बड़ी कार्रवाई: भवन निर्माण विभाग के निदेशक पवन कुमार के 6 ठिकानों पर EOU की ताबड़तोड़ छापेमारी, 3.89 करोड़ से अधिक की काली कमाई का खुलासा

पटना / ब्यूरो: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ नीतीश सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आज एक और बड़ी कार्रवाई की है। भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता सह निदेशक (निरूपण इकाई) पवन कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (DA Case) अर्जित करने के मामले में EOU ने शिकंजा कस दिया है।

बुधवार को विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी वारंट मिलने के बाद EOU की अलग-अलग टीमों ने पवन कुमार के पटना, भागलपुर, नोएडा और दिल्ली समेत कुल छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की।

कमाई से 103% अधिक संपत्ति, दर्ज हुआ केस

जांच एजेंसी (EOU) द्वारा किए गए सत्यापन में यह बात सामने आई है कि पवन कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर अवैध संपत्ति बनाई है।

अवैध संपत्ति का आकलन: प्रथम दृष्टया 3 करोड़ 89 लाख 79 हजार रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के ठोस साक्ष्य मिले हैं।

ज्ञात आय से अधिक: यह काली कमाई उनकी वैध और ज्ञात आय से लगभग 103.94 प्रतिशत अधिक है।

दर्ज हुई FIR: EOU थाना ने कांड संख्या-12/26 दर्ज कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

इन 6 ठिकानों पर एक साथ चल रही है रेड

भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ EOU ने बिहार से लेकर दिल्ली-NCR तक जाल बिछाया है। छापेमारी मुख्य रूप से इन जगहों पर जारी है:

पटना: उत्तरी श्रीकृष्णापुरी स्थित 'यमुना निवास अपार्टमेंट' का फ्लैट संख्या B-305।

पटना: पवन कुमार का सरकारी कार्यालय।

भागलपुर: तिलकामांझी स्थित आनंदगढ़ कॉलोनी का निजी मकान।

नोएडा: सेक्टर-75 स्थित शानदार फ्लैट।

नोएडा: एक अन्य आवासीय ठिकाना।

नई दिल्ली: द्वारका सेक्टर-10 स्थित फ्लैट।

डीएसपी और इंस्पेक्टर संभाल रहे हैं कमान

EOU के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक (DSP) और पुलिस निरीक्षक (Inspector) स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि तलाशी अभियान पूरी तरह समाप्त होने के बाद बरामद नकदी, जेवरात और जमीन के कागजात से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।