पीरपैंती में सड़क हादसे का शिकार हुआ बुद्धुचक निवासी 45 वर्षीय मो. गुलजार, इलाज के दौरान मौत
भागलपुर/पीरपैंती: जिले के पीरपैंती थाना क्षेत्र अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में हुई एक दुखद घटना में बुद्धुचक गांव निवासी 45 वर्षीय मो. गुलजार की मौत हो गई। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल गुलजार ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और बुद्धुचक गांव में शोक की लहर व्याप्त है।
क्या थी घटना?
मृतक के भाई गुलफराज ने पुलिस को दिए बयान में हादसे की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 3 जुलाई को मो. गुलजार अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर मिर्जाचौकी से वापस अपने घर लौट रहे थे। पीरपैंती के समीप उनकी बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक पर सवार दोनों लोग सड़क पर दूर जा गिरे। इस भीषण हादसे में मो. गुलजार के सिर और शरीर के अन्य संवेदनशील अंगों में गंभीर चोटें आईं।
अस्पताल में जिंदगी से जंग हार गए गुलजार
दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को इलाज के लिए आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद मो. गुलजार की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया था। हालांकि, अस्पताल में चिकित्सकों के तमाम प्रयासों और इलाज के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और अंततः उन्होंने दम तोड़ दिया। साथ में सवार उनके साथी की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है, जिनका इलाज चल रहा है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मो. गुलजार की असामयिक मृत्यु से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वे घर के एक जिम्मेदार सदस्य थे और उनके जाने से बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। उनके भाई गुलफराज का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोगों का कहना है कि गुलजार एक मिलनसार व्यक्ति थे, जिनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी।
पुलिस जांच और सुरक्षा पर सवाल
घटना की सूचना मिलते ही पीरपैंती पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में बाइक का अनियंत्रित होना ही हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है।
लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने इलाके में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मिर्जाचौकी और पीरपैंती के बीच के रास्तों पर अक्सर तेज रफ्तार और खराब सड़कों के कारण हादसे होते रहते हैं। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ऐसे दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (Accident Prone Areas) में सुरक्षा के उपाय कड़े किए जाएं और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर सख्ती बरती जाए।
फिलहाल, पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया है, जहाँ से उन्हें अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव ले जाया गया। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है ताकि घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके।