आयरन की टैबलेट के बाद तुरंत न लें दूध: डॉ. अमिता - रोटरी गया सिटी की ओर से महिलाओं के लिए आयोजित हुआ विशेष एनीमिया जांच शिविर
बिहार के गया जिले में महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को सुधारने के लिए एक बेहद सराहनीय और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। रोटरी गया सिटी (Rotary Gaya City) के तत्वावधान में महिलाओं के लिए एक विशेष एनीमिया (खून की कमी) जांच सह जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. अमिता ने मुख्य रूप से शिरकत की और महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी बहुमूल्य सुझाव दिए। अपने संबोधन के दौरान डॉ. अमिता ने महिलाओं को आगाह करते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण चिकित्सीय सलाह दी कि आयन की टैबलेट (Iron Tablets) लेने के तुरंत बाद दूध या डेयरी उत्पादों का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे शरीर में आयरन का अवशोषण ठीक से नहीं हो पाता है।
क्या है पूरा मामला? (शिविर का आयोजन और महिलाओं में एनीमिया की समस्या)
भारत में, विशेषकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में, महिलाओं और युवतियों के बीच एनीमिया (खून की कमी) एक बेहद आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है। इसी समस्या से महिलाओं को निजात दिलाने और उन्हें जागरूक करने के उद्देश्य से रोटरी गया सिटी द्वारा इस स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया था।
बड़ी संख्या में महिलाओं की जांच: शिविर में गया शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया। डॉक्टरों और मेडिकल टीम ने महिलाओं के स्वास्थ्य की गहन जाँच की, जिसमें हीमोग्लोबिन की कमी (एनीमिया) के लक्षणों को परखा गया।
पोषण और खान-पान पर जोर: शिविर के दौरान डॉक्टरों ने महिलाओं को यह समझाया कि किस प्रकार वे अपने दैनिक आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, गुड़, चना, अनार और अन्य पौष्टिक चीजें शामिल करके खून की कमी को दूर कर सकती हैं।
डॉ. अमिता की मुख्य सलाह: आयरन टैबलेट और दूध का सेवन
शिविर में महिलाओं को संबोधित करते हुए डॉ. अमिता ने आयरन की गोलियों के सही इस्तेमाल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अक्सर महिलाएं डॉक्टर द्वारा दी गई आयरन की गोलियां तो ले लेती हैं, लेकिन उनके सेवन के सही तरीकों से अनजान रहती हैं:
आयरन और दूध का आपसी मेल क्यों है नुकसानदेह: डॉ. अमिता ने स्पष्ट किया कि दूध में कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। जब कोई व्यक्ति आयरन की टैबलेट खाने के तुरंत बाद दूध पी लेता है या डेयरी उत्पादों का सेवन करता है, तो कैल्शियम और आयरन आपस में मिलकर रासायनिक प्रतिक्रिया करते हैं, जिससे शरीर का पाचन तंत्र आयरन को पूरी तरह से सोख (Absorb) नहीं पाता है।
दवा के असर को कम करता है कैल्शियम: परिणामस्वरूप, जिस उद्देश्य से आयरन की गोली खाई जाती है, उसका पूरा लाभ शरीर को नहीं मिल पाता है। डॉ. अमिता ने सलाह दी कि आयरन की टैबलेट हमेशा पानी के साथ या नींबू पानी/संतरे के जूस (विटामिन-सी युक्त पदार्थों) के साथ लेनी चाहिए, क्योंकि विटामिन-सी शरीर में आयरन के अवशोषण को तेज करता है।
दूरी का रखें ध्यान: यदि कोई महिला दूध पीना चाहती है, तो उसे आयरन की गोली लेने और दूध पीने के बीच कम से कम 2 से 3 घंटे का अंतराल जरूर रखना चाहिए।
शिविर की सफलता और महिलाओं की प्रतिक्रिया
रोटरी गया सिटी द्वारा आयोजित इस एनीमिया जांच शिविर में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जांच के बाद जिन महिलाओं में हीमोग्लोबिन का स्तर कम पाया गया, उन्हें मौके पर ही आयरन और मल्टीविटामिन की गोलियां निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। साथ ही, उन्हें संतुलित आहार लेने के लिए प्रेरित किया गया। महिलाओं ने रोटरी क्लब और डॉ. अमिता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के शिविरों से उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी ऐसी कई जरूरी बातें सीखने को मिलती हैं जो वे आम तौर पर नहीं जानती थीं।
रोटरी गया सिटी की ओर से गया में आयोजित यह एनीमिया जांच शिविर महिलाओं के स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ है। डॉ. अमिता द्वारा दी गई यह महत्वपूर्ण जानकारी कि "आयरन की टैबलेट के बाद तुरंत दूध न लें" महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी है। यदि महिलाएं इन छोटी-छोटी चिकित्सीय सावधानियों को अपने जीवन में अपना लें, तो वे एनीमिया जैसी गंभीर समस्या से आसानी से मुक्ति पा सकती हैं और एक स्वस्थ जीवन जी सकती हैं।