बिहार में मानसून की सुस्त चाल, मुजफ्फरपुर में 10 दिनों से ठिठका, दक्षिण बिहार में लू का प्रकोप

पटना। बिहार में इस वर्ष मानसून की प्रगति काफी धीमी बनी हुई है। पूर्णिया और किशनगंज के रास्ते प्रवेश करने के बाद, मानसून की उत्तरी सीमा पिछले 10 दिनों से मुजफ्फरपुर पर ही अटकी हुई है। इसके आगे न बढ़ने के कारण पटना, गयाजी, छपरा और बक्सर समेत दक्षिण-पश्चिम बिहार के 16 जिलों में मानसून का इंतजार और लंबा हो गया है।

मानसून की ठहरी रफ्तार: मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल मुजफ्फरपुर के आसपास स्थिर है। अनुकूल परिस्थितियों के अभाव में मानसून दक्षिण-पश्चिम बिहार में प्रवेश नहीं कर पा रहा है, जिससे इन इलाकों में पहुंचने में करीब एक हफ्ते की देरी हो चुकी है।

हीटवेव का संकट: मानसून की देरी का सीधा असर तापमान पर दिख रहा है। पटना, गया, छपरा और औरंगाबाद जैसे शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया है। उमस भरी गर्मी और लू (Heatwave) के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।

सीमांचल में स्थिति: उत्तर बिहार और सीमांचल (किशनगंज, अररिया, पूर्णिया) के इलाकों में छिटपुट बादल बन रहे हैं और कहीं-कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई है, जिससे वहां के लोगों को हल्की राहत मिली है।

पहलूस्थिति
मानसून की वर्तमान स्थितिमुजफ्फरपुर तक सीमित (10 दिनों से स्थिर)
देरी का कारणपुरवा हवा का धीमा प्रवाह और अनुकूल परिस्थितियों का अभाव
प्रभावित क्षेत्रपटना, गया, छपरा, बक्सर, कैमूर (दक्षिण-पश्चिम बिहार)
मौसम विभाग का अलर्ट23 जून के आसपास मानसून के आगे बढ़ने की अनुकूल परिस्थितियां

मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 23 जून, 2026 के आसपास स्थितियां बदलने की उम्मीद है, जिसके बाद मानसून के आगे बढ़ने और दक्षिण-पश्चिम बिहार में दस्तक देने की संभावना है। तब तक लोगों को भीषण गर्मी और उमस से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।