लहेरियासराय थाना क्षेत्र के बाकरगंज स्थित लोहिया चौक के पास संचालित मेडिकल दुकान में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: संदिग्ध गतिविधियों और अवैध कारोबार की सूचना पर छापेमारी से दवा व्यवसायियों में मचा हड़कंप

दरभंगा: बिहार के दरभंगा जिले के संवेदनशील और व्यस्त इलाकों में शुमार लहेरियासराय थाना क्षेत्र से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। लहेरियासराय पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए बाकरगंज मोहल्ले में स्थित लोहिया चौक (Lohia Chowk) के समीप संचालित एक निजी मेडिकल दुकान (औषधि प्रतिष्ठान) पर छापेमारी की। इस अचानक हुई पुलिसिया कार्रवाई से पूरे इलाके के दवा कारोबारियों और दुकानदारों में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जानकारियों के अनुसार, यह छापेमारी किसी विशेष और संदिग्ध गतिविधियों, अवैध दवाइयों के भंडारण या प्रशासनिक नियमों के उल्लंघन की गुप्त सूचना के आधार पर की गई है। पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर दुकान के अंदर रखे तमाम दस्तावेजों, दवाइयों के स्टॉक और लाइसेंस से जुड़े कागजातों की गहन जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।

छापेमारी की पृष्ठभूमि: कैसे मिली पुलिस को गुप्त सूचना?

लहेरियासराय पुलिस पिछले कुछ दिनों से अपने क्षेत्र में अवैध गतिविधियों और संदिग्ध कारोबार पर पैनी नजर बनाए हुए थी।

अवैध कारोबार की सुगबुगाहट: पुलिस को मुखबिरों के जरिए यह पुख्ता सूचना मिली थी कि बाकरगंज स्थित लोहिया चौक के पास एक मेडिकल दुकान की आड़ में कुछ संदिग्ध या प्रतिबंधित दवाइयों का कारोबार संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा, बिना वैध लाइसेंस या योग्य फार्मासिस्ट के दवाओं की खरीद-फविक्र की शिकायतें भी मिल रही थीं।

अचानक हुई कार्रवाई: सूचना की संवेदनशीलता को देखते हुए लहेरियासराय थाना अध्यक्ष और स्थानीय पुलिस बल की एक विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से लोहिया चौक के पास स्थित उस मेडिकल दुकान पर अचानक धावा बोल दिया। पुलिस को अचानक अपने सामने देखकर दुकान संचालक और वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए।

दुकान के अंदर पुलिस की जांच और जब्ती की कार्रवाई

छापेमारी के दौरान पुलिस ने दुकान के शटर को अपने नियंत्रण में ले लिया और दुकान के भीतर सघन तलाशी अभियान चलाया।

दस्तावेजों और लाइसेंस की जांच: पुलिस टीम ने दुकान के मालिक से ड्रग लाइसेंस (Drug License), जीएसटी पेपर, और दुकान संचालन से जुड़े अन्य कानूनी दस्तावेज मांगे। कागजातों में अनियमितता पाए जाने पर पुलिस ने उन्हें अपने कब्जे में ले लिया।

दवाइयों के स्टॉक का मिलान: दुकान के भीतर अलमारियों और गोदाम में रखी गई विभिन्न प्रकार की जीवनरक्षक और अन्य दवाइयों के स्टॉक की भौतिक जांच की गई। पुलिस यह जांच कर रही है कि कहीं दुकान में कोई प्रतिबंधित, नशीली या अवैध कफ सिरप व अन्य प्रतिबंधित दवाएं तो नहीं बेची जा रही थीं, जिनका इस्तेमाल गलत कार्यों के लिए किया जाता हो।

स्थानीय बाजार में मची खलबली और लोगों की प्रतिक्रिया

लोहिया चौक दरभंगा का एक प्रमुख और व्यस्त व्यावसायिक केंद्र है। यहां दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहता है। अचानक किसी मेडिकल दुकान पर पुलिस की भारी मौजूदगी और छापेमारी को देखकर आसपास के अन्य दुकानदारों में भारी अफरातफरी मच गई।

दवा कारोबारियों में चर्चा का बाजार गर्म: कई अन्य मेडिकल दुकानदारों ने अपनी दुकानें कुछ समय के लिए एहतियातन बंद कर दीं। लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया कि आखिर किस मामले को लेकर पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की है।

प्रशासन की सख्ती: स्थानीय जागरूक नागरिकों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य से जुड़े खिलवाड़ और अवैध दवाइयों के कारोबार पर इसी तरह सख्त रोक लगनी चाहिए, ताकि आम जनता के जीवन के साथ कोई खिलवाड़ न कर सके।

पुलिस का आधिकारिक बयान और आगे की कानूनी कार्रवाई

लहेरियासराय थाना के अधिकारियों ने इस छापेमारी के संबंध में बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर यह रूटीन और विशेष जांच अभियान चलाया गया है।

कार्रवाई जारी रहेगी: पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दुकान से जब्त किए गए कागजातों और दवाओं के नमूनों को औषधि विभाग (Drug Inspector) के पास जांच के लिए भेजा जा रहा है। यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध गतिविधि पाई जाती है, तो संबंधित दुकान संचालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी।

 लहेरियासराय थाना क्षेत्र के बाकरगंज लोहिया चौक के पास मेडिकल दुकान में हुई यह पुलिसिया कार्रवाई यह दर्शाती है कि प्रशासन अब स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बरतने के मूड में नहीं है। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से दवा माफियाओं और अवैध कारोबारियों में गहरा खौफ व्याप्त हो गया है।