बिहार के मुजफ्फरपुर और दरभंगा में औद्योगिक पार्क का मेगा प्लान: केंद्र सरकार को भेजा गया प्रस्ताव

बिहार के औद्योगिक विकास की दिशा में नीतीश-सम्राट सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। राज्य के दो प्रमुख शहरों—मुजफ्फरपुर और दरभंगा—में अत्याधुनिक औद्योगिक पार्क (Industrial Park) विकसित करने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इसके लिए दोनों ही स्थानों पर उपयुक्त जमीन की पहचान भी पूरी कर ली जा चुकी है। राज्य सरकार की ओर से इस महत्वाकांक्षी औद्योगिक पार्क से संबंधित विस्तृत प्रस्ताव औपचारिक रूप से केंद्र सरकार के पास स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है।

मुजफ्फरपुर और दरभंगा में औद्योगिक विस्तार की योजना

उत्तर बिहार के दो सबसे बड़े व्यावसायिक और सांस्कृतिक केंद्रों के रूप में पहचाने जाने वाले मुजफ्फरपुर और दरभंगा को औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने की लंबे समय से मांग की जा रही थी। इस नई योजना के तहत:

मुजफ्फरपुर: उत्तर बिहार के लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग सेंटर के रूप में स्थापित मुजफ्फरपुर में बड़े पैमाने पर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए जमीन चिह्नित की गई है। यहां टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और लाइट मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को प्राथमिकता मिलने की उम्मीद है।

दरभंगा: मिथिलांचल के मुख्य केंद्र दरभंगा में भी औद्योगिक गतिविधियों को रफ्तार देने के लिए जमीन का चयन कर लिया गया है। एयरपोर्ट और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के चलते यहां निवेशकों की विशेष रुचि रहने की संभावना है।

 केंद्र सरकार को भेजा गया प्रस्ताव

राज्य सरकार के उद्योग विभाग द्वारा इन दोनों औद्योगिक पार्कों की स्थापना से जुड़ी तमाम औपचारिकताओं को पूरा कर लिया गया है। जमीन की उपलब्धता, कनेक्टिविटी, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का खाका तैयार करने के बाद इसका प्रस्ताव केंद्रीय औद्योगिक नीति और संवर्द्धन विभाग (DPIIT) व संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों को भेजा गया है।

केंद्र सरकार से हरी झंडी मिलने और वित्तीय सहायता सुनिश्चित होने के बाद इन पार्कों के निर्माण कार्य में तेजी आएगी।

 बिहार में औद्योगिकीकरण और रोजगार के नए अवसर

इन दोनों औद्योगिक पार्कों के बनने से राज्य की आर्थिकी को एक नई गति मिलने की उम्मीद है:

रोजगार सृजन: स्थानीय युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार के बेहतर और प्रत्यक्ष अवसर मिल सकेंगे, जिससे बड़े पैमाने पर पलायन पर रोक लगेगी।

निवेशकों को प्रोत्साहन: सरकार की कोशिश है कि निवेशकों को सिंगल विंडो सिस्टम के तहत सभी अनुमतियां आसानी से मिलें, जिससे बिहार में देश-विदेश के बड़े उद्योगपति निवेश के लिए आकर्षित हों।

केंद्र से प्रस्ताव पर मुहर लगते ही इन दोनों जिलों में भूमि विकास और बुनियादी ढांचे के निर्माण का काम धरातल पर शुरू कर दिया जाएगा।