मुजफ्फरपुर में बिना बारिश के जलमग्न हुआ पंकज मार्केट: ओवरफ्लो नाले के गंदे पानी से जनजीवन अस्त-व्यस्त, स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश

बिहार के मुजफ्फरपुर शहर से एक हैरान करने वाली और नगर निगम की पोल खोलने वाली तस्वीर सामने आई है। बुधवार को शहर के व्यस्त इलाकों में शुमार पंकज मार्केट की सड़कें अचानक पूरी तरह से जलमग्न हो गईं। सबसे हैरानी की बात यह है कि यह जलजमाव किसी भारी बारिश या आपदा की वजह से नहीं हुआ, बल्कि बिना एक बूंद बारिश के ही नाले का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर सैलाब की तरह फैल गया। इस अचानक हुई स्थिति ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और नगर निगम के दावों की पोल खोल दी है, जिससे आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

सुबह-सुबह अचानक सड़कों पर फैला गंदा पानी

बुधवार की सुबह जब पंकज मार्केट के स्थानीय निवासी और व्यापारी अपने घरों और दुकानों से बाहर निकले, तो उन्होंने अपने पैरों के नीचे साफ जमीन की जगह नाले का बदबूदार और काला पानी पाया। बिना किसी पूर्व चेतावनी या बारिश के अचानक हुए इस जलजमाव ने हर किसी को चौंका दिया। देखते ही देखते मुख्य सड़क से लेकर दुकानों के आगे और घरों की डेहरी तक गंदा पानी जमा हो गया। सुबह के व्यस्त समय में इस तरह नाले का पानी ओवरफ्लो होने से लोगों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया।

दोपहिया वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हुई स्थिति

सड़क पर फैले इस गंदे और गंदले पानी के कारण वहां की स्थिति बेहद खतरनाक हो गई थी। सड़कों पर पहले से ही गड्ढे मौजूद थे, जो गंदे पानी के नीचे पूरी तरह छिप चुके थे।

बाल-बाल बचे चालक: पानी के कारण गड्ढों का अंदाजा न मिलने के कारण कई दोपहिया वाहन चालक संतुलन खो बैठे और गिरते-गिरते बचे। कई लोग मामूली रूप से चोटिल भी हुए

पैदल चलना हुआ मुहाल: राहगीरों को गंदे और बदबूदार पानी के बीच से ही गुजरने को मजबूर होना पड़ा, जिससे संक्रमण और बीमारियों फैलने का खतरा भी काफी बढ़ गया है।

व्यवसाय पर पड़ा सीधा असर

पंकज मार्केट मुजफ्फरपुर का एक प्रमुख वाणिज्यिक और व्यावसायिक केंद्र है। सुबह के वक्त जब दुकानें खुलने का समय होता है, तब सड़कों पर जलजमाव होने के कारण दुकानदारों को अपनी दुकानें खोलने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।

दुकानों के अंदर तक पानी घुसने की आशंका से व्यापारी डरे रहे।

गंदे पानी और बदबू के कारण ग्राहक भी बाजार की ओर आने से कतराते दिखे, जिससे दुकानदारों के रोजमर्रा के कारोबार और व्यापार पर इसका सीधा और बुरा असर पड़ा।

नालियों की लचर सफाई और निगम की उदासीनता

स्थानीय नागरिकों और व्यपारियों का आरोप है कि इस पूरी समस्या की मुख्य वजह नगर निगम की घोर लापरवाही और लचर व्यवस्था है।

सफाई न होना: स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके के नालों की नियमित और ठीक से सफाई महीनों से नहीं की गई है। इसके कारण नालों में सिल्ट (गाद) और कचरा जमा हो गया है, जिससे पानी की निकासी बाधित होती है।

ओवरफ्लो की समस्या: विशेषकर सुबह और शाम के समय जब घरों से पानी का उपयोग अधिक होता है, तो निकास न मिलने के कारण नाले उफन कर सड़क पर बहने लगते हैं।

शिकायतों पर अनसुनी: स्थानीय लोगों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम के अधिकारियों और संबंधित विभागों को अवगत कराया गया है, लेकिन इसके बावजूद निगम के स्तर से कोई ठोस पहल या कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासनिक सुस्ती के कारण ही आज आम जनता को यह दिन देखना पड़ रहा है।

दोपहर बाद मिली राहत, पर स्थायी समाधान की दरकार

करीब घंटों तक चले इस नारकीय जीवन के बाद, दोपहर करीब एक बजे के आसपास जब पानी का स्तर कुछ कम हुआ और जल निकासी हुई, तब जाकर स्थानीय लोगों और व्यवसायियों ने राहत की सांस ली। पानी उतरने के बाद लोगों ने कीचड़ और गंदगी के बीच अपने ठिकानों की सफाई शुरू की।

हालांकि, यह राहत सिर्फ कुछ समय के लिए है। लोगों का कहना है कि जब तक नगर निगम द्वारा नालियों की तली झाड़ सफाई नहीं कराई जाती और ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त नहीं किया जाता, तब तक बिना बारिश के भी ऐसी समस्याएं बार-बार उत्पन्न होती रहेंगी। पंकज मार्केट के लोगों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि इस समस्या का तुरंत स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि भविष्य में उन्हें इस तरह के नरक जैसे हालात का सामना न करना पड़े।