15 मामलों में वांछित शराब माफिया अनिल महतो चढ़ा पुलिस के हत्थे, मिलीभगत की भी होगी जांच
सीतामढ़ी: जिले के नानपुर क्षेत्र के कुख्यात शराब माफिया अनिल महतो को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अनिल महतो पर शराब तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों के करीब 15 मामले दर्ज हैं, लेकिन वह लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी को जिला पुलिस की एक बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है। सीतामढ़ी एसपी ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
तकनीकी अनुसंधान से मिली कामयाबी
नानपुर थाना क्षेत्र के कुख्यात तस्कर अनिल महतो की तलाश में पुलिस कई दिनों से जुटी थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए तकनीकी अनुसंधान (Technical Surveillance) और गुप्त सूचनाओं का सहारा लिया गया। मंगलवार की रात पुलिस को पुख्ता खबर मिली कि वह डुमरा क्षेत्र में छिपा हुआ है, जिसके बाद छापेमारी कर उसे दबोच लिया गया।
पुलिस और माफिया की 'नेक्सस' पर सवाल
यह गिरफ्तारी सिर्फ एक तस्कर की पकड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पुलिस महकमे के भीतर की काली भेड़ों का भी पर्दाफाश हुआ है। जानकारी के अनुसार, अनिल महतो का शराब सिंडिकेट लंबे समय से स्थानीय स्तर पर पुलिस की मिलीभगत से चल रहा था। वर्ष 2023 में सामने आए एक बड़े शराब तस्करी मामले में यह खुलासा हुआ था कि कैसे कुछ पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने सीधे तौर पर माफिया को संरक्षण दिया था। तत्कालीन मामलों में दारोगा स्तर के अधिकारियों की संलिप्तता की पुष्टि होने के बाद विभाग ने कड़ी कार्रवाई भी की थी।
पूछताछ में खुलेंगे कई राज़
अनिल महतो की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मुख्यालय सतर्क हो गया है। पूछताछ के दौरान माफिया ने अपने नेटवर्क, आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) और उन पुलिस कर्मियों के नामों का खुलासा किया है जिन्होंने उसकी मदद की थी। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि इन बयानों के आधार पर अब विभागीय कार्रवाई और नए सिरे से प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
अनिल महतो पर जिले में शराब की बड़ी खेप अवैध रूप से लाने और उसे ग्रामीण इलाकों में वितरित करने का आरोप है। उसके खिलाफ दर्ज 15 केसों में आबकारी अधिनियम की धाराएं, सरकारी काम में बाधा और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। हालांकि, वह हर बार पुलिस की पकड़ से बचने में कामयाब हो जाता था, जिसके कारण उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित करना पड़ा।
प्रशासन की आगे की रणनीति
सीतामढ़ी एसपी ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो। माफियाओं को संरक्षण देने वाले पुलिसकर्मियों की भी पहचान कर उन पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोग अब इस बात पर नजर गड़ाए हुए हैं कि क्या इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में शराब के अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लग पाएगी, या फिर माफिया अपना नेटवर्क किसी और तरीके से सक्रिय करेंगे। फिलहाल, अनिल महतो की गिरफ्तारी के बाद इलाके के अन्य छोटे-बड़े तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है।