मुजफ्फरपुर में पार्सल स्कैनर की जांच में मिली खामियां, टीआईपी सिस्टम पर उठे सवाल; ऑपरेटर प्रशिक्षण की कमी भी आई सामने
मुजफ्फरपुर। रेलवे स्टेशन और पार्सल कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से मुजफ्फरपुर में पार्सल स्कैनर की तकनीकी जांच की गई। जांच के दौरान टीआईपी (Threat Image Projection) सिस्टम में कई कमियां सामने आईं। अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार, कुल पाई गई खामियों में से अधिकांश को दूर कर दिया गया है, लेकिन दो महत्वपूर्ण कमियां अब भी पूरी तरह दूर नहीं हो सकी हैं। इनमें सबसे प्रमुख समस्या स्कैनर ऑपरेटरों के पर्याप्त प्रशिक्षण का अभाव है। इसके अलावा जांच के दौरान स्कैनर का 160 केवी (kV) वोल्टेज दर्ज किया गया, जिसे निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप बताया गया।
रेलवे प्रशासन ने इस रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को जल्द से जल्द सभी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों और पार्सल की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था का लिया गया जायजा
जानकारी के अनुसार, रेलवे स्टेशन पर लगाए गए पार्सल स्कैनर की नियमित तकनीकी जांच की गई। इस दौरान विशेषज्ञों ने स्कैनर की कार्यक्षमता, एक्स-रे क्षमता, इमेज क्वालिटी, टीआईपी सिस्टम, सुरक्षा अलार्म और ऑपरेटर की कार्यशैली सहित कई तकनीकी पहलुओं का परीक्षण किया।
जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि पार्सल स्कैनर किसी भी संदिग्ध वस्तु, विस्फोटक सामग्री या प्रतिबंधित सामान की सही पहचान करने में पूरी तरह सक्षम है या नहीं।
टीआईपी सिस्टम में मिली तकनीकी खामियां
जांच रिपोर्ट के अनुसार, स्कैनर के टीआईपी (Threat Image Projection) सिस्टम में कुछ तकनीकी कमियां पाई गईं। टीआईपी सिस्टम सुरक्षा जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यह ऑपरेटर की सतर्कता और दक्षता की जांच करने के लिए स्कैनिंग के दौरान संदिग्ध वस्तुओं की कृत्रिम (वर्चुअल) छवियां प्रदर्शित करता है।
रिपोर्ट में कहा गया कि अधिकांश तकनीकी समस्याओं का समाधान कर लिया गया है, लेकिन दो खामियां अभी भी पूरी तरह ठीक नहीं हो सकी हैं। इन कमियों को दूर करने के लिए संबंधित एजेंसी को निर्देश दिए गए हैं।
ऑपरेटरों के प्रशिक्षण की कमी
जांच में सामने आया कि पार्सल स्कैनर संचालित करने वाले कुछ ऑपरेटरों को टीआईपी सिस्टम के उपयोग और संदिग्ध वस्तुओं की पहचान से संबंधित पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिला है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अत्याधुनिक मशीनें तभी प्रभावी साबित होती हैं, जब उन्हें संचालित करने वाले कर्मचारी पूरी तरह प्रशिक्षित हों। यदि ऑपरेटरों को नियमित प्रशिक्षण और रिफ्रेशर कोर्स उपलब्ध कराया जाए तो सुरक्षा जांच की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है।
रेलवे प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को ऑपरेटरों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
160 केवी वोल्टेज मानकों के अनुरूप
तकनीकी जांच के दौरान स्कैनर का 160 केवी (kV) वोल्टेज दर्ज किया गया। विशेषज्ञों ने इसे निर्धारित सुरक्षा और तकनीकी मानकों के अनुरूप बताया।
अधिकारियों के अनुसार, यह वोल्टेज मशीन की प्रभावी स्कैनिंग क्षमता को दर्शाता है और इससे पार्सल के भीतर रखी वस्तुओं की स्पष्ट इमेज प्राप्त होती है, जिससे संदिग्ध सामग्री की पहचान करने में आसानी होती है।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी
रेलवे प्रशासन लगातार सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। रेलवे स्टेशनों पर लगाए गए स्कैनर, सीसीटीवी कैमरे, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और सुरक्षा बलों की तैनाती को समय-समय पर परखा जाता है।
अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों और माल ढुलाई की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की तकनीकी कमी को गंभीरता से लिया जाता है और उसे शीघ्र दूर करने का प्रयास किया जाता है।
समय-समय पर होगी तकनीकी जांच
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पार्सल स्कैनर और अन्य सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच आगे भी जारी रहेगी। इससे मशीनों की कार्यक्षमता बनी रहेगी और सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
साथ ही, सुरक्षा उपकरणों के रखरखाव और सॉफ्टवेयर अपडेट पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि बदलती सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप सिस्टम हमेशा तैयार रहे।
यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि
रेलवे प्रशासन का कहना है कि स्टेशन परिसर में आने वाले हर पार्सल और सामान की जांच पूरी सतर्कता से की जाती है। आधुनिक तकनीक के साथ-साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन भी सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी उपकरणों का नियमित ऑडिट, समय पर रखरखाव और कर्मचारियों का निरंतर प्रशिक्षण रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाएगा।
आगे की कार्रवाई
जांच रिपोर्ट संबंधित उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। जिन दो कमियों को अभी तक दूर नहीं किया जा सका है, उन्हें जल्द से जल्द ठीक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और आवश्यक सुधार जल्द लागू किए जाएंगे।
इस तकनीकी निरीक्षण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के साथ-साथ प्रशिक्षित ऑपरेटर और नियमित निगरानी भी उतनी ही आवश्यक है। रेलवे प्रशासन का लक्ष्य यात्रियों और पार्सल परिवहन को पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है।