नमामि गंगे घाट पर अधिकारियों की बढ़ती चहल-पहल से तैयारियों को मिली रफ्तार, श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए सज रहा सुल्तानगंज

सुल्तानगंज (भागलपुर): विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 के आयोजन में अब कुछ ही दिन शेष बचे हैं, जिसे लेकर सुल्तानगंज में तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। उत्तरवाहिनी गंगा तट स्थित 'नमामि गंगे घाट' पर जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों की बढ़ती आवाजाही ने व्यवस्थाओं को और गति प्रदान कर दी है। मेला क्षेत्र में सुरक्षा, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर प्रशासन इस बार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहता।

अधिकारियों का सघन निरीक्षण और सक्रियता

पिछले कुछ दिनों से सुल्तानगंज में प्रशासनिक अधिकारियों का लगातार जमावड़ा देखा जा रहा है। जिलाधिकारी अलंकृता पांडे और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने स्वयं नमामि गंगे घाट और कांवरिया पथ का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया है। निरीक्षण के दौरान नगर परिषद, स्वास्थ्य विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED), और बिजली विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि 30 जुलाई से शुरू होने वाले मेले से पहले सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएं।

अधिकारियों की इन निरंतर यात्राओं का असर धरातल पर दिखने लगा है। घाटों की सफाई, मरम्मत और कांवरिया पथ के सुदृढ़ीकरण का काम तेजी से चल रहा है।

नमामि गंगे घाट पर विशेष इंतजाम

इस वर्ष नमामि गंगे घाट को श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत सुरक्षित और आकर्षक बनाने की तैयारी है। प्रमुख आकर्षण और व्यवस्थाएं इस प्रकार हैं:

सुरक्षा के कड़े प्रबंध: घाट पर लगे हाई-मास्ट लाइटों के पोल को विशेष 'फाइबर इंसुलेटर' से कवर किया गया है ताकि बारिश और नमी के दौरान विद्युत दुर्घटना की कोई संभावना न रहे।

शिव थीम पर साज-सज्जा: गंगा तट को भगवान शिव की थीम पर आधारित थ्रीडी पेंटिंग और कलाकृतियों से सजाया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं को एक दिव्य अनुभव प्रदान करेगा।

स्वच्छता का विशेष अभियान: घाट से लेकर कांवरिया पथ तक सफाई के लिए दो पालियों में सफाईकर्मियों की तैनाती की गई है। साथ ही, कचरा निस्तारण के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।

श्रद्धालुओं के लिए नए अनुभव

प्रशासन ने इस बार श्रद्धालुओं को केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि एक बेहतर सांस्कृतिक अनुभव देने की भी योजना बनाई है। जिलाधिकारी के अनुसार, इस बार मेला क्षेत्र में ड्रोन शो और लेजर शो का आयोजन किया जाएगा। कांवरिया पथ पर चलने वाले श्रद्धालुओं को तपती गर्मी से राहत देने के लिए विशेष पेंटिंग और बालू की परत बिछाने जैसे कार्य किए जा रहे हैं। इसके अलावा, पूरे मेला क्षेत्र में शिव भजनों का प्रसारण किया जाएगा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहेगा।

भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए 12 अस्थायी पुलिस आउटपोस्ट बनाने की योजना है। स्टेशन से लेकर घाट तक सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है।

प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि 30 जुलाई तक सभी बुनियादी सुविधाएं जैसे पेयजल, शौचालय, और प्रकाश व्यवस्था सुचारू कर दी जाएगी। स्थानीय निवासियों और कांवरियों का मानना है कि अधिकारियों की बढ़ती सक्रियता से इस बार की यात्रा पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और यादगार होगी।