मेयर कार्यालय में हुई सशक्त स्थायी समिति की अहम बैठक; बाढ़ से पहले जनता को समर्पित होंगे सभी नए प्याऊ, शहर विकास से जुड़े कई प्रस्तावों पर लगी मुहर

भागलपुर: सिल्क सिटी भागलपुर के शहरी क्षेत्रों में नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं और विकास कार्यों को गति देने के लिए नगर निगम प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को भागलपुर नगर निगम के मेयर कार्यालय कक्ष में 'सशक्त स्थायी समिति' की एक अति महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता नगर निगम के शीर्ष नेतृत्व ने की, जिसमें समिति के सभी प्रमुख सदस्य, वार्ड पार्षद और निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी मौसम की चुनौतियों से निपटने और शहरवासियों को गर्मी व बाढ़ के समय राहत पहुँचाने के साथ-साथ शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना था। बैठक में सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिसमें बाढ़ से पहले शहर के सभी प्याऊ जनता को समर्पित करने का मुख्य निर्णय शामिल रहा।

बाढ़ से पहले शुरू होंगे सभी नए और पुराने प्याऊ

वर्तमान में भागलपुर के कई इलाकों में भीषण गर्मी और उमस का माहौल रहता है, ऐसे में राहगीरों और आम जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिकताओं में शुमार है। बैठक के दौरान इस बात पर विशेष रूप से चर्चा की गई कि शहर में विभिन्न स्थानों पर जो प्याऊ (वाटर कियोस्क) पहले से बनाए जा चुके हैं या जो वर्तमान में निर्माणाधीन हैं, उनकी स्थिति क्या है।

समिति ने यह कड़ा निर्देश दिया कि मानसून के विस्तार और बाढ़ की संभावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए, सभी निर्माणाधीन प्याऊ का कार्य युद्ध स्तर पर पूरा किया जाए। यह तय किया गया कि बाढ़ आने से ठीक पहले इन सभी प्याऊ को शहर की आम जनता और आने-जाने वाले यात्रियों के सुपुर्द कर दिया जाएगा, ताकि किसी भी आपदा या आपात स्थिति के दौरान लोगों को शुद्ध पेयजल की किल्लत का सामना न करना पड़े।

पेयजल और स्वच्छता पर विशेष जोर

बैठक में केवल प्याऊ निर्माण तक ही सीमित नहीं रहा गया, बल्कि उनकी साफ-सफाई और रखरखाव पर भी विस्तृत मंथन हुआ।

शुद्धता और मेंटेनेंस: अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि जितने भी प्याऊ चालू किए जाएंगे, उनमें पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच हो और वहां वाटर प्यूरीफायर या आरओ सिस्टम दुरुस्त रहें।

सार्वजनिक स्थलों पर सुविधा: शहर के व्यस्त बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन के आस-पास और प्रमुख चौराहों पर इन प्याऊ के शुरू होने से दूर-दराज से आने वाले आम गरीबों और राहगीरों को सबसे अधिक राहत मिलेगी।

बाढ़ प्रभावित वार्डों के लिए विशेष कार्ययोजना

चूंकि भागलपुर का एक बड़ा हिस्सा गंगा नदी के तट पर बसा है और हर साल मानसून के दौरान यहाँ बाढ़ का खतरा मंडराता रहता है, इसलिए सशक्त स्थायी समिति की इस बैठक में बाढ़ प्रबंधन को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई।

ऐसे वार्ड जो बाढ़ की दृष्टि से अति संवेदनशील हैं, उनकी पहचान कर ली गई है।

इन वार्डों में बाढ़ के दौरान जलभराव, शुद्ध पेयजल की आपूर्ति, अस्थायी आवासन और राहत सामग्रियों के वितरण को लेकर अभी से ही ब्लूप्रिंट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

नगर निगम प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, एंटी-लारवा का छिड़काव और मोबाइल वाटर टैंकरों के जरिए पानी की आपूर्ति की जाए ताकि महामारी जैसी स्थितियों से बचा जा सके।

अन्य विकास कार्यों और प्रस्तावों पर मुहर

प्याऊ और बाढ़ प्रबंधन के अलावा बैठक के दौरान शहर के अन्य विकास मुद्दों पर भी मुहर लगाई गई:

सड़क और नाला निर्माण: शहर के कई वार्डों में जर्जर हो चुकी सड़कों की मरम्मत और जल निकासी के लिए नए नालों के निर्माण से संबंधित प्रस्तावों को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था: रात्रि के समय सुरक्षा और रोशनी बेहतर करने के लिए छूटे हुए खंभों पर एलईडी लाइट्स लगवाने का कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा गया।

राजस्व संग्रह में तेजी: निगम की आय बढ़ाने और टैक्स वसूली प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कमेटियों को सख्त निर्देश दिए गए।

  जनता के हितों के प्रति निगम की प्रतिबद्धता

मेयर कार्यालय में हुई सशक्त स्थायी समिति की यह बैठक इस बात का प्रमाण है कि भागलपुर नगर निगम आगामी मौसम की हर चुनौती से निपटने के लिए पहले से ही गंभीर और तैयार है। बाढ़ से पहले सभी प्याऊ का जनता को सौंपा जाना और संवेदनशील वार्डों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करना आम नागरिकों के हित में उठाया गया एक बेहद सराहनीय कदम है। इस बैठक में लिए गए निर्णयों के धरातल पर उतरने से न केवल शहर की व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि भागलपुरवासियों को एक सुरक्षित और सुविधा संपन्न माहौल भी प्राप्त होगा।