गोविंदपुर हनुमान मंदिर के पास घेराबंदी कर पकड़ा गया 'शराब का चलता-फिरता गोदाम'; तस्कर रूदल राय गिरफ्तार, ट्रक में लगा था जीपीएस!
बिहार में शराब माफिया चाहे जितनी भी हाईटेक तरकीबें अपना लें, लेकिन कानून के हाथ उनके गिरेबान तक पहुंच ही जाते हैं। राजधानी पटना के ग्रामीण इलाके फतुहा से इस वक्त शराबबंदी कानून को कड़ाई से लागू करने को लेकर एक बहुत बड़ी सफलता सामने आई है। फतुहा थाना पुलिस और मद्यनिषेध उत्पाद विभाग (Excise Department) की संयुक्त टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर तड़के सुबह गोविंदपुर हनुमान मंदिर के समीप एक बड़े शराब नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।
इस मेगा ज्वाइंट ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने 2089 लीटर विदेशी शराब (Foreign Liquor) की एक बहुत बड़ी खेप को जब्त किया है। काले बाजार में इस बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी जा रही है। मौके से पुलिस ने इस अंतरराज्यीय सिंडिकेट के मुख्य तस्कर रूदल राय को धर-दबोचा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि तस्करों ने इस बार पुलिस को चकमा देने के लिए मालवाहक ट्रक, एक बैकअप पिकअप वैन, एडवांस मोबाइल फोन और बकायदा जीपीएस (GPS) ट्रैकिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया था ताकि पल-पल की लोकेशन ट्रैक की जा सके। लेकिन, पुलिस के मुखबिर तंत्र के आगे यह 'हाईटेक' प्लानिंग फेल हो गई।
आधी रात को बिछाया गया जाल: कैसे हुआ 'ऑपरेशन गोविंदपुर' सफल?
पुलिस और उत्पाद विभाग के वरीय अधिकारियों को एक बेहद पुख्ता इनपुट मिला था कि दूसरे राज्य (संभवतः हरियाणा या अरुणाचल प्रदेश) से विदेशी शराब की एक बड़ी खेप को फतुहा के रास्ते पटना और इसके आस-पास के जिलों में खपाने के लिए लाया जा रहा है।
हनुमान मंदिर के पास नाकेबंदी: इनपुट मिलते ही फतुहा पुलिस और उत्पाद विभाग के जांबाज अधिकारियों ने अपनी गाड़ियों को छिपाकर गोविंदपुर हनुमान मंदिर के पास रणनीतिक घेराबंदी (Ambush) कर दी।
संदेह के घेरे में आया ट्रक: रात के सन्नाटे में एक भारी मालवाहक ट्रक और उसके ठीक पीछे चल रही एक महिंद्रा पिकअप वैन मंदिर के पास आकर रुकी। गाड़ियां रुकते ही कुछ संदिग्ध लोग ट्रक के पिछले हिस्से को खोलकर माल को पिकअप वैन में तेजी से शिफ्ट करने लगे।
रेड लाइट अलर्ट और भगदड़: जैसे ही झाड़ियों में छिपे पुलिसकर्मियों ने चारों तरफ से गाड़ियों को घेरा, तस्करों में हड़कंप मच गया। अंधेरे का फायदा उठाकर 2-3 लाइनमैन और तस्कर खेत की तरफ भागने लगे, लेकिन पुलिस के जवानों ने खदेड़कर मुख्य तस्कर रूदल राय को दबोच लिया।
जीपीएस (GPS) और मोबाइल: तस्करों का 'कॉर्पोरेट' स्टाइल देखकर पुलिस हैरान
फतुहा पुलिस ने जब जब्त किए गए वाहनों की तलाशी ली, तो शराब की पेटियों के अलावा जो चीजें बरामद हुईं, उसने अधिकारियों के कान खड़े कर दिए:
कंटेनर में छुपा था जीपीएस: ट्रक के डैशबोर्ड और इंजन के पास एक एडवांस जीपीएस ट्रैकर (GPS Tracker) छिपाकर लगाया गया था। पूछताछ में गिरफ्तार रूदल राय ने कबूल किया कि इस जीपीएस के जरिए इस पूरे अवैध नेटवर्क का असली 'आका' (किंगपिन) झारखंड या पटना के किसी सुरक्षित ठिकाने पर बैठकर कंप्यूटर स्क्रीन पर यह देख रहा था कि शराब की खेप कहां तक पहुंची है और उसे किस रूट से ले जाना है।
पिकअप वैन थी 'शटल सर्विस': ट्रक मुख्य सड़कों पर आसानी से पकड़ा जा सकता था, इसलिए तस्करों ने फॉर्मूला बनाया था कि गोविंदपुर जैसे सुनसान इलाके में ट्रक से शराब को अनलोड कर छोटी पिकअप वैन में भरा जाएगा। इसके बाद छोटे रास्तों से इसे पटना के अलग-अलग लोकल सप्लायर्स तक डिलीवर किया जाना था।
सीक्रेट मोबाइल और चैट: पुलिस ने मौके से कई स्मार्टफोन और कीपैड वाले मोबाइल भी जब्त किए हैं। इन मोबाइलों में कोडेड लैंग्वेज (जैसे- माल, पेटी, गाड़ी साफ है) का इस्तेमाल कर व्हाट्सएप चैट और कॉल किए गए थे, जिनकी स्क्रूटनी अब साइबर सेल कर रही है।
एक नज़र में: फतुहा मेगा शराब रिकवरी डेटा
| बरामदगी/जब्ती की श्रेणी | पुलिस और उत्पाद विभाग के आधिकारिक आंकड़े |
|---|---|
| मुख्य घटनास्थल | गोविंदपुर हनुमान मंदिर के पास, फतुहा (पटना) |
| बरामद विदेशी शराब | 2089 लीटर (विभिन्न ब्रांड्स की महंगी बोतलें और टेट्रा पैक) |
| शराब की बाजार कीमत | करीब 20 लाख रुपये (अनुमानित) |
| गिरफ्तार मुख्य तस्कर | रूदल राय (साजिशकर्ता और ट्रांसपोर्टर) |
| जब्त किए गए वाहन | 1 बड़ा मालवाहक ट्रक और 1 तेज रफ्तार पिकअप वैन |
| बरामद इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स | कई हाई-एंड मोबाइल फोन और 1 एक्टिव जीपीएस डिवाइस |
किंगपिन की तलाश: रूदल राय उगल रहा है सिंडिकेट के सीक्रेट्स
गिरफ्तार किए गए तस्कर रूदल राय को फतुहा थाने लाकर पुलिस और उत्पाद विभाग की स्पेशल विंग कड़ी पूछताछ कर रही है। सूत्रों की मानें तो रूदल राय इस सिंडिकेट का केवल एक मोहरा है जो ट्रांसपोर्टेशन का जिम्मा संभालता था।
पुलिस का आधिकारिक बयान: "यह एक बहुत बड़ा और संगठित सिंडिकेट है। रूदल राय से पूछताछ में कई बड़े सफेदपोशों और स्थानीय लाइनमैनों के नाम सामने आए हैं जो फतुहा, दीदारगंज और बख्तियारपुर के इलाकों में शराब की होम डिलीवरी नेटवर्क चलाते हैं। हम इस ट्रक और पिकअप वैन के ओनरशिप रिकॉर्ड की भी जांच कर रहे हैं। इस रूट के सभी संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है और बहुत जल्द असली मास्टरमाइंड भी कानून के शिकंजे में होगा।"
क्या शराबबंदी के बाद भी माफिया हो रहे हैं और अधिक चालाक?
फतुहा की यह घटना साबित करती है कि बिहार में कड़े मद्यनिषेध कानून के बावजूद शराब तस्कर अब पारंपरिक तरीकों को छोड़कर डिजिटल और कॉर्पोरेट टूल्स का सहारा ले रहे हैं।
कंटेनरों का इस्तेमाल: अब खुलेआम शराब ले जाने के बजाय गाड़ियों में गुप्त केबिन (Secret Cabin) बनाए जा रहे हैं या फिर जीपीएस लगाकर गाड़ियों को ट्रैक किया जा रहा है।
प्रशासन की नई रणनीति: पुलिस ने भी अब स्पष्ट कर दिया है कि यदि तस्कर हाईटेक हो रहे हैं, तो बिहार पुलिस का 'एंटी लिकर टास्क फोर्स' (ALTF) और उत्पाद विभाग के ड्रोन, खोजी कुत्ते (Sniffer Dogs) और डिजिटल सर्विलांस टीम उनसे दो कदम आगे रहकर काम करेगी।
फतुहा पुलिस और उत्पाद विभाग की यह संयुक्त कार्रवाई शराब माफियाओं की कमर तोड़ने वाली है। 20 लाख की विदेशी शराब और जीपीएस के साथ ट्रक-पिकअप की जब्ती यह दर्शाती है कि प्रशासनिक मुस्तैदी कितनी पुख्ता थी। गोविंदपुर हनुमान मंदिर के पास की गई यह घेराबंदी आने वाले दिनों में अन्य तस्करों के लिए एक बड़ा सबक साबित होगी। बहरहाल, रूदल राय की गिरफ्तारी के बाद अब देखना यह है कि पटना पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जड़ों को कब तक पूरी तरह से उखाड़ फेंकती है!