड में नया मोड़: मुख्य गवाह ड्राइवर को मिली 'आकाश यादव' के नाम से जान से मारने की धमकी, पुलिस महकमे में खलबली
बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और वीआईपी राजनेता तेज प्रताप यादव के पटना स्थित आधिकारिक आवास पर हुई लाखों की चोरी और धोखाधड़ी का मामला अब और ज्यादा पेचीदा और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इस हाई-प्रोफाइल चोरी कांड की तफ्तीश में जुटी सचिवालय थाना पुलिस के सामने एक नया मामला आया है।
इस चोरी के मुख्य गवाह और तेज प्रताप यादव की पार्टी 'जनता जनशक्ति दल' (JJD) के सुप्रीमो के निजी ड्राइवर ने लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उसे मामले में गवाही देने और मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। सबसे सनसनीखेज बात यह है कि ड्राइवर ने इस धमकी के पीछे छात्र राजद के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और तेज प्रताप यादव के कभी बेहद करीबी रहे आकाश यादव के नाम का सीधा जिक्र किया है।
क्या है पूरा मामला? (चोरी की पृष्ठभूमि)
इस पूरे विवाद की जड़ें कुछ समय पहले तेज प्रताप यादव के आवास पर हुई एक बड़ी चोरी से जुड़ी हैं।
आरोप: तेज प्रताप यादव के पटना स्थित आवास से भारी मात्रा में कीमती सामान, नगदी और कुछ बेहद महत्वपूर्ण कागजात चोरी हो गए थे।
मुख्य संदिग्ध: इस चोरी का मुख्य आरोप तेज प्रताप यादव के आवास पर ही रहने वाले और उनकी टीम का हिस्सा रहे चंदन कुमार नाम के एक युवक पर लगा था। चंदन कुमार पर आरोप है कि उसने न सिर्फ घर का सामान साफ किया, बल्कि तेज प्रताप यादव के नाम का गलत इस्तेमाल करके कई लोगों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी (Fraud) भी की।
ड्राइवर की भूमिका: इस पूरे वाकये और चंदन की संदिग्ध गतिविधियों का सबसे बड़ा चश्मदीद गवाह जेजेडी सुप्रीमो का निजी ड्राइवर है। पुलिस की शुरुआती जांच और बयानों में इस ड्राइवर की गवाही सबसे अहम कड़ी मानी जा रही है।
'आकाश यादव' के नाम से आई धमकी: ड्राइवर का सनसनीखेज दावा
पुलिस को दी गई अपनी लिखित शिकायत में पीड़ित ड्राइवर ने बताया कि पिछले 24 से 48 घंटों के भीतर उसे अनजान नंबरों से लगातार फोन और मैसेज आ रहे हैं।
धमकी की इनसाइड स्टोरी: ड्राइवर के मुताबिक, फोन करने वाले शख्स ने बेहद आक्रामक लहजे में कहा— "अगर तुमने पुलिस के सामने चंदन के खिलाफ मुंह खोला या तेज प्रताप के घर हुई चोरी के मामले में गवाही दी, तो अंजाम बहुत बुरा होगा। तुम और तुम्हारा परिवार पटना में सुरक्षित नहीं रह पाओगे।" जब ड्राइवर ने पूछा कि वह किसके कहने पर बोल रहा है, तो फोन करने वाले ने सीधे तौर पर आकाश यादव का नाम लिया और कहा कि यह आदेश ऊपर से आया है। ड्राइवर ने पुलिस को उन संदिग्ध मोबाइल नंबरों की सूची और कॉल रिकॉर्ड्स सौंप दिए हैं, जिससे उसे धमकी भरे कॉल आए थे।
कौन हैं आकाश यादव और चंदन कुमार? (आपसी कनेक्शन)
इस मामले में आकाश यादव का नाम आने से राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। दरअसल, यह नाम बिहार की राजनीति और लालू परिवार के आंतरिक विवादों से पुराना नाता रखता है:
तेज प्रताप के 'दाहिने हाथ' थे आकाश: आकाश यादव कभी छात्र राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष हुआ करते थे और उन्हें तेज प्रताप यादव का सबसे करीबी और 'राइट हैंड' माना जाता था।
तेजस्वी से विवाद और पार्टी से निष्कासन: साल 2021-22 के दौरान जब आरजेडी के भीतर जगदानंद सिंह (प्रदेश अध्यक्ष) और तेज प्रताप यादव के बीच विवाद बढ़ा था, तब जगदानंद सिंह ने आकाश यादव को छात्र राजद अध्यक्ष पद से हटा दिया था। इस फैसले से नाराज होकर तेज प्रताप ने अपनी अलग गैर-राजनीतिक संस्था 'छात्र जनशक्ति परिषद' (बाद में जेजेडी) बनाई थी। बाद में आकाश यादव लोक जनशक्ति पार्टी (पारस गुट) में शामिल हो गए थे।
चंदन से संबंध: पुलिस सूत्रों के मुताबिक, चोरी का मुख्य आरोपी चंदन कुमार भी उसी दौर में तेज प्रताप के संपर्क में आया था जब आकाश यादव उनके साथ थे। पुलिस अब इस कोण (Angle) से जांच कर रही है कि क्या चंदन और आकाश मिलकर तेज प्रताप यादव को राजनीतिक या आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कोई बड़ी साजिश रच रहे थे?
पुलिस की कार्रवाई: सर्विलांस पर संदिग्ध नंबर
ड्राइवर द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद पटना के सचिवालय डीएसपी और थाना प्रभारी ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। चूंकि मामला लालू परिवार के बड़े बेटे और एक मौजूदा विधायक के आवास से जुड़ा है, इसलिए पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।
पुलिस की तीन-स्तरीय जांच:
सीडीआर (Call Detail Record) की जांच: पुलिस ने उन सभी नंबरों की सीडीआर निकाल ली है जिससे ड्राइवर को कॉल आए थे। शुरुआती जांच में पता चला है कि कुछ कॉल वर्चुअल नंबरों (इंटरनेट कॉलिंग) और फर्जी सिम कार्ड्स के जरिए किए गए थे।
लोकेशन ट्रैकिंग: जिन नंबरों से कॉल आए, उनकी आखिरी लोकेशन पटना और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में पाई गई है। पुलिस की एक विशेष टीम लोकेशन के आधार पर छापेमारी कर रही है।
आकाश यादव से पूछताछ की तैयारी: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चूंकि लिखित शिकायत में आकाश यादव के नाम का इस्तेमाल किया गया है, इसलिए बहुत जल्द आकाश यादव को भी नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है ताकि यह साफ हो सके कि क्या वाकई वे इस धमकी में शामिल हैं या कोई उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर रहा है।
तेज प्रताप यादव का रुख: "साजिशकर्ताओं को बख्शा नहीं जाएगा"
इस पूरे मामले पर तेज प्रताप यादव के करीबियों का कहना है कि तेज प्रताप इस घटनाक्रम से बेहद आक्रोशित हैं। उनके आवास से जुड़े सूत्रों ने बताया कि तेज प्रताप ने साफ कर दिया है कि उनके घर में चोरी करने वाले और अब उनके कर्मचारियों को डराने-धमकाने वाले चाहे कितने भी रसूखदार क्यों न हों, वे कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएंगे। उन्होंने पुलिस के आला अधिकारियों से बात कर अपने ड्राइवर और स्टाफ को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।
तेज प्रताप यादव के घर हुई इस कथित चोरी और अब गवाह को मिलने वाली धमकी ने इस साधारण से दिखने वाले क्रिमिनल केस को एक हाई-प्रोफाइल राजनीतिक थ्रिलर में बदल दिया है।
क्या चंदन कुमार सिर्फ एक मामूली चोर है जिसने पैसे के लालच में हाथ साफ किया?
या फिर इसके पीछे आकाश यादव जैसे पुराने करीबियों की कोई गहरी खुन्नस या राजनीतिक साजिश है, जो तेज प्रताप के घर के गुप्त दस्तावेजों या सामानों के जरिए उन्हें निशाना बनाना चाहते हैं?
इन सभी सवालों के जवाब अब पटना पुलिस की आगामी जांच और मुख्य आरोपी चंदन की गिरफ्तारी के बाद ही साफ हो पाएंगे। फिलहाल, इस धमकी के बाद पटना के वीआईपी स्ट्रेच में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।