डॉ. रविशंकर कुमार चौधरी बने राजीव गांधी स्टडी सर्कल बिहार के विश्वविद्यालय समन्वयक शैक्षिक गतिविधियों को मिलेगी नई दिशा
भागलपुर: टीएनबी (T.N.B.) कॉलेज के इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रविशंकर कुमार चौधरी को 'राजीव गांधी स्टडी सर्कल' (RGSC), बिहार का विश्वविद्यालय समन्वयक (University Coordinator) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति राज्य में शैक्षिक और सामाजिक संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। उनकी इस नियुक्ति से भागलपुर सहित पूरे बिहार के शैक्षणिक गलियारों में खुशी की लहर है।
शैक्षिक नवाचार और संवाद का नया दौर
डॉ. रविशंकर कुमार चौधरी, जो अपनी अकादमिक सक्रियता और कुशल नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं, ने अपनी नई जिम्मेदारी के प्रति उत्साह व्यक्त किया है। अपनी नियुक्ति के बाद उन्होंने कहा कि उनका प्राथमिक उद्देश्य छात्रों के बीच वैचारिक स्पष्टता, शोध संस्कृति और सामाजिक चेतना का प्रसार करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल कागजी कार्य तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि जमीनी स्तर पर जाकर छात्रों से संवाद स्थापित करेंगे।
कमेटी के विस्तार की रूपरेखा
समन्वयक के रूप में अपनी प्राथमिकताओं को साझा करते हुए डॉ. चौधरी ने कहा कि राजीव गांधी स्टडी सर्कल का मुख्य ध्येय आधुनिक शिक्षा प्रणाली में तर्कशक्ति और रचनात्मकता का समावेश करना है। उन्होंने कहा:
व्यापक विस्तार: राज्य के सभी अंगीभूत (Constituent) और संबद्ध कॉलेजों के साथ-साथ विश्वविद्यालय के विभिन्न पीजी (Post-Graduate) विभागों में स्टडी सर्कल की कमेटियों का विस्तार किया जाएगा।
छात्रों की सहभागिता: प्रत्येक कॉलेज में एक सक्रिय टीम का गठन होगा, जो समय-समय पर परिचर्चा (Discussion), संगोष्ठी (Seminar) और वैचारिक कार्यशालाओं का आयोजन करेगी।
नियमित बैठकें: उन्होंने जोर देकर कहा कि इन कमेटियों की नियमित बैठकें सुनिश्चित की जाएंगी ताकि समसामयिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर छात्रों को अपने विचार व्यक्त करने का एक स्वस्थ मंच मिल सके।
उद्देश्य: भविष्य की नेतृत्व क्षमता का विकास
डॉ. चौधरी का मानना है कि वर्तमान शैक्षणिक परिवेश में छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए। 'राजीव गांधी स्टडी सर्कल' के माध्यम से वे छात्रों के व्यक्तित्व में निखार लाने, उन्हें नेतृत्व क्षमता के लिए तैयार करने और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि स्टडी सर्कल का कार्य छात्रों को उनके विषयों से परे एक व्यापक दृष्टि प्रदान करना है, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में बेहतर तरीके से योगदान दे सकें।
शैक्षणिक जगत में सराहना
डॉ. रविशंकर कुमार चौधरी की इस नियुक्ति पर स्थानीय शिक्षाविदों और छात्रों ने हर्ष व्यक्त किया है। जानकारों का कहना है कि डॉ. चौधरी के अनुभव और इतिहास विषय पर उनकी पकड़ का लाभ इस स्टडी सर्कल को मिलेगा। उनके नेतृत्व में बिहार के विश्वविद्यालयों में एक नया अकादमिक माहौल बनने की उम्मीद है, जहां छात्र विभिन्न विषयों पर निर्भय होकर और तार्किक ढंग से चर्चा कर सकेंगे।
आने वाले दिनों में डॉ. चौधरी विभिन्न कॉलेजों का दौरा कर कमेटियों के गठन की प्रक्रिया शुरू करेंगे। उनकी यह पहल निश्चित रूप से राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों में सकारात्मक बदलाव लाने का काम करेगी।