निर्माण कार्य के दौरान तीसरी मंजिल से गिरे मजदूर की मौत, कामगारों का फूटा गुस्सा

राजधानी पटना के बाल्मी (WALMI) स्थित पुलिस कॉलोनी में मंगलवार को एक हृदय विदारक हादसा हुआ। निर्माण कार्य में लगे एक मजदूर की तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। इस घटना के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और आक्रोशित मजदूरों ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए काम बंद कर दिया।

घटना का विवरण: निर्माणाधीन भवन में सुरक्षा में चूक

जानकारी के अनुसार, मृतक मजदूर पुलिस कॉलोनी में बन रही एक बहुमंजिला इमारत में काम कर रहा था। मंगलवार की सुबह जब वह तीसरी मंजिल पर निर्माण कार्य में व्यस्त था, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे जमीन पर आ गिरा। ऊंचाई से गिरने के कारण उसे सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।

आनन-फानन में अन्य मजदूरों और साइट सुपरवाइजर ने उसे इलाज के लिए निकट के अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। मजदूर की मौत की खबर मिलते ही निर्माण कार्य स्थल पर काम कर रहे अन्य श्रमिक इकट्ठा हो गए।

मजदूरों का आक्रोश: मुआवजे और सुरक्षा की मांग

मजदूर की मौत के बाद निर्माण स्थल पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई। आक्रोशित मजदूरों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। मजदूरों का कहना है कि न तो उन्हें हेलमेट, बेल्ट या सेफ्टी नेट जैसी बुनियादी सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए गए थे और न ही कार्यस्थल पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा था।

काम बंद का आह्वान: गुस्साए साथियों ने मांग पूरी न होने तक काम ठप करने का निर्णय लिया।

मुआवजे की मांग: मजदूरों ने ठेकेदार और निर्माण कंपनी के प्रतिनिधियों से पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग की है।

सुरक्षा की गारंटी: आक्रोशित श्रमिकों का कहना है कि जब तक ठेकेदार भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा की पुख्ता गारंटी नहीं देता, वे काम पर नहीं लौटेंगे।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। पुलिस फिलहाल ठेकेदार की तलाश कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसने की थी।

निर्माण क्षेत्र में सुरक्षा मानकों का अभाव

यह घटना राजधानी पटना में चल रहे निर्माण कार्यों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है। अक्सर देखा जाता है कि ऊंची इमारतों के निर्माण के दौरान मजदूरों की सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं दी जाती है।

नियमों की अनदेखी: लेबर कानूनों के तहत कार्यस्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम अनिवार्य हैं, लेकिन लागत कम करने के चक्कर में कई ठेकेदार इन नियमों का पालन नहीं करते।

प्रशासनिक लापरवाही: संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर निर्माण स्थलों का निरीक्षण न करना भी ऐसी घटनाओं का एक बड़ा कारण है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतक मजदूर अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। इस असमय मौत ने परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। मंगलवार की दोपहर तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे थे, जिससे मजदूरों का गुस्सा और अधिक बढ़ता गया। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि प्रशासन को निजी निर्माण कंपनियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य मजदूर को अपनी जान न गंवानी पड़े।

बाल्मी पुलिस कॉलोनी की यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि विकास की चकाचौंध के पीछे मजदूरों का पसीना और कई बार उनकी जान भी जाती है। किसी भी इमारत की नींव ईंटों से नहीं, बल्कि मजदूरों की मेहनत से खड़ी होती है, लेकिन उनकी सुरक्षा को नजरअंदाज करना अक्षम्य है। सरकार और श्रम विभाग को इस मामले में कड़ी दखल देते हुए दोषी ठेकेदार पर कार्रवाई करनी चाहिए और पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता प्रदान करनी चाहिए।