कार्य में लापरवाही और नियमों की अनदेखी पर गायघाट के थानेदार निलंबित, पुलिस महकमे में हड़कंप

मुजफ्फरपुर: जिले में पुलिसिंग व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। गायघाट थाना के थानाध्यक्ष (SHO) राकेश कुमार को ड्यूटी में लापरवाही बरतने और विभागीय निर्देशों की अनदेखी करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसने थाना स्तर पर व्याप्त अनियमितताओं की पोल खोल दी है।

निलंबन का आधार: 'संतोषजनक नहीं कार्यशैली'

सूत्रों के अनुसार, ग्रामीण एसपी को पिछले कुछ समय से गायघाट थाने के कामकाज को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने मामले की आंतरिक जांच करवाई। जांच में यह पाया गया कि थानाध्यक्ष राकेश कुमार का कार्य निष्पादन (Performance) बिल्कुल भी संतोषजनक नहीं था।

निलंबन के मुख्य कारणों में शामिल हैं:

नियमों की अनदेखी: क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और पुलिस मैनुअल के दिशा-निर्देशों का पालन करने में थानेदार विफल रहे।

शिकायतों पर उदासीनता: आम जनता की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई न करना और एफआईआर दर्ज करने में अनावश्यक देरी करना।

क्षेत्रीय नियंत्रण में कमी: थाना क्षेत्र के भीतर बढ़ रहे अपराधों और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में थानेदार की सक्रियता न के बराबर थी।

ग्रामीण एसपी की रिपोर्ट बनी आधार

ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि थानाध्यक्ष के स्तर पर न केवल अनुशासनहीनता बरती गई, बल्कि उनके नेतृत्व में पुलिस टीम की सक्रियता भी संदिग्ध रही। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की बार-बार अवहेलना और थाना स्तर पर फाइलों के लंबित रहने ने विभाग की छवि को धूमिल किया है। इस रिपोर्ट के सौंपे जाने के बाद, वरीय अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए राकेश कुमार को निलंबित कर दिया।

पुलिस महकमे में संदेश

थानेदार के निलंबन की खबर फैलते ही जिले के अन्य थानों में हड़कंप मच गया है। पुलिस प्रशासन के इस कदम को एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पुलिस का काम जनता की सेवा और सुरक्षा है, यदि कोई अधिकारी इसमें कोताही बरतता है, तो उसके खिलाफ शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जाएगी।

अब आगे क्या?

निलंबन की अवधि के दौरान राकेश कुमार का मुख्यालय 'पुलिस लाइन' में रहेगा। वहीं, गायघाट थाने की कमान जल्द ही किसी नए और अनुभवी अधिकारी को सौंपी जाएगी, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को पुनः पटरी पर लाया जा सके। फिलहाल, थाने के अतिरिक्त प्रभार के माध्यम से कामकाज को सुचारू रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।

यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि मुजफ्फरपुर पुलिस अब अपनी कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही (Accountability) सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। स्थानीय लोगों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि नए थानेदार के आने से क्षेत्र में अपराधियों के हौसले पस्त होंगे और आम नागरिकों को बेहतर सुरक्षा व्यवस्था मिलेगी।