भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट, भीषण गर्मी से मिलेगी बड़ी राहत
बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है और राज्य के लगभग सभी हिस्सों में इसका प्रसार हो चुका है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में भारी से अत्यधिक बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है, जिससे लंबे समय से भीषण गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है
राज्य भर में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, बिहार के कई जिलों में 1 जुलाई को मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। विशेष रूप से उत्तर और पूर्वी बिहार के इलाकों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।
अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी: पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज और कटिहार जिलों के लिए अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है।
भारी बारिश और आंधी: शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सारण, सिवान, वैशाली, पूर्णिया, भागलपुर, अररिया, खगड़िया, मुंगेर, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, बांका और जमुई सहित कई अन्य जिलों में मेघ गर्जन, वज्रपात और भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
तेज हवाएं: इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।
तापमान में गिरावट और उमस से मुक्ति
मानसून के आगमन और सक्रियता का सबसे बड़ा असर तापमान पर देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान पटना सहित राज्य के 16 जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2-3 दिनों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी, जिससे आम जनजीवन को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
IMD की सलाह: सावधानी है जरूरी
मौसम विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए नागरिकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
सुरक्षित स्थान: आंधी-तूफान और वज्रपात के दौरान खुले स्थान पर न रहें। तुरंत किसी पक्के मकान या सुरक्षित आश्रय में शरण लें।1
पेड़ों से दूरी: ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं (जैसे टिन शेड या कच्ची झोपड़ी) के नीचे न खड़े हों।
यात्रा में सावधानी: सड़क और यातायात की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करें और अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।
उपकरणों का ध्यान: तेज हवाओं और बिजली कड़कने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल कर रखें।
आगे का पूर्वानुमान
आईएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रहेगी। 2 जुलाई से 4 जुलाई के बीच भी राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। हालांकि, 5 जुलाई के बाद से बारिश की तीव्रता में कुछ बदलाव हो सकता है, लेकिन पूरे सप्ताह बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिलती रहेगी।
बिहार के लिए यह मानसून न केवल गर्मी से राहत लेकर आया है, बल्कि कृषि कार्यों और कोसी जैसी नदियों के जलस्तर को नियंत्रित करने के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रशासन द्वारा मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति का सामना किया जा सके।