शिक्षा या क्रूरता? प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक द्वारा छात्र की बेरहमी से पिटाई, ग्रामीणों ने किया सड़क जाम
दरभंगा: जिले के कटमा बहुअरवा पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ एक मासूम छात्र को शिक्षक के कोपभाजन का शिकार होना पड़ा। विद्यालय के शिक्षक राम प्रसाद राम पर आरोप है कि उन्होंने तीसरी कक्षा के छात्र अभय कुमार को इतनी बेरहमी से पीटा कि बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने स्कूल के पास मुख्य सड़क को घंटों जाम कर दिया और दोषी शिक्षक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
घटना का विवरण: मासूम को मिली 'सजा'
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्र अभय कुमार विद्यालय में पढ़ाई कर रहा था। किसी छोटी-सी बात को लेकर शिक्षक राम प्रसाद राम अपना आपा खो बैठे और उन्होंने छात्र की लात-घूंसों और छड़ी से जमकर पिटाई कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि शिक्षक ने छात्र को तब तक नहीं छोड़ा जब तक कि वह बेहोश होकर जमीन पर नहीं गिर पड़ा।
बच्चे के परिजनों ने बताया कि जब वे विद्यालय पहुंचे, तो उनका बेटा दर्द से कराह रहा था और उसके शरीर पर पिटाई के गहरे निशान थे। उसे तुरंत स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कर लिया है।
ग्रामीणों का आक्रोश: सड़क जाम और प्रदर्शन
जैसे ही यह खबर गांव में फैली, देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीण विद्यालय परिसर में जमा हो गए। ग्रामीणों ने विद्यालय के शिक्षक की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। आक्रोशित भीड़ ने स्कूल के पास से गुजरने वाली मुख्य सड़क को जाम कर दिया और यातायात पूरी तरह ठप कर दिया।
ग्रामीणों की मुख्य मांगें:
तत्काल निलंबन: दोषी शिक्षक राम प्रसाद राम को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाए।
कानूनी कार्रवाई: शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाए।
सुरक्षा की गारंटी: विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन लिखित आश्वासन दे।
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का कहना था, "हम अपने बच्चों को शिक्षा पाने के लिए स्कूल भेजते हैं, न कि शिक्षक के हाथों पिटाई खाने के लिए। यदि शिक्षकों का ऐसा ही रवैया रहा, तो माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर देंगे।"
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और जांच
सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस और प्रखंड शिक्षा विस्तार अधिकारी (BEEO) मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जा रही है। साथ ही, विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) से भी इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
शिक्षा के मंदिर में बढ़ता अपराध: एक गंभीर चिंता
यह घटना शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले विद्यालयों में घट रही हिंसक प्रवृत्तियों पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। कॉर्पोरल पनिशमेंट (शारीरिक दंड) पर कानूनन प्रतिबंध होने के बावजूद, ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जो बाल अधिकार कानूनों की धज्जियां उड़ाते हैं।
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि इस तरह की पिटाई बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा आघात करती है और उनमें शिक्षा के प्रति भय पैदा करती है।
फिलहाल, अभय कुमार अस्पताल में उपचाराधीन है और उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। वहीं, क्षेत्र के लोगों की निगाहें अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। कटमा बहुअरवा पंचायत के लोग एक ही स्वर में मांग कर रहे हैं कि दोषी को कठोर दंड मिले ताकि भविष्य में किसी अन्य बच्चे को इस तरह की प्रताड़ना का सामना न करना पड़े।