विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान यातायात और परिवहन व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए जिला प्रशासन का बड़ा कदम; बांका, भागलपुर, मुंगेर और पटना से आने वाले वाहनों के लिए नए ट्रैफिक रूट और पार्किंग स्थलों का निर्धारण

भागलपुर, विशेष संवाददाता: सिल्क सिटी भागलपुर के सुल्तानगंज में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान देश के विभिन्न जिलों से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं, कांवड़ियों और पर्यटकों की सुगम आवाजाही को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक ट्रैफिक प्लान लागू किया है। मेले के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने और शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से विभिन्न सेक्टरों में बांटा गया है। इसी कड़ी में बांका, भागलपुर, मुंगेर और पटना की ओर से आने वाली बड़ी और छोटी गाड़ियों के लिए अलग-अलग ट्रैफिक एवं पार्किंग स्थलों की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है।

बांका और मुंगेर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए व्यवस्था

श्रावणी मेले के दौरान बांका और पड़ोसी जिले मुंगेर (असरगंज क्षेत्र) से आने वाले भारी और हल्के वाहनों के लिए विशेष मार्ग और पड़ाव तय किए गए हैं:

बड़ी गाड़ियों का ठहराव: बांका और मुंगेर (असरगंज) की तरफ से आने वाली सभी बड़ी गाड़ियां बाईपास एनएच-80 स्थित निर्माणाधीन फोरलेन के पास ‘बाबा चौक’ के समीप रोकी जाएंगी, ताकि वे शहर के अंदर प्रवेश कर भीड़भाड़ का कारण न बनें।

छोटी गाड़ियों के लिए पार्किंग: बांका और मुंगेर की तरफ से आने वाले छोटे वाहन भी मुख्य रूप से बाबा चौक के पास निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही खड़े किए जाएंगे। इसके अलावा बांका-तारापुर-असरगंज मार्ग से आने वाली अन्य गाड़ियों के लिए कमरगंज दुर्गा स्थान, नोनसर बासा, नादरपुर, कमराय चौक और सुल्तानगंज के समीप चिह्नित बाईपास रोड के पार्किंग स्थलों को सुरक्षित किया गया है।

भागलपुर और अकबरनगर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए ट्रैफिक स्थल

भागलपुर शहर और अकबरनगर की दिशा से सुल्तानगंज आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए निम्नलिखित जगहों को चिन्हित किया गया है:

बड़ी गाड़ियों की पार्किंग: भागलपुर और अकबरनगर की ओर से आने वाली बड़ी व्यावसायिक व निजी गाड़ियां डोमासी त्रिमुहानी (तिलकपुर), सिंघला कंपनी की पार्किंग और उससे जुड़े बाईपास रोड परिसर में पार्क की जाएंगी।

प्रखंड कार्यालय परिसर का उपयोग: बांका एवं अकबरनगर की तरफ से आने वाले छोटे वाहनों को सुचारू रूप से खड़ा करने के लिए प्रखंड कार्यालय (सुल्तानगंज) परिसर को मुख्य पार्किंग जोन बनाया गया है, जिससे यात्रियों को गंगा तट के नजदीक पहुंचने में सहूलियत हो सके।

पटना और मुंगेर (घोरघट) की तरफ से आने वाले वाहनों की व्यवस्था

राजधानी पटना तथा मुंगेर के घोरघट की ओर से पश्चिम दिशा से आने वाले वाहनों के लिए विशेष ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है:

कृष्णगढ़ और मसदी बगीचा क्षेत्र: पटना और मुंगेर की तरफ (घोरघट के रास्ते) आने वाली छोटी गाड़ियों और निजी वाहनों के लिए कृष्णगढ़ चौक विद्यालय के पास, मसदी बगीचा पार्किंग तथा पंचायत सरकार भवन के प्रांगण को आधिकारिक पार्किंग स्थल घोषित किया गया है।

इन स्थानों पर यातायात पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि वाहन चालकों को किसी प्रकार की दुविधा न हो और वे व्यवस्थित ढंग से अपने वाहन खड़े कर सकें।

मुख्य मेला क्षेत्र में चार प्रमुख सड़कों पर वाहनों का पूर्ण प्रतिबंध

श्रावणी मेले के दौरान उमड़ने वाली भारी पैदल भीड़ और सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए जिला प्रशासन ने मेला क्षेत्र की चार प्रमुख सड़कों पर सभी प्रकार के वाहनों के परिचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है:

कृष्णगढ़ से बाजार चौक होते हुए थाना चौक तक का मार्ग।

थाना मोड़ से बाजार चौक होते हुए कृष्णगढ़ तक का मार्ग।

बाईपास मोड़ से घाट चौक तक जाने वाली सड़क।

कृष्णगढ़ से उत्तर घाट की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग।

टोटो और मालवाहक वाहनों के लिए नियम: नए बाईपास एनएच-80 से कृष्णगढ़ की ओर जाने वाले सामान्य वाहनों (टोटो को छोड़कर) का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, ताकि पैदल चलने वाले कांवरियों को कोई असुविधा न हो। वहीं, बाजार क्षेत्र में दैनिक उपयोग की सामग्री और माल की आपूर्ति करने वाले छोटे मालवाहक वाहनों के लिए केवल रात्रि 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। मोटरसाइकिल चालकों के लिए भी निकटतम छोटे पार्किंग स्थलों (जैसे जयनगर बगीचा) की व्यवस्था की गई है।

बांका, भागलपुर, मुंगेर और पटना से आने वाले वाहनों के लिए ट्रैफिक स्थलों और पार्किंग जोन का यह सुव्यवस्थित निर्धारण जिला प्रशासन की दूरदर्शिता को दर्शाता है। इन कड़े ट्रैफिक प्रबंधों और रूट डायवर्जन के लागू होने से न केवल शहर में लगने वाले लंबे जाम से निजात मिलेगी, बल्कि देश भर से आने वाले शिवभक्तों की यह पावन कांवर यात्रा अधिक सुरक्षित, अनुशासित और सुगम बन सकेगी।