अमरूद खिलाने का लालच देकर छह साल की बच्ची से ममेरे चाचा ने किया दुष्कर्म
बेगूसराय। बिहार के बेगूसराय जिले के मटिहानी थाना क्षेत्र में रिश्तों को तार-तार और इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक अत्यंत खौफनाक घटना सामने आई है। यहाँ महज छह वर्ष की एक मासूम बच्ची के साथ उसके अपने ही 13 वर्षीय रिश्तेदार (ममेरे चाचा) ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं। आरोपी ने मासूम बच्ची को अमरूद खिलाने का लालच देकर अपने पास बुलाया और फिर सुनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद बदहवास और लहूलुहान अवस्था में घर पहुँची बच्ची ने अपनी माँ को आपबीती सुनाई, जिसके बाद परिजनों के होश उड़ गए। माँ की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है।
अमरूद के लालच में फँसाकर रची साजिश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी। उसी दौरान रिश्ते में उसका ममेरा चाचा लगने वाला 13 वर्षीय किशोर वहाँ पहुँचा। उसने मासूम की नादानी का फायदा उठाते हुए उसे अमरूद खिलाने का झाँसा दिया। अमरूद पाने की खुशी में मासूम बच्ची बिना कुछ सोचे-समझे उसके साथ चली गई।
बालक उसे गाँव के ही एक सुनसान और ओझल स्थान पर ले गया, जहाँ लोगों की आवाजाही न के बराबर थी। वहाँ पहुँचते ही आरोपी किशोर ने बच्ची के साथ ज़बरदस्ती करना शुरू कर दिया। बच्ची के रोने और चिल्लाने के बावजूद आरोपी ने उस पर दया नहीं दिखाई और उसके साथ दुष्कर्म जैसी हैवानियत को अंजाम दिया।
घर पहुँचकर रोते हुए बताई आपबीती
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी किशोर बच्ची को बदहवास हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गया। दर्द से कराहती और डरी-सहमी बच्ची किसी तरह अपने घर पहुँची। बच्ची की हालत और उसके कपड़ों पर खून के धब्बे देखकर माँ सन्न रह गई। जब माँ ने दुलारकर उससे रोने का कारण पूछा, तो मासूम ने बिलखते हुए पूरी आपबीती सुना दी।
बच्ची के मुँह से आरोपी का नाम और घटना की भयावहता सुनकर परिजनों के पाँव तले ज़मीन खिसक गई। गाँव में देखते ही देखते यह खबर आग की तरह फैल गई और स्थानीय लोगों में आक्रोश का माहौल व्याप्त हो गया।
पुलिसिया कार्रवाई और मेडिकल जाँच
घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने बिना कोई देरी किए मटिहानी थाना पहुँचकर नामजद लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की संवेदनशीलता और पीड़िता की नाजुक उम्र को देखते हुए मटिहानी थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई।
प्राथमिकी दर्ज: पुलिस ने पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और दुष्कर्म की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
मेडिकल परीक्षण: बच्ची को तुरंत इलाज और मेडिकल परीक्षण के लिए सदर अस्पताल, बेगूसराय भेजा गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
कानूनी प्रक्रिया: चूंकि आरोपी की उम्र महज 13 वर्ष बताई जा रही है, इसलिए उसे निरुद्ध (detain) कर बाल न्याय परिषद (Juverile Justice Board) के समक्ष प्रस्तुत करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
समाज में गहराता यौन अपराधों का संकट
इस घटना ने एक बार फिर समाज और परिजनों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आख़िर बच्चे अपने ही रिश्तेदारों के बीच कितने सुरक्षित हैं? 6 साल की मासूम, जिसे सही और गलत की समझ तक नहीं थी, उसे अपनी ही रिश्तेदारी के एक किशोर ने हवस का शिकार बना लिया।
स्थानीय ग्रामीणों ने इस घटना पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की माँग की है ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जा सके। वहीं, बाल विशेषज्ञों का मानना है कि कम उम्र के बच्चों में बढ़ते इंटरनेट व गलत संगति के प्रभाव के कारण भी इस तरह के अपराधों में किशोरों की संलिप्तता बढ़ रही है, जिस पर समाज और अभिभावकों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।