इलाज के दौरान महिला की मौत के बाद इमरजेंसी सुपरवाइजर ने शव से चुराया मंगलसूत्र और सोने की चेन; सीसीटीवी ने खोला घिनौना राज

 मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच (SKMCH) अस्पताल से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे चिकित्सा जगत और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तैनात एक इमरजेंसी सुपरवाइजर ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए एक मृत महिला के शव से सोने के गहने साफ कर दिए।

महिला की मौत के बाद जब रोते-बिलखते परिजनों ने शव को संभाला, तो उनके गले से कीमती सोने की चेन और मंगलसूत्र गायब देखकर उनके होश उड़ गए। इसके बाद अस्पताल परिसर में परिजनों ने जमकर हंगामा (High-Voltage Protest) किया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची मेडिकल कैंप पुलिस ने जब वार्ड में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगाला, तो सुपरवाइजर की यह शर्मनाक और घिनौनी करतूत लाइव कैमरे में कैद मिली। पुलिस ने ऑन-द-स्पॉट कार्रवाई करते हुए आरोपी सुपरवाइजर को गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से चोरी के जेवरात बरामद कर लिए हैं।

 गंभीर हालत में भर्ती हुई थी महिला, इलाज के दौरान तोड़ा दम

घटनाक्रम के अनुसार, मुजफ्फरपुर के ही एक स्थानीय थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद शनिवार-रविवार की दरमियानी रात को गंभीर हालत में एसकेएमसीएच (SKMCH) के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था।

महिला की स्थिति बेहद नाजुक थी, इसलिए डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी उसे बचाने की जद्दोजहद में जुटे थे। परिजन वार्ड के बाहर बैठकर लगातार उसकी सलामती की दुआएं मांग रहे थे। लेकिन, तमाम कोशिशों के बावजूद रविवार की अलसुबह महिला के शरीर ने कोई हलचल नहीं की और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित (Declared Dead) कर दिया। इस खबर के मिलते ही परिजनों के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और पूरे वार्ड में चीख-पुकार मच गई।

 'अवसर' में बदला 'मातम': कलयुगी सुपरवाइजर की गंदी नजर

जब महिला ने दम तोड़ा, उस समय इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर तैनात आउटसोर्सिंग एजेंसी का इमरजेंसी सुपरवाइजर भी वहां मौजूद था। जहां पूरा परिवार मातम में डूबा था, वहीं इस कलयुगी कर्मचारी की नजर मृतका के गले में चमक रहे सोने के मंगलसूत्र और चेन पर टिकी थी।

शव के साथ की घिनौनी हरकत: जैसे ही डॉक्टरों की टीम कागजी कार्रवाई पूरी करने के लिए बगल के केबिन में गई और रोते-बिलखते परिजन शव को एम्बुलेंस तक ले जाने की तैयारी के लिए बाहर निकले, सुपरवाइजर ने अकेलेपन का फायदा उठाया। उसने बेहद शातिराना तरीके से मृतका के गले में हाथ डाला और मंगलसूत्र व सोने की चेन को काटकर अपनी जेब में रख लिया। वह इतनी सफाई से इस वारदात को अंजाम देकर वहां से हट गया कि किसी को कानों-कान भनक नहीं लगी।

 परिजनों का हंगामा: "गहने कहां गए?"

कुछ देर बाद जब मृतका की बेटियां और महिला रिश्तेदार शव को कफन ओढ़ाने और अंतिम विदाई के लिए तैयार करने लगीं, तो उनकी नजर महिला के सूने गले पर पड़ी। परिजनों को अच्छे से याद था कि अस्पताल लाते समय महिला ने अपने सारे आभूषण पहन रखे थे।

गले से मंगलसूत्र और चेन गायब देखकर परिजनों का रोना गुस्से में बदल गया। उन्होंने तुरंत वार्ड में मौजूद जूनियर डॉक्टरों और नर्सों से पूछताछ की, लेकिन सबने अनभिज्ञता जाहिर की। परिजनों का आरोप था कि अस्पताल के ही किसी स्टाफ ने इस मजबूरी का फायदा उठाया है। देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीण और परिजन इकट्ठा हो गए और उन्होंने इमरजेंसी वार्ड के मुख्य गेट को घेरकर हंगामा शुरू कर दिया, जिससे अस्पताल की चिकित्सा सेवाएं कुछ देर के लिए बाधित हो गईं।

 सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज: कैमरे में कैद हुई 'चोरी'

मामले के तूल पकड़ते ही एसकेएमसीएच (SKMCH) प्रबंधन ने तुरंत इसकी सूचना मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थित पुलिस चौकी को दी। पुलिस अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और आक्रोशित परिजनों को शांत कराया।

पुलिस ने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड के भीतर और बाहर लगे हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को प्ले करवाया। जैसे ही पुलिस ने महिला की मौत के ठीक बाद के 15 मिनट की फुटेज को खंगाला, सच सबके सामने आ गया:

वीडियो में साफ दिख रहा था कि सुपरवाइजर बेड के पास संदेहास्पद तरीके से खड़ा है।

जैसे ही आसपास के लोग हटे, उसने मृतका के गले से चेन झटकी और उसे अपनी पैंट की जेब में डाल लिया।

इस फुटेज को देखते ही पुलिस ने बिना एक पल गंवाए वार्ड में ही मौजूद आरोपी सुपरवाइजर को दबोच लिया। जब पुलिस ने उसकी तलाशी ली, तो उसकी जेब से चोरी किया गया सोने का मंगलसूत्र और चेन बरामद हो गया।

 डेटा शीट: एसकेएमसीएच शर्मनाक कांड रिपोर्ट

घटना का स्थानआरोपी का पदचोरी की गई वस्तुसाक्ष्य (Evidence)प्रशासनिक कार्रवाई
इमरजेंसी वार्ड, SKMCHइमरजेंसी सुपरवाइजरसोने का मंगलसूत्र और चेनलाइव सीसीटीवी फुटेजऑन-द-स्पॉट गिरफ्तारी, जेवरात बरामद

 

 आरोपी सस्पेंड; आउटसोर्सिंग कंपनियों पर उठे गंभीर सवाल

इस शर्मनाक घटना के बाद एसकेएमसीएच (SKMCH) के अधीक्षक और वरिष्ठ डॉक्टरों ने भी आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से उस प्राइवेट आउटसोर्सिंग एजेंसी को नोटिस जारी किया है जिसके तहत यह सुपरवाइजर काम कर रहा था।

अस्पताल प्रशासन ने आरोपी को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त (Terminate) करने का आदेश दिया है। इस घटना ने बिहार के सरकारी अस्पतालों में आउटसोर्सिंग के जरिए रखे जा रहे कर्मचारियों के चरित्र सत्यापन (Character Verification) पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर अस्पताल के भीतर ही शव सुरक्षित नहीं हैं, तो आम मरीजों की सुरक्षा का क्या होगा?

मुजफ्फरपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर न केवल कलयुगी सुपरवाइजर को बेनकाब किया, बल्कि पीड़ित परिवार को उनके कीमती जेवरात भी वापस दिलाए। पुलिस ने आरोपी सुपरवाइजर के खिलाफ चोरी और शव की बेअदबी करने की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है और रविवार दोपहर बाद उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। यह घटना समाज के नैतिक पतन की उस पराकाष्ठा को दर्शाती है जहाँ एक इंसान पैसे के लालच में किसी के मातम को भी लूटने का जरिया बना लेता है।