मुंगेर जिला प्रशासन की तैयारियां जोरों पर, टेंट सिटी, सुरक्षा बल और आधुनिक कैमरों से लैस होगा कांवरिया पथ; श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम
मुंगेर: पवित्र श्रावण मास (सावन) के पावन महीने के आगमन में अब मात्र तीन दिन का समय शेष रह गया है। बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा पर निकलने वाले लाखों-करोड़ों शिव भक्तों (कांवरियों) के स्वागत और उनकी सुरक्षित यात्रा को सुनिश्चित करने के लिए मुंगेर जिला प्रशासन पूरी तरह से सजग और मुस्तैद नजर आ रहा है। प्रशासन द्वारा कांवरिया पथ पर सुरक्षा, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य मूलभूत सुविधाओं को समय से पूरा करने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। इस बार मेले को और अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा है, जिसमें कांवरिया पथ पर विशेष सजावट के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए 'हेड काउंट कैमरे' (Head Count Cameras) लगाया जाना भी शामिल है।
क्या है पूरी तैयारी? जिला प्रशासन का एक्शन प्लान
श्रावणी मेले के दौरान देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में कांवरिया सुल्तानगंज से उत्तर वाहिनी गंगा जल भरकर देवघर (झारखंड) के लिए प्रस्थान करते हैं। इस यात्रा का एक बड़ा हिस्सा मुंगेर जिले की सीमा से होकर गुजरता है, जिसके कारण मुंगेर प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
टेंट सिटी का निर्माण: कांवरियों को विश्राम करने, ठहरने और खान-पान की बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए मुख्य कांवरिया पथ और प्रमुख पड़ावों पर भव्य टेंट सिटी का निर्माण कार्य तेजी से अंतिम चरण में है। इन टेंट सिटी में गद्दे, पेयजल, शौचालय और प्रकाश की पुख्ता व्यवस्था की जा रही है।
सुरक्षा बलों की तैनाती: विधि-व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने के लिए जगह-जगह पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती की जा रही है। संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी दल मुस्तैद रहेगा।
आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल: हेड काउंट कैमरे और डिजिटल निगरानी
इस बार के श्रावणी मेले की सबसे बड़ी विशेषता तकनीक का व्यापक उपयोग है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ के सटीक आकलन के लिए प्रशासन ने खास इंतजाम किए हैं।
हेड काउंट कैमरे (Head Count Cameras): कांवरिया पथ पर प्रमुख प्रवेश द्वारों और संवेदनशील स्थानों पर आधुनिक हेड काउंट कैमरे लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों की मदद से प्रशासन को यह实时 (Real-time) जानकारी मिलती रहेगी कि एक निश्चित समय में कितने श्रद्धालु किस मार्ग से गुजर रहे हैं। इससे भगदड़ या अत्यधिक भीड़भाड़ की स्थिति से समय रहते निपटा जा सकेगा।
सीसीटीवी और कंट्रोल रूम: पूरे कांवरिया पथ को हाई-रिज़ॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा गया है। जिला मुख्यालय में एक विशेष नियंत्रण कक्ष (Control Room) बनाया गया है, जहां से 24 घंटे हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
मूलभूत सुविधाएं और स्वास्थ्य सेवाएं
कांवरियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए स्वास्थ्य, पेयजल और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य शिविर और एम्बुलेंस: कांवरिया पथ पर जगह-जगह अस्थायी स्वास्थ्य शिविर (Medical Camps) बनाए जा रहे हैं, जहां डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती रहेगी। साथ ही, आपात स्थिति के लिए जीवन रक्षक दवाओं और एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था: कांवरिया पथ पर पूरे रास्ते में रोशनी के लिए एलईडी लाइट्स लगाई गई हैं ताकि रात के वक्त यात्रा करने वाले शिव भक्तों को कोई परेशानी न हो। इसके अलावा, साफ-सफाई के लिए विशेष स्वच्छता कर्मियों की टीम को तैनात किया गया है।
जिला प्रशासन की अपील और मुस्तैदी
मुंगेर के जिला पदाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) लगातार क्षेत्र का दौरा कर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मेले के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने सभी कांवरियों से अपील की है कि वे निर्धारित मार्ग का पालन करें, यातायात नियमों का सहयोग करें और किसी भी प्रकार की अफवाह से बचें।
श्रावणी मेले के इन तीन शेष दिनों में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, और मुंगेर प्रशासन पूरी तरह तैयार है कि इस बार की कांवर यात्रा श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित, मंगलमय और यादगार साबित हो।