योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता, डीएम कुमार गौरव ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
मुजफ्फरपुर। जिले में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और सरकारी सेवाओं को आम जनता तक समय पर पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी कुमार गौरव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सरकार की प्रत्येक योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी विकासात्मक लक्ष्यों को पूरा करना सुनिश्चित करें।
समाहरणालय सभागार में आयोजित इस समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे। बैठक के दौरान डीएम ने विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा
बैठक में जिलाधिकारी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, कृषि, पेयजल, सड़क निर्माण, सामाजिक सुरक्षा, मनरेगा, आवास योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विभागवार समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य केवल बजट खर्च करना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार लाना है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि पात्र लाभार्थियों को बिना किसी भेदभाव और अनावश्यक देरी के योजनाओं का लाभ मिले।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे सरकारी लाभ
डीएम कुमार गौरव ने कहा कि प्रशासन की सफलता तभी मानी जाएगी, जब समाज के सबसे कमजोर और जरूरतमंद व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे क्षेत्र में नियमित भ्रमण करें, लाभार्थियों से संवाद स्थापित करें और योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का मौके पर समाधान करें।
उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र लोग योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।
अधिकारियों को जवाबदेही के साथ काम करने का निर्देश
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी विभाग अपने-अपने कार्यों के प्रति पूरी जिम्मेदारी निभाएं। लापरवाही, अनावश्यक विलंब और कार्यों में शिथिलता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपने विभाग की योजनाओं की नियमित निगरानी करें और समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जिन योजनाओं की गति धीमी है, उनमें तेजी लाने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।
विकास कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष जोर
डीएम ने कहा कि विकास योजनाओं में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। सड़क, भवन, पेयजल, विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुसार कराया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों का नियमित निरीक्षण करें और यदि कहीं गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी या संवेदक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जन शिकायतों का त्वरित समाधान जरूरी
बैठक में जिलाधिकारी ने जन शिकायतों के त्वरित निपटारे पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आम लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता दरबार, ऑनलाइन शिकायत पोर्टल और अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए।
पारदर्शिता और ईमानदारी पर दिया जोर
डीएम कुमार गौरव ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। सभी अधिकारी निष्पक्षता के साथ कार्य करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नियमित निरीक्षण, निगरानी और समीक्षा आवश्यक है।
समन्वय बनाकर करें कार्य
बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कई विकास योजनाएं एक से अधिक विभागों से जुड़ी होती हैं, इसलिए बेहतर समन्वय से ही योजनाओं का सफल क्रियान्वयन संभव है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी समस्या की स्थिति में आपसी संवाद बनाए रखें और समाधान निकालने का प्रयास करें, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों।
निर्धारित लक्ष्य समय पर करें पूरा
डीएम ने सभी विभागों को अपने-अपने वार्षिक और मासिक लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक योजना की नियमित समीक्षा की जाएगी और जिन विभागों का प्रदर्शन बेहतर होगा, उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा।
वहीं, लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
जनता के विश्वास को बनाए रखना जरूरी
बैठक के अंत में जिलाधिकारी कुमार गौरव ने कहा कि प्रशासन का सबसे बड़ा उद्देश्य जनता का विश्वास जीतना और उसे बनाए रखना है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे पूरी संवेदनशीलता, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करें ताकि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में हर पात्र व्यक्ति तक पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गति, गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित कर ही जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकता है। अधिकारियों को टीम भावना के साथ काम करते हुए जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना होगा।