दानापुर में पूर्व पार्षद के घर पर पत्थरबाजी, रंगदारी केस में गवाही रोकने का आरोप; दोनों पक्ष पहुंचे थाने
संवाद सहयोगी, दानापुर (पटना)। राजधानी पटना के दानापुर थाना क्षेत्र स्थित सगुना बुढ़िया कुआं इलाके में शनिवार को उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब एक पूर्व पार्षद के घर पर कथित रूप से पत्थरबाजी की गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। मामले को लेकर पूर्व पार्षद ने दानापुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए छह लोगों पर हमला करने, धमकी देने और रंगदारी से जुड़े पुराने मामले में गवाही नहीं देने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से भी थाने में आवेदन देकर अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताया गया है। ऐसे में पुलिस दोनों पक्षों के दावों की पड़ताल कर रही है।
पति को खोजते हुए पहुंचे आरोपी, फिर शुरू हुई पत्थरबाजी
पूर्व पार्षद के अनुसार घटना उस समय हुई जब कुछ लोग उनके पति जयंत कुमार को खोजते हुए उनके घर पहुंचे। आरोप है कि जब उन्हें जयंत कुमार घर पर नहीं मिले तो आरोपितों ने घर के बाहर हंगामा करना शुरू कर दिया। इसके बाद देखते ही देखते घर पर पत्थरबाजी शुरू कर दी गई।
पूर्व पार्षद का कहना है कि अचानक हुई पत्थरबाजी से परिवार के सदस्य घबरा गए। घर के बाहर खड़ी कुछ वस्तुओं को नुकसान पहुंचा, जबकि आसपास के लोगों में भी दहशत फैल गई। शोर-शराबा सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी वहां से चले गए।
घटना की सूचना तुरंत दानापुर थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और दोनों पक्षों से प्रारंभिक जानकारी जुटाई।
रंगदारी के मामले में गवाही देने से रोकने का आरोप
पूर्व पार्षद ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनके पति जयंत कुमार से पहले रंगदारी मांगी गई थी। इस संबंध में दर्ज मामले में वे गवाह हैं। आरोप है कि इसी मुकदमे में गवाही नहीं देने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से उन्हें और उनके परिवार को धमकियां मिल रही थीं। कई बार समझौता करने और गवाही से पीछे हटने के लिए कहा गया। जब उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया तो आरोपितों ने उनके घर पहुंचकर हमला किया।
पूर्व पार्षद का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने उचित कार्रवाई नहीं की तो उनके परिवार की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
छह लोगों को बनाया गया आरोपित
दानापुर थाने में दर्ज शिकायत में स्थानीय उपेन्द्र, पंचम यादव सहित कुल छह लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सभी लोग एकजुट होकर घर पहुंचे, गाली-गलौज की और उसके बाद पत्थरबाजी की।
पीड़ित पक्ष ने आरोपितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है।
दूसरे पक्ष ने भी दर्ज कराया आवेदन
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब दूसरे पक्ष की ओर से भी दानापुर थाने में आवेदन दिया गया। दूसरे पक्ष ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है।
उनका कहना है कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच कराने और दोनों पक्षों के बयान के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की है।
दोनों पक्षों की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है और पूरे मामले की जांच कर रही है।
पुलिस जुटा रही साक्ष्य
दानापुर थाना पुलिस ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में क्या कुछ रिकॉर्ड हुआ है। यदि किसी कैमरे में पत्थरबाजी या विवाद की तस्वीरें कैद हुई हैं तो उन्हें जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।
इसके अलावा दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में चर्चा का विषय बनी घटना
सगुना बुढ़िया कुआं इलाके में दिनदहाड़े हुई इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चर्चा का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि किसी विवाद को लेकर इस तरह घर पर हमला किया जाता है तो यह कानून-व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
कई लोगों ने प्रशासन से ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
निष्पक्ष जांच की मांग
पूर्व पार्षद ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं दूसरे पक्ष ने भी निष्पक्ष जांच पर भरोसा जताते हुए कहा है कि जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों द्वारा दिए गए आवेदन, उपलब्ध साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था और किस पक्ष की भूमिका सामने आती है। तब तक पुलिस ने किसी भी पक्ष के दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।