मेला क्षेत्र में प्रशासनिक महकमे में हड़कंप; जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय और एसएसपी ने किया श्रावणी मेला क्षेत्र का औचक निरीक्षण, ड्यूटी से गायब मिले पुलिसकर्मियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
भागलपुर, विशेष संवाददाता: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान कानून-व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लेने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। मेला क्षेत्र की संवेदनशीलता और भारी भीड़ को देखते हुए भागलपुर की जिलाधिकारी (DM) अलंकृता पाण्डेय और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने बुधवार को संयुक्त रूप से श्रावणी मेला क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों शीर्ष अधिकारियों ने रूट लाइन, कांवरिया पथ, बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था की एक-एक बारीकी की जांच की। हालांकि, निरीक्षण के दौरान एक बड़ी लापरवाही सामने आई, जब कई जगहों पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी और प्रशासनिक कर्मी गायब मिले। अधिकारियों के इस औचक निरीक्षण से महकमे में हड़कंप मच गया है और अनुपस्थित मिले कर्मियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
अचानक मेला क्षेत्र में पहुंचे डीएम और एसएसपी, अधिकारियों में मचा हड़कंप
श्रावणी मेले में किसी भी प्रकार की चूक से बचने के लिए जिला प्रशासन के शीर्ष नेतृत्व ने खुद कमान संभाल रखी है:
जमीनी हकीकत का जायजा: जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय और एसएसपी ने बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक मेला क्षेत्र के संवेदनशील और मुख्य मार्गों का दौरा किया। उन्होंने कांवरियों के आने-जाने वाले रास्तों, पेयजल की व्यवस्था, स्वास्थ्य शिविरों और बिजली-रोशनी के इंतजामों का बारीकी से मुआयना किया।
अधिकारियों का सख्त रुख: निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों का मुख्य फोकस सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक मुस्तैदी पर था। उन्होंने रास्ते में मिलने वाले स्थानीय लोगों और कांवरियों से भी संवाद किया तथा उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान खुली पोल: ड्यूटी से नदारद मिले कई कर्मी
दौरे के दौरान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता तब सवालों के घेरे में आ गई जब निरीक्षण टीम ने ड्यूटी प्वाइंट्स की जांच की:
खाली पड़े मिले ड्यूटी पॉइंट्स: जिलाधिकारी और एसएसपी जब मेला क्षेत्र के विभिन्न सुरक्षा बिंदुओं (Checkpoints) और बैरिकेडिंग स्थलों पर पहुंचे, तो कई महत्वपूर्ण जगहों पर प्रतिनियुक्त पुलिसकर्मी और अधिकारी गायब मिले। भीषण गर्मी और मेले की भारी भीड़ के बीच सुरक्षा कर्मियों का अपनी ड्यूटी से इस तरह नदारद रहना प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है।
ऑन-द-स्पॉट अटेंडेंस और फटकार: मौके पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने गायब मिले कर्मियों की सूची तैयार कराई। लापरवाही को बेहद गंभीरता से लेते हुए डीएम और एसएसपी ने ड्यूटी से गैरकानूनी तरीके से गायब रहने वाले कर्मियों के खिलाफ कड़ी नाराजगी जताई।
कार्रवाई के निर्देश: स्पष्टीकरण तलब और वेतन कटौती की तैयारी
लापरवाही बरतने वाले कर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा, यह संदेश शीर्ष अधिकारियों ने मौके पर ही दे दिया:
स्पष्टीकरण (Show Cause): गायब पाए गए पुलिस और प्रशासनिक कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई (Disciplinary Action) की जाएगी।
चेतावनी: अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्रावणी मेला जैसे राष्ट्रीय और धार्मिक महत्व के आयोजन में किसी भी प्रकार की कोताही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ड्यूटी में लापरवाही बरतने वालों पर निलंबन की गाज भी गिर सकती है।
सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद करने के निर्देश
निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी और एसएसपी ने मेला संचालन से जुड़े अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक त्वरित समीक्षा बैठक की:
सीसीटीवी और ड्रोन से नजर: अधिकारियों ने निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखी जाए ताकि किसी भी असामाजिक तत्व पर तुरंत शिकंजा कसा जा सके।
यातायात और भीड़ नियंत्रण: कांवरियों को सुगम और सुरक्षित यात्रा प्रदान करने के लिए बैरिकेडिंग व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने तथा ट्रैफिक रूट का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय और एसएसपी द्वारा श्रावणी मेला क्षेत्र का यह औचक निरीक्षण यह संदेश देता है कि प्रशासन कानून-व्यवस्था के मामले में किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं है। ड्यूटी से गायब रहने वाले कर्मियों पर कार्रवाई की इस पहल से पूरे प्रशासनिक तंत्र में कड़ा संदेश गया है। उम्मीद है कि इस सख्ती के बाद मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मुस्तैद होगी, जिससे देश-विदेश से आने वाले शिवभक्तों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।