पीरपैंती में दुर्घटना के बाद विधायक मुरारी पासवान ने घायल बाइक सवार को पहुंचाया अस्पताल

पीरपैंती/भागलपुर: राजनीति और जनसेवा का वास्तविक अर्थ तब सार्थक होता है जब जनप्रतिनिधि सत्ता के गलियारों से बाहर निकलकर आम आदमी के दुख-दर्द में सीधे सहभागी बनते हैं। पीरपैंती क्षेत्र में बुधवार को एक ऐसी ही मानवीय संवेदना भरी घटना देखने को मिली, जिसने न केवल क्षेत्रवासियों का दिल जीत लिया, बल्कि एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सेवा का भाव पद से बड़ा होता है। पीरपैंती विधानसभा क्षेत्र के विधायक मुरारी पासवान ने सड़क दुर्घटना में घायल एक युवक के लिए 'देवदूत' बनकर न केवल उसकी जान बचाई, बल्कि उसे समय पर अस्पताल पहुंचाकर बेहतर इलाज सुनिश्चित किया।

घटनाक्रम: कटवा पहाड़ के पास पलटी बाइक

घटना पीरपैंती के सुप्रसिद्ध कटवा पहाड़ के समीप की है। पीड़ित युवक, जिसकी पहचान मुकेश राय के रूप में हुई है, अपनी बाइक से कहीं जा रहा था। कटवा पहाड़ के पास के घुमावदार और ढलान वाले रास्ते पर अचानक बाइक का संतुलन बिगड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक की रफ्तार अधिक होने और सड़क पर अचानक आए किसी मवेशी को बचाने के चक्कर में मुकेश नियंत्रण खो बैठा और बाइक सहित सड़क पर जा गिरा।

गिरने के कारण मुकेश के सिर और पैर में गंभीर चोटें आईं। वह दर्द से कराह रहा था और सड़क पर ही अचेत होने लगा था। आसपास से गुजरने वाले लोग तमाशबीन बने रहे, लेकिन उसी समय वहां से गुजर रहे पीरपैंती विधायक मुरारी पासवान की नजर दुर्घटनाग्रस्त युवक पर पड़ी।

विधायक की तत्परता: अपनी गाड़ी में पहुंचाया घायल को

घटनास्थल का मंजर देख विधायक मुरारी पासवान ने बिना एक पल गंवाए अपनी गाड़ी रुकवाई। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों और समर्थकों की मदद से घायल मुकेश राय को उठाया और अपनी ही सरकारी गाड़ी में उसे लिटाया। विधायक ने स्वयं पूरे रास्ते घायल युवक को ढांढस बंधाया और तत्काल पास के सरकारी स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के चिकित्सकों को फोन कर अलर्ट कर दिया।

अस्पताल पहुंचते ही विधायक ने डॉक्टरों को निर्देशित किया कि घायल को प्राथमिकता के आधार पर इलाज दिया जाए। अस्पताल परिसर में विधायक को अपने बीच पाकर न केवल वहां के कर्मी मुस्तैद हो गए, बल्कि मुकेश के परिजनों को भी एक बड़ा संबल मिला।

प्राथमिक उपचार और मायागंज रेफर

स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के दौरान पाया गया कि मुकेश के सिर में गहरी चोट है और अधिक रक्तस्राव (bleeding) के कारण उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। पीरपैंती के स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में न्यूरो संबंधी इलाज की सीमित सुविधाओं को देखते हुए, चिकित्सकों ने उसे भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मायागंज) रेफर करने की सलाह दी।

विधायक मुरारी पासवान ने एम्बुलेंस का प्रबंध करवाया और यह सुनिश्चित किया कि युवक को अस्पताल पहुंचाने के दौरान कोई देरी न हो। उन्होंने खुद अपने प्रतिनिधि को युवक के साथ मायागंज अस्पताल भेजा ताकि इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही न हो।

क्षेत्र में सराहना का दौर

विधायक के इस मानवीय कदम की पूरे पीरपैंती में चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अक्सर जनप्रतिनिधि व्यस्तता का हवाला देकर निकल जाते हैं, लेकिन मुरारी पासवान का रुककर एक आम नागरिक की मदद करना अनुकरणीय है। यह उनके सरल व्यक्तित्व और जन-सरोकार के प्रति उनकी निष्ठा को दर्शाता है।

घटना के बाद मुकेश राय के परिजनों ने विधायक का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "विधायक जी नहीं होते तो शायद समय पर अस्पताल पहुंचना मुश्किल हो जाता। उन्होंने न केवल इलाज का प्रबंध किया, बल्कि हमारे परिवार को हिम्मत भी दी।"

सड़क सुरक्षा का प्रश्न

इस घटना ने कटवा पहाड़ के पास की सड़कों की बदहाल स्थिति और सुरक्षा के मानकों पर भी सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कटवा पहाड़ के पास घुमावदार मोड़ होने के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। यहां पर चेतावनी बोर्ड (Signage) और ब्रेकर की कमी को लेकर स्थानीय प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया है।

विधायक मुरारी पासवान ने भी इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि उन चिह्नित स्थानों पर 'ब्लैक स्पॉट' चिन्हित किए जाएं और सुरक्षा मानकों को पूरा किया जाए ताकि भविष्य में किसी और मुकेश राय को इस तरह की दुर्घटना का शिकार न होना पड़े।

एक जनप्रतिनिधि का असली धर्म जनता की रक्षा करना है, जिसे विधायक मुरारी पासवान ने बखूबी निभाया है। मुकेश राय फिलहाल मायागंज अस्पताल में उपचाराधीन है और चिकित्सकों के अनुसार उसकी स्थिति अब खतरे से बाहर है।

यह घटना हमें याद दिलाती है कि सड़क दुर्घटना के समय हर मिनट कीमती होता है। यदि समय पर सहयोग मिले, तो एक जान बचाई जा सकती है। विधायक का यह कदम समाज में 'सड़क सुरक्षा' और 'परस्पर सहयोग' का एक बड़ा संदेश बनकर उभरा है।