इंटर स्कूल खरीक में निर्वाचन साक्षरता और जागरूकता क्लब का हुआ आयोजन; छात्र-छात्राओं को मतदान के अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति किया गया जागरूक

नवगछिया (भागलपुर), कार्यालय संवाददाता: लोकतंत्र को मजबूत बनाने और युवाओं तथा भावी मतदाताओं में चुनावी प्रक्रिया के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से नवगछिया के अनुमंडल अंतर्गत इंटर स्कूल खरीक के परिसर में शुक्रवार को एक विशेष कार्यक्रम के तहत निर्वाचन साक्षरता और जागरूकता क्लब (Election Literacy and Awareness Club) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों, प्रशासनिक कर्मियों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनके मताधिकार के महत्व, निष्पक्ष मतदान और भारतीय लोकतंत्र की विशेषताओं से अवगत कराना था ताकि वे भविष्य में एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक की भूमिका निभा सकें।

कार्यक्रम का शुभारंभ और निर्वाचन साक्षरता का महत्व

विद्यालय के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य शिक्षकों और संकाय सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की गई:

लोकतंत्र की रीढ़ हैं युवा मतदाता: कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि किसी भी देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती इस बात पर निर्भर करती है कि वहां के नागरिक चुनावी प्रक्रिया में कितनी सक्रियता से हिस्सा लेते हैं। विशेष रूप से युवा वर्ग, जो देश का भविष्य है, यदि वह अपने मतदान के अधिकार के प्रति जागरूक हो जाए, तो देश की तकदीर और तस्वीर दोनों बदल सकती हैं।

क्लब गठन के उद्देश्य: निर्वाचन साक्षरता क्लब के गठन के पीछे निर्वाचन आयोग की यह दूरगामी सोच है कि विद्यालयों के स्तर पर ही बच्चों को मतदान मशीनों (EVM), वीवीपैट (VVPAT), और चुनाव प्रक्रिया के कानूनी प्रावधानों की व्यावहारिक जानकारी मिल सके, ताकि वे भविष्य में बिना किसी प्रलोभन या दबाव के अपने विवेक से सही प्रतिनिधि का चुनाव कर सकें।

छात्र-छात्राओं के बीच विभिन्न प्रतियोगिताओं और चर्चाओं का आयोजन

इस जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए कई रचनात्मक और बौद्धिक गतिविधियों का आयोजन किया गया:

भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिता: छात्र-छात्राओं ने "लोकतंत्र में एक वोट का महत्व" और "सशक्त लोकतंत्र के लिए निष्पक्ष मतदान" जैसे विषयों पर अपने बेबाक विचार रखे। बच्चों ने अपनी भाषण कला के माध्यम से यह साबित किया कि वे देश की राजनीतिक व्यवस्था और चुनावी प्रणाली को भली-भांति समझने लगे हैं।

नारेबाजी और शपथ ग्रहण: कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर सामूहिक रूप से लोकतंत्र की मर्यादा को बनाए रखने और हर चुनाव में बिना किसी भेदभाव के अपने मताधिकार का प्रयोग करने की शपथ ली। साथ ही, बच्चों ने हाथों में जागरूकता संदेश लिखे तख्तियां लेकर विद्यालय परिसर में एक मार्च भी निकाला।

शिक्षक और प्रशासनिक वक्ताओं के विशेष संबोधन

कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों ने बच्चों को निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी बारीकियों से अवगत कराया:

भयमुक्त और निष्पक्ष मतदान का संदेश: वक्ताओं ने छात्र-छात्राओं को समझाया कि लोकतंत्र का यह पर्व केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह देश के हर नागरिक को संविधान द्वारा दिया गया वह सबसे बड़ा अधिकार है जो सरकार चुनने की ताकत देता है। इसलिए जब भी वे 18 वर्ष की आयु पूरी करें, सबसे पहले मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य दर्ज कराएं।

अभिभावकों को भी जागरूक करने का आह्वान: शिक्षकों ने बच्चों से यह भी आग्रह किया कि वे अपने घरों और आस-पास के लोगों को भी मतदान के प्रति जागरूक करें, ताकि कोई भी योग्य मतदाता अपने मताधिकार के प्रयोग से वंचित न रहे।

इंटर स्कूल खरीक में आयोजित यह निर्वाचन साक्षरता और जागरूकता क्लब का कार्यक्रम पूरी तरह सफल रहा। इस तरह के आयोजनों से न केवल स्कूली स्तर पर बच्चों में राजनीतिक और सामाजिक चेतना का विकास होता है, बल्कि वे आगे चलकर एक सशक्त, प्रामाणिक और परिपक्व मतदाता के रूप में राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करते हैं।