टीएमबीयू के गेस्ट हाउस में अतिथि शिक्षकों की काउंसिलिंग प्रक्रिया तेज पहले दिन 60 से अधिक शिक्षकों ने कराया सत्यापन, कई कमेटियों का हुआ गठन

भागलपुर/विशेष संवाददाता: बिहार के तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) के प्रशासनिक और शैक्षणिक गलियारों में इन दिनों नियुक्तियों और दस्तावेजों के सत्यापन का कार्य जोरों पर है। विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में शनिवार को बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) द्वारा अनुशंसित और बहाल किए गए अतिथि/अंशकालिक शिक्षकों की काउंसिलिंग प्रक्रिया बेहद सुचारू और सख्त प्रशासनिक निगरानी के बीच शुरू हुई। पहले ही दिन विभिन्न विषयों से जुड़े 60 से अधिक शिक्षकों ने पहुंचकर अपने मूल प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कई विशेष कमेटियों का गठन किया गया है।

काउंसिलिंग प्रक्रिया और प्रशासनिक तैयारियां

विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस परिसर में सुबह से ही नवनियुक्त शिक्षकों की लंबी कतारें देखी गईं। दूर-दराज के जिलों और अन्य राज्यों से पहुंचे अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की गहन जांच के लिए विश्वविद्यालय ने पुख्ता इंतजाम किए हैं।

विभिन्न कमेटियों का गठन: काउंसिलिंग कार्य को त्वरित और त्रुटिहीन बनाने के लिए अलग-अलग विषयों और दस्तावेजों के सत्यापन हेतु कई विशेष कमेटियों का गठन किया गया है। प्रत्येक कमेटी में वरिष्ठ प्रोफेसरों और प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल किया गया है।

दस्तावेजों की सूक्ष्म जांच: अभ्यर्थियों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्नातक, स्नातकोत्तर, नेट (NET), पीएचडी (Ph.D.) की डिग्रियां, अंक पत्र, आरक्षण रोस्टर से जुड़े कागजात तथा पहचान पत्रों की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक अड़चन न आए।

पहले दिन 60 से अधिक शिक्षकों की हुई काउंसिलिंग

शनिवार को चले पहले चरण के इस महाअभियान के दौरान विभिन्न विभागों के 60 से अधिक शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी की। विश्वविद्यालय के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, पहले दिन का सत्र काफी सफल रहा और तय समय-सीमा के भीतर अधिकांश अभ्यर्थियों के कागजात का सत्यापन कर लिया गया।

जो शिक्षक किन्हीं कारणों से पहले दिन या शनिवार को उपस्थित नहीं हो सके हैं या जिनकी प्रक्रिया शेष रह गई है, उनके लिए आगे के दिनों में भी यह प्रक्रिया नियमानुसार जारी रहेगी, ताकि सभी चयनित शिक्षकों का सत्यापन जल्द से जल्द पूरा किया जा सके।

शिक्षण व्यवस्था को मिलेगी मजबूती और नए कॉलेजों को मिलेंगे शिक्षक

शैक्षणिक जानकारों का मानना है कि बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के माध्यम से हो रही इन नियुक्तियों और काउंसिलिंग से भागलपुर विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले विभिन्न अंगीभूत एवं नए संबद्ध कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर होगी। लंबे समय से शिक्षकों के अभाव में प्रभावित हो रही पठन-पाठन की व्यवस्था इन अतिथि शिक्षकों के योगदान के बाद पटरी पर लौटेगी।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि काउंसिलिंग की प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद सभी सफल और सत्यापित शिक्षकों को उनके संबंधित कॉलेजों में अध्यापन कार्य के लिए पदस्थापित कर दिया जाएगा, जिससे छात्र-हितों की रक्षा हो सकेगी और उच्च शिक्षा के स्तर में सुधार आएगा।