गोपालपुर में सड़क हादसे ने छीनी एक और जिंदगी गंगा कटाव से विस्थापित महिला की टोटो की टक्कर से मौत
गोपालपुर (भागलपुर): भागलपुर जिले के गोपालपुर थाना क्षेत्र में सोमवार को एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। गंगा के कटाव से विस्थापित होकर अपनी गृहस्थी उजड़ने का दंश झेल रही एक महिला की सड़क हादसे में असमय मौत हो गई। मृतका की पहचान फगुनी देवी के रूप में हुई है, जो विस्थापन के बाद किसी तरह अपना जीवन बसर कर रही थीं। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ग्रामीण सड़कों पर अनियंत्रित यातायात के मुद्दे को बहस के केंद्र में ला दिया है।
घटना का विवरण
मिली जानकारी के अनुसार, फगुनी देवी सोमवार की दोपहर किसी कार्यवश गोपालपुर-रसलपुर मार्ग से गुजर रही थीं। इसी दौरान, सड़क पार करते समय सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार टोटो (ई-रिक्शा) ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि फगुनी देवी उछलकर दूर जा गिरीं और उनके सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।
घटना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उन्हें संभाला। आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गोपालपुर ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों ने गहन जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
विस्थापन का दर्द और नियति का क्रूर खेल
फगुनी देवी के बारे में स्थानीय लोगों ने बताया कि वे गंगा नदी के कटाव से पीड़ित परिवारों में से थीं। नदी ने उनका घर और जमीन लील ली थी, जिसके बाद वे विस्थापित होकर गोपालपुर क्षेत्र में रहने लगी थीं। अपनों के बीच से उजड़कर नया ठिकाना तलाशना और फिर इस तरह सड़क हादसे में प्राण गंवा देना, उनके परिवार और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वे बहुत ही संघर्षपूर्ण जीवन जी रही थीं।
घटना के बाद का मंजर
टक्कर मारने के बाद टोटो चालक घटनास्थल पर ही वाहन छोड़कर फरार हो गया। आक्रोशित स्थानीय लोगों और परिजनों ने सड़क जाम करने की कोशिश की, जिससे मार्ग पर यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। सूचना मिलते ही गोपालपुर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल भेज दिया।
पुलिस की कार्रवाई
गोपालपुर थाना अध्यक्ष ने बताया कि पुलिस ने टोटो को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा, "घटना की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। फरार चालक की पहचान की जा रही है और जल्द ही उसे कानून के दायरे में लाया जाएगा।" पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को सरकारी नियमों के तहत जो भी उचित मुआवजा होगा, उसे दिलवाने में प्रशासन पूरी मदद करेगा।
सुरक्षा के सवाल और ग्रामीण सड़कों की स्थिति
इस घटना ने गोपालपुर के ग्रामीण इलाकों में यातायात की अव्यवस्था की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि:
अनियंत्रित टोटो का परिचालन: मुख्य मार्गों पर बिना किसी लाइसेंस और प्रशिक्षण के धड़ल्ले से टोटो चलाए जा रहे हैं, जो अक्सर तेज रफ्तार के कारण दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।
सड़क सुरक्षा के अभाव: मुख्य मार्गों के चौड़ीकरण के साथ-साथ वहां 'जेब्रा क्रॉसिंग' या 'स्पीड ब्रेकर' जैसे सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।
बढ़ता दबाव: गंगा दियारा से विस्थापित होने के बाद आबादी का एक बड़ा हिस्सा गोपालपुर के इन रास्तों का उपयोग कर रहा है, जिससे यहां वाहनों का दबाव बढ़ गया है, लेकिन उस अनुपात में सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं।
प्रशासनिक संवेदनशीलता की मांग
परिजनों ने रोते-बिलखते हुए जिला प्रशासन से मांग की है कि इस परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें अविलंब आपदा राहत या सड़क दुर्घटना के तहत सहायता राशि प्रदान की जाए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए सड़क पर अवैध वाहनों के परिचालन के खिलाफ अभियान चलाने की मांग की है।
फगुनी देवी की यह मौत महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित तंत्र की विफलता है। एक महिला जो प्राकृतिक आपदा (गंगा कटाव) से बचकर अपना भविष्य बनाने की कोशिश कर रही थी, वह मानवनिर्मित लापरवाही की भेंट चढ़ गई। गोपालपुर की सड़कों पर दौड़ रहे बेलगाम वाहनों पर लगाम लगाना अब जिला प्रशासन के लिए एक बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि किसी और परिवार का चिराग इस तरह न बुझे।