झाड़ियों में लावारिस हालत में मिली नवजात बच्ची, ग्रामीणों की सतर्कता से बची जान
सबौर (भागलपुर): भागलपुर जिले के सबौर थाना क्षेत्र अंतर्गत सरधो गांव में रविवार को मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। गांव के बाहरी इलाके में सड़क किनारे झाड़ियों के बीच एक नवजात शिशु लावारिस हालत में पड़ा मिला। बच्ची के मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जमा हो गए।
झाड़ियों से आई रोने की आवाज
रविवार की सुबह जब ग्रामीण अपने नित्य कर्मों के लिए या खेतों की ओर जा रहे थे, तभी झाड़ियों के भीतर से किसी के रोने की धीमी आवाज सुनाई दी। पहले तो लोगों को लगा कि शायद कोई जानवर होगा, लेकिन जब कुछ जागरूक ग्रामीणों ने पास जाकर देखा तो वे दंग रह गए। वहां कपड़े में लिपटा हुआ एक नवजात शिशु पड़ा था। बच्ची को वहां किसी ने अज्ञात कारणों से छोड़ दिया था।
ठंड और बारिश के मौसम में, नवजात बच्ची का झाड़ियों में इस तरह लावारिस मिलना बेहद हृदयविदारक था। ग्रामीण बच्ची को सुरक्षित निकालकर तुरंत अपने पास लाए और उसे गर्म कपड़े में लपेटा। लोगों का कहना है कि बच्ची जिस स्थिति में वहां पड़ी थी, वह किसी भी अनहोनी का शिकार हो सकती थी।
ग्रामीणों की तत्परता और पुलिस की कार्रवाई
ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घटना की सूचना तुरंत सबौर पुलिस को दी। इसके साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) को भी इस मामले से अवगत कराया गया। सूचना मिलते ही सबौर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को अपने संरक्षण में लिया। पुलिस के सहयोग से नवजात को आनन-फानन में इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने बच्ची की जांच की और राहत की बात यह रही कि वह स्वस्थ है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर देखभाल के लिए विशेष चिकित्सा इकाई में स्थानांतरित कर दिया गया है।
इलाके में चर्चा का विषय
सरधो गांव में हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है। लोग बच्ची को छोड़ने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय रहते किसी ने रोने की आवाज नहीं सुनी होती, तो बच्ची की जान भी जा सकती थी। इस मामले में पुलिस का कहना है कि वे आसपास के इलाकों में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहे हैं और गांव के लोगों से पूछताछ कर रहे हैं ताकि बच्ची के परिजनों या उसे छोड़ने वाले व्यक्ति का पता लगाया जा सके।
सामाजिक सुरक्षा पर सवाल
यह घटना समाज के उस काले चेहरे को उजागर करती है, जहां अभी भी कन्याओं को लेकर पुरानी और संकीर्ण सोच कायम है। हालांकि, ग्रामीणों की सतर्कता ने एक मासूम की जान बचाकर यह संदेश दिया है कि मानवता अभी भी जीवित है। चाइल्ड हेल्पलाइन के अधिकारियों ने बताया कि नियमानुसार बच्ची को बाल कल्याण समिति (CWC) को सौंप दिया जाएगा, जहाँ से उसे गोद लेने या सुरक्षित संरक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
सबौर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय निवासी अब प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि बच्ची को छोड़ने वाले दोषियों को जल्द से जल्द चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि दोबारा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।