गर्मी और उमस का डबल अटैक: रात के तापमान में 0.9 डिग्री की बढ़ोतरी, दिनभर पसीने से बेहाल रहे लोग
भागलपुर/क्षेत्रीय समाचार: भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में भीषण गर्मी और उमस का प्रकोप जारी है। पिछले 24 घंटों में मौसम के मिजाज में आए बदलाव ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। जहाँ दिन में चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया, वहीं रात के बढ़ते तापमान ने लोगों की बेचैनी और बढ़ा दी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रात के तापमान में 0.9 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे रातें भी अब राहत भरी नहीं रह गई हैं।
रातें भी हुई तपन भरी
गर्मी का असर अब इस कदर बढ़ गया है कि सूरज ढलने के बाद भी वातावरण में ठंडक महसूस नहीं हो रही है। आम तौर पर रात के समय तापमान में थोड़ी गिरावट आने से लोगों को सुकून मिलता है, लेकिन न्यूनतम तापमान में 0.9 डिग्री की बढ़ोतरी ने रात की नींद उड़ा दी है। घरों के भीतर पंखे और कूलर भी गर्म हवा फेंक रहे हैं, जिससे लोग पूरी रात करवटें बदलते नजर आ रहे हैं। तापमान में यह उछाल वातावरण में नमी (ह्यूमिडिटी) के कारण हो रहा है, जिससे उमस का स्तर काफी अधिक महसूस किया जा रहा है।
दिन में उमस और पसीने का कहर
दिन का हाल तो और भी बुरा है। सुबह 9 बजते-बजते धूप इतनी तीखी हो जाती है कि पैदल चलना दूभर हो जाता है। इसके साथ ही नमी की अधिकता ने उमस (Humidity) को चरम पर पहुंचा दिया है। उमस के कारण लोग पसीने से तरबतर हो रहे हैं। वातावरण में हवा की गति कम होने के कारण घुटन जैसी स्थिति बनी हुई है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और लोग दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं। काम के सिलसिले में निकलने वाले लोगों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
स्वास्थ्य पर पड़ रहा बुरा असर
लगातार बढ़ रही इस भीषण गर्मी और उमस के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। विशेषकर बच्चे, बुजुर्ग और उच्च रक्तचाप (High BP) के मरीज इस मौसम की चपेट में जल्दी आ रहे हैं। डिहाइड्रेशन, सिरदर्द और लू (Heatstroke) के लक्षणों वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि इस मौसम में अधिक से अधिक पानी पिएं, ओआरएस का घोल लें और बहुत जरूरी होने पर ही धूप में बाहर निकलें।
मानसून का इंतजार
भागलपुर सहित पूरे क्षेत्र में लोग अब बस मानसून की बारिश का इंतजार कर रहे हैं। भीषण गर्मी और उमस के कारण फसलें भी झुलस रही हैं, जिससे किसानों की चिंताएं और बढ़ गई हैं। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि जब तक प्री-मानसून की सक्रियता या मानसूनी बारिश नहीं होती, तब तक तापमान में कोई बड़ी गिरावट की संभावना कम है। नमी की अधिकता के कारण बीच-बीच में बादल तो छा रहे हैं, लेकिन बारिश न होने के कारण यह बादल उमस को और अधिक बढ़ा दे रहे हैं।
रात के तापमान में वृद्धि: 0.9 डिग्री सेल्सियस।
आर्द्रता का स्तर: 70% से 85% के बीच (जो उमस का मुख्य कारण है)।
परामर्श: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें।
फिलहाल, शहर का जनजीवन पूरी तरह से एसी, कूलर और ठंडे पेय पदार्थों पर निर्भर हो गया है। आने वाले दिनों में यदि बारिश नहीं हुई, तो गर्मी और उमस का यह स्तर लोगों की परेशानी को और बढ़ा सकता है।