भागलपुर, कटिहार और पूर्णिया में भारी बारिश का अलर्ट; वज्रपात के साथ चलेंगी तेज हवाएं
जून महीने में लगातार बादलों की बेरुखी और भीषण गर्मी झेलने के बाद अब बिहार का मौसम पूरी तरह करवट लेने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना (IMD) ने रविवार (28 जून 2026) को राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और आंधी-तूफान का विशेष बुलेटिन जारी किया है।
मौसम विभाग ने विशेष रूप से सीमांचल और पूर्वी बिहार के तीन प्रमुख जिलों— भागलपुर, कटिहार और पूर्णिया में भारी बारिश (Heavy Rainfall Alert) की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही, राज्य के उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्व भागों के जिलों में मेघ गर्जन (Thunderstorm) और वज्रपात (Lightning) के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की प्रबल संभावना जताई है।
तीन जिलों में भारी बारिश: उमस भरी गर्मी से मिलेगी तुरंत राहत
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी युक्त पुरवा हवाओं की सक्रियता अचानक बढ़ गई है। इसके प्रभाव से पूर्वी बिहार में बादलों का सघन डेरा बन चुका है।
टारगेट जिले: रविवार को भागलपुर, कटिहार और पूर्णिया में भारी बारिश होने की संभावना है। इन जिलों के कुछ इलाकों में मूसलाधार बारिश भी देखी जा सकती है।
तापमान में गिरावट: पिछले कुछ दिनों से इन जिलों में पारा 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था, जिससे लोग उमस से बेहाल थे। इस बारिश के बाद अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट आने का अनुमान है, जिससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से तत्काल राहत मिलेगी।
वज्रपात और आंधी का 'येलो अलर्ट': इन क्षेत्रों में रहें सावधान
मौसम विभाग ने भारी बारिश के साथ-साथ राज्य के एक बड़े हिस्से में मेघ गर्जन और आसमानी बिजली (वज्रपात) गिरने की चेतावनी दी है। इसके तहत बिहार को तीन मुख्य भौगोलिक क्षेत्रों में बांटकर अलर्ट जारी किया गया है:
उत्तर-पश्चिम भाग (North-West Bihar)
इस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जिलों— पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण में रविवार दोपहर बाद अचानक मौसम बदलेगा। इन जिलों में धूल भरी तेज आंधी चलने और गरज-चमक के साथ छिटपुट से मध्यम बारिश के आसार हैं।
दक्षिण-मध्य भाग (South-Central Bihar)
राजधानी पटना, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, बेगुसराय, जहानाबाद और लखीसराय जैसे जिले इस क्षेत्र में आते हैं। इन जिलों में शनिवार को भी भीषण उमस थी, लेकिन रविवार को यहां आसमान में काले बादल छाए रहेंगे और तेज हवाओं के साथ आंधी-पानी की स्थिति बनी रहेगी।
दक्षिण-पूर्व भाग (South-East Bihar)
इस क्षेत्र के जिलों— मुंगेर, खगड़िया, जमुई और बांका में भी मौसम विभाग ने आंधी-तूफान और वज्रपात को लेकर लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है।
. मौसम प्रणालियों का विश्लेषण: क्यों बदला अचानक मिजाज?
पटना मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशकों के अनुसार, इस समय उत्तर भारत से लेकर पूर्वी भारत तक कई मौसमी प्रणालियां (Weather Systems) एक साथ सक्रिय हुई हैं:
साइक्लोनिक सर्कुलेशन: पूर्वी बिहार और उसके आसपास के आसमान में समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है, जो बंगाल की खाड़ी से नमी खींच रहा है।
ट्रफ लाइन की स्थिति: एक मौसमी ट्रफ रेखा पंजाब से हरियाणा और उत्तर प्रदेश होते हुए सीधे बिहार तक फैली हुई है। यह ट्रफ रेखा मानसून की हवाओं को आगे बढ़ने में मदद कर रही है।
मानसून का विस्तार: मानसून की उत्तरी सीमा इस समय मोतिहारी के रास्ते आगे बढ़ रही है। अगले 48 से 72 घंटों के भीतर इसके पूरे बिहार को कवर करने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो चुकी हैं।
पिछले 24 घंटे का हाल: शेखपुरा में टूटा रिकॉर्ड, कई जिले लू की चपेट में
भले ही रविवार से मौसम सुहावना होने की उम्मीद है, लेकिन इससे ठीक पहले शनिवार को बिहार के कई जिले भयंकर लू (Severe Heatwave) की चपेट में रहे।
| जिला | अधिकतम तापमान (शनिवार) | सामान्य से अंतर | स्थिति |
|---|---|---|---|
| शेखपुरा | 43.5°C | +7.1°C | भीषण लू (Severe Heatwave) |
| कैमूर (भभुआ) | 42.8°C | +5.3°C | उष्ण लहर (Heatwave) |
| बक्सर | 42.5°C | +4.9°C | हीटवेव |
| गयाजी (गया) | 41.9°C | +4.5°C | हीटवेव |
| डेहरी (रोहतास) | 42.2°C | +4.7°C | हीटवेव |
मौसम विभाग का कहना है कि रविवार से शुरू हो रही बारिश के कारण इन गर्म जिलों के तापमान में भी भारी गिरावट आएगी और लू का थपेड़ा पूरी तरह शांत हो जाएगा।
आगामी 5 दिनों का वेदर कैलेंडर: 2 जुलाई तक झमाझम बारिश
मौसम विभाग ने केवल रविवार ही नहीं, बल्कि आगामी 2 जुलाई 2026 तक के लिए पूरे बिहार में बारिश का एक विस्तृत रोडमैप जारी किया है:
29 जून (सोमवार): बारिश का दायरा और बढ़ेगा। अररिया, कटिहार और किशनगंज में अत्यंत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट रहेगा।
30 जून (मंगलवार): पटना के आसपास के जिलों जैसे अरवल, भोजपुर, जहानाबाद, नालंदा और पूर्णिया में भारी बारिश की संभावना है।
1 और 2 जुलाई: मानसून पूरे शबाब पर होगा। उत्तर से लेकर दक्षिण बिहार के लगभग सभी 38 जिलों में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे धान की रोपनी कर रहे किसानों को सबसे ज्यादा फायदा होगा।
आपदा प्रबंधन विभाग की गाइडलाइन: वज्रपात से ऐसे बचें
बिहार में मानसून के दौरान आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने से हर साल दर्जनों लोगों की जान जाती है। इसे देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने आम नागरिकों और विशेषकर किसानों के लिए जरूरी गाइडलाइन जारी की है:
सुरक्षा के कड़े नियम:
पेड़ों के नीचे शरण न लें: जब मेघ गर्जन हो रहा हो, तो भूलकर भी किसी बड़े या अकेले पेड़ के नीचे खड़े न हों। बिजली गिरने का सबसे ज्यादा खतरा पेड़ों पर होता है।
खेतों से तुरंत निकलें: किसान भाई जलजमाव वाले खेतों में काम करते समय जैसे ही बादलों की गड़गड़ाहट सुनें, तुरंत सुरक्षित पक्के मकानों में चले जाएं।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी: बिजली कड़कने के दौरान घरों में टीवी, फ्रिज और मोबाइल चार्जिंग जैसे बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल करने से बचें और मोबाइल को रेडिएशन से बचाने के लिए स्विच ऑफ या अलग रख दें।
धातु की चीजों से दूर रहें: लोहे के खंभे, कटीले तार या साइकिल-मोटरसाइकिल के पास खड़े होने से बचें
कुल मिलाकर, बिहार के लिए रविवार का दिन मौसम के लिहाज से एक बड़ी करवट लेकर आया है। जहां एक तरफ भागलपुर, पूर्णिया और कटिहार के लोगों को मूसलाधार बारिश का आनंद उठाने का मौका मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ आंधी और वज्रपात की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सभी को सतर्क और सुरक्षित रहने की सलाह दी है। कृषि के लिहाज से यह बारिश किसी अमृत से कम नहीं होने वाली है।