मुरारका महाविद्यालय में यूजी सेमेस्टर-1 के विद्यार्थियों का दीक्षा कार्यक्रम आयोजित, कॉलेज की परंपरा और अनुशासन से कराया गया परिचय

भागलपुर/सुल्तानगंज। भागलपुर जिले के सुल्तानगंज स्थित मुरारका महाविद्यालय में बुधवार को स्नातक (यूजी-सीबीसीएस) सेमेस्टर-1 के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए दीक्षा (इंडक्शन) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए छात्रों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, नई शिक्षा प्रणाली, उपलब्ध संसाधनों, अनुशासन और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से परिचित कराना था। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नागेन्द्र तिवारी, शिक्षकगण, कर्मचारी और बड़ी संख्या में नवप्रवेशी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें महाविद्यालय की गौरवशाली परंपरा, शिक्षा के महत्व और अनुशासित छात्र जीवन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही छात्रों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (CBCS) के तहत संचालित पाठ्यक्रम की भी जानकारी दी गई।

दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ

दीक्षा कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके बाद महाविद्यालय परिवार की ओर से नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत किया गया। मंच संचालन महाविद्यालय के एक शिक्षक ने किया और कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का परिचय कराया गया।

छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. नागेन्द्र तिवारी ने कहा कि कॉलेज जीवन किसी भी विद्यार्थी के भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण यात्रा की शुरुआत होती है। यहां केवल पाठ्यपुस्तकों का ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारियों की भी शिक्षा मिलती है।

महाविद्यालय के इतिहास और उपलब्धियों की दी जानकारी

प्राचार्य डॉ. नागेन्द्र तिवारी ने विद्यार्थियों को मुरारका महाविद्यालय के इतिहास, स्थापना, शैक्षणिक उपलब्धियों और संस्थान की गौरवशाली परंपराओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों से यह महाविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए जाना जाता है और यहां से पढ़कर अनेक विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं।

उन्होंने छात्रों से महाविद्यालय की गरिमा बनाए रखने और उसकी समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

कॉलेज की सुविधाओं से कराया परिचय

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को महाविद्यालय परिसर की विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी गई। उन्हें पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशालाओं, कंप्यूटर लैब, स्मार्ट क्लासरूम, खेल मैदान और अन्य शैक्षणिक संसाधनों के बारे में बताया गया।

प्राचार्य ने कहा कि विद्यार्थियों को उपलब्ध सभी संसाधनों का भरपूर उपयोग करना चाहिए ताकि वे अपने ज्ञान और कौशल का विकास कर सकें।

एनसीसी और एनएसएस से जुड़ने के लिए किया प्रेरित

दीक्षा कार्यक्रम में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के महत्व से भी अवगत कराया गया। शिक्षकों ने बताया कि इन गतिविधियों में भाग लेने से छात्रों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सामाजिक सेवा की भावना और आत्मविश्वास का विकास होता है।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे पढ़ाई के साथ-साथ एनसीसी और एनएसएस जैसी गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करें।

खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों पर विशेष जोर

महाविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को बताया कि शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियां भी व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

विद्यार्थियों को खेल प्रतियोगिताओं, वाद-विवाद, भाषण, नाटक, संगीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। शिक्षकों ने कहा कि ऐसी गतिविधियां आत्मविश्वास बढ़ाने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में सहायक होती हैं।

अनुशासन को बताया सफलता की कुंजी

कार्यक्रम में अनुशासन के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। प्राचार्य ने कहा कि नियमित उपस्थिति, समय का सदुपयोग और कॉलेज के नियमों का पालन हर विद्यार्थी की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुशासित जीवन ही सफलता की सबसे मजबूत नींव है। विद्यार्थियों से कॉलेज परिसर में शालीन व्यवहार बनाए रखने और शिक्षकों का सम्मान करने की अपील की गई।

सीबीसीएस प्रणाली की दी विस्तृत जानकारी

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने छात्रों को चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (CBCS) की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रणाली में विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार विषय चुनने का अवसर मिलता है।

साथ ही आंतरिक मूल्यांकन, सेमेस्टर परीक्षा, क्रेडिट प्रणाली और प्रोजेक्ट आधारित अध्ययन की प्रक्रिया को भी विस्तार से समझाया गया।

करियर और उच्च शिक्षा पर मार्गदर्शन

दीक्षा कार्यक्रम में छात्रों को भविष्य की शिक्षा और करियर विकल्पों के बारे में भी जानकारी दी गई। शिक्षकों ने कहा कि कॉलेज के दौरान ही यदि विद्यार्थी अपने लक्ष्य निर्धारित कर लें तो प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के क्षेत्र में उन्हें अधिक सफलता मिल सकती है।

छात्रों को उच्च शिक्षा, शोध, कौशल विकास और डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म का लाभ उठाने की भी सलाह दी गई।

प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान

कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने विषय चयन, परीक्षा प्रणाली, उपस्थिति, छात्रवृत्ति, एनसीसी, एनएसएस और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े सवाल पूछे।

शिक्षकों ने सभी प्रश्नों का विस्तार से उत्तर देते हुए छात्रों को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

विद्यार्थियों में दिखा उत्साह

दीक्षा कार्यक्रम में शामिल नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने कहा कि कार्यक्रम से उन्हें महाविद्यालय की कार्यप्रणाली, संसाधनों और नई शिक्षा प्रणाली को समझने का अच्छा अवसर मिला।

उन्होंने कहा कि अब वे अधिक आत्मविश्वास के साथ अपनी पढ़ाई शुरू करेंगे और कॉलेज की सभी शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।

मुरारका महाविद्यालय, सुल्तानगंज में आयोजित यूजी (सीबीसीएस) सेमेस्टर-1 का दीक्षा कार्यक्रम नए विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक साबित हुआ। प्राचार्य डॉ. नागेन्द्र तिवारी ने छात्रों को महाविद्यालय के इतिहास, संसाधनों और अनुशासन की जानकारी देते हुए उन्हें मेहनत, नियमित अध्ययन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। साथ ही एनसीसी, एनएसएस, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को कॉलेज जीवन की नई शुरुआत के लिए आत्मविश्वास और स्पष्ट दिशा प्रदान की