गया के वजीरगंज में बड़ा हादसा टला: 1.33 लाख वोल्ट के हाई-टेंशन टावर पर चढ़ा किशोर; स्थानीय लोगों और पुलिस की सूझबूझ से सुरक्षित नीचे उतारा गया, मची अफरा-तफरी
गया: बिहार के गया जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक किशोर अचानक मानसिक असंतुलन, किसी पारिवारिक जिद या अनजाने में 1.33 लाख वोल्ट (132 KV / 1.33 लाख वोल्ट) की क्षमता वाले अत्यंत खतरनाक हाई-टेंशन बिजली के टावर पर जा चढ़ा। इतने हाई-वोल्टेज टॉवर पर किसी इंसान को चढ़े देख आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। टावर के ऊपर लटक रहे किशोर को देखकर हर किसी की सांसें थम गईं क्योंकि एक छोटी सी चूक या करंट प्रवाहित होने पर बड़ा अनर्थ हो सकता था। गनीमत यह रही कि स्थानीय लोगों, पुलिस प्रशासन और बिजली विभाग की सूझबूझ तथा तत्परता के चलते समय रहते बिजली आपूर्ति कटवा दी गई और घंटों की मशक्कत के बाद किशोर को सकुशल नीचे उतार लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना की शुरुआत: कैसे हाई-टेंशन टावर पर चढ़ा किशोर?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वजीरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक खुले इलाके में बिजली विभाग का यह विशाल हाई-टेंशन टावर स्थापित है, जिसके जरिए भारी मात्रा में विद्युत आपूर्ति की जाती है।
अचानक चढ़ाई: स्थानीय लोगों के मुताबिक, किशोर अचानक किसी बात को लेकर मानसिक तनाव में था या बिना किसी डर के उस भारी-भरकम लोहे के टावर पर तेजी से ऊपर चढ़ने लगा। जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक वह काफी अधिक ऊंचाई पर जा चुका था।
खतरे का अंदेशा: 1.33 लाख वोल्ट का यह टावर बेहद खतरनाक होता है, जिसके पास जाने मात्र से मैग्नेटिक फील्ड और करंट के डिस्चार्ज होने का भारी खतरा रहता है। टावर के इतने ऊंचे हिस्से पर किशोर को टहलते या बैठे देख नीचे खड़े लोगों के होश उड़ गए और लोग चिल्ला-चिल्लाकर उसे नीचे उतरने की गुहार लगाने लगे।
अफरा-तफरी और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
हाई-टेंशन टावर पर किशोर के चढ़ने की खबर जंगल में आग की तरह पूरे वजीरगंज बाजार और आसपास के गांवों में फैल गई। कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई।
तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कराना: स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए स्थानीय जागरूक लोगों ने तुरंत वजीरगंज थाना पुलिस और बिजली विभाग (Electricity Department) के अधिकारियों को फोन पर सूचना दी। बिजली विभाग ने बिना एक पल गंवाए उस क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति (Power Supply) को पूरी तरह ठप करवा दिया। बिजली कटने के बाद लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली, क्योंकि इससे बड़ा करंट लगने का खतरा टल गया था।
पुलिस और स्थानीय लोगों का रेस्क्यू प्रयास: सूचना मिलते ही वजीरगंज थाने की पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुँची। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया और सूझबूझ से काम लेते हुए कुछ स्थानीय युवकों और समझदार लोगों को किशोर से बातचीत करने के लिए आगे किया।
घंटों की मान-मनौव्वल और सुरक्षित रेस्क्यू
टावर के ऊपर बैठे किशोर को नीचे उतारना आसान नहीं था क्योंकि वह काफी डरा हुआ था और किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हो रहा था।
समझाइश का दौर: नीचे खड़े लोग और पुलिसकर्मी लगातार लाउडस्पीकर या चिल्लाकर उसे प्यार से समझा रहे थे कि उसे कोई नुकसान नहीं पहुँचाया जाएगा। उसे सुरक्षित नीचे उतरने के लिए लगातार भरोसा दिलाया जा रहा था।
कुशलतापूर्वक नीचे उतारना: काफी देर तक चले मान-मनौव्वल और संयम के बाद किशोर की जिद थोड़ी कम हुई। इसके बाद कुछ स्थानीय साहसी लोग और रेस्क्यू में मदद करने वाले युवक सावधानीपूर्वक टावर पर ऊपर चढ़े और उसे सुरक्षित तरीके से पकड़कर नीचे उतार लाए। किशोर के जमीन पर सकुशल उतरते ही वहां मौजूद हजारों लोगों की भीड़ ने राहत की सांस ली और पुलिस प्रशासन ने चैन की नींद ली।
गया के वजीरगंज में घटी यह घटना भले ही एक गंभीर खतरे के रूप में सामने आई थी, लेकिन समय रहते उठाए गए कदमों और लोगों की बहादुरी ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। 1.33 लाख वोल्ट के हाई-टेंशन टावर पर किशोर का चढ़ना यह भी रेखांकित करता है कि ऐसे खुले और खतरनाक विद्युत प्रतिष्ठानों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए ताकि कोई नासमझ या बच्चा वहां तक न पहुँच सके। फिलहाल, किशोर के सुरक्षित मिलने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है और इस साहसिक रेस्क्यू की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है।