आरा: स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम निर्माण की धीमी रफ्तार पर भड़के डीएम, कार्य में तेजी लाने का दिया निर्देश

आरा, संवाददाता: शहर को जलजमाव की समस्या से स्थायी निजात दिलाने के लिए महत्वाकांक्षी 'स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम' का निर्माण कार्य चल रहा है। इस परियोजना की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा करने के लिए मंगलवार को जिला पदाधिकारी (DM) तनय सुल्तानिया ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। बैठक के दौरान डीएम ने निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति पर नाराजगी जाहिर की और संबंधित कार्यपालक अभियंता एवं संवेदकों को कार्य में तेजी लाने का सख्त निर्देश दिया।

परियोजना की वर्तमान स्थिति

आरा शहर के विभिन्न वार्डों में जलजमाव एक पुरानी और गंभीर समस्या रही है। इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम का जाल बिछाया जा रहा है। समीक्षा बैठक में पाया गया कि कई जगहों पर खुदाई और पाइप बिछाने का कार्य निर्धारित समय-सीमा से पीछे चल रहा है।

डीएम तनय सुल्तानिया ने कार्य में हो रही देरी के कारणों को जानने का प्रयास किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि, "शहरवासियों को जलजमाव से राहत दिलाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"

निर्माण कार्य के लिए सख्त दिशा-निर्देश

बैठक के दौरान डीएम ने निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:

कार्य की गति: संवेदकों को निर्देशित किया गया कि वे मैनपावर और मशीनों की संख्या बढ़ाएं ताकि निर्माण कार्य को युद्ध स्तर पर पूरा किया जा सके।

गुणवत्ता: डीएम ने जोर देकर कहा कि ड्रेनेज के निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

समय-सीमा: बरसात का मौसम नजदीक है, इसे देखते हुए सभी मुख्य नालों और ड्रेनेज के कनेक्टिंग पॉइंट्स को जल्द से जल्द क्रियाशील बनाने का निर्देश दिया गया।

अवरोधों का होगा समाधान

कई जगहों पर जमीन अधिग्रहण या बिजली के खंभों के कारण काम बाधित होने की शिकायत भी सामने आई। डीएम ने आश्वासन दिया कि प्रशासनिक स्तर पर जो भी अड़चनें हैं, उन्हें तुरंत दूर किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर काम करने को कहा ताकि बिना किसी रुकावट के परियोजना पूरी हो सके।

जनता की उम्मीदें

आरा के निवासियों को इस ड्रेनेज सिस्टम से काफी उम्मीदें हैं। पूर्व के वर्षों में हल्की बारिश में भी शहर की मुख्य सड़कें और निचले इलाके जलमग्न हो जाते थे। जिला प्रशासन का मानना है कि यदि यह प्रोजेक्ट समय पर पूरा हो जाता है, तो शहर को जलजमाव से बहुत हद तक मुक्ति मिल जाएगी।

डीएम तनय सुल्तानिया द्वारा की गई यह समीक्षा बैठक साफ संदेश देती है कि प्रशासन अब इस परियोजना को लेकर बेहद गंभीर है। आने वाले दिनों में प्रशासन के द्वारा औचक निरीक्षण की भी संभावना है, ताकि काम की रफ्तार पर नज़र रखी जा सके। अब देखना यह है कि प्रशासन के इन सख्त निर्देशों का संवेदकों पर कितना असर पड़ता है