काउंटर खोलने जा रहे विमल साह को कुचला, गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर काटा महा-बवाल!

बिहार के सारण (छपरा) जिले के दाउदपुर थाना क्षेत्र से शनिवार की अलसुबह एक बेहद ही ह्रदयविदारक और आक्रोशित करने वाली दुर्घटना सामने आई है। दाउदपुर बस पड़ाव (Bus Stand) के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित हाइवा ट्रक ने सड़क किनारे जा रहे स्थानीय होटल संचालक 45 वर्षीय विमल कुमार साह को इतनी बेरहमी से रौंदा कि उनकी घटनास्थल पर ही तड़प-तड़प कर दर्दनाक मौत हो गई।

यह दर्दनाक हादसा शनिवार की सुबह करीब 5:30 बजे हुआ, जब पूरा इलाका सोकर जाग ही रहा था। विमल कुमार साह रोज की तरह सुबह-सुबह अपने घर से दाउदपुर बस पड़ाव स्थित अपनी होटल (दुकान) का काउंटर खोलने और ग्राहकों के लिए सुबह की चाय-नाश्ता तैयार करने के लिए निकले थे। इसी दौरान काल बनकर आए एक भारी कमर्शियल वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद चालक ट्रक समेत मौके से भागने में सफल रहा। इस खौफनाक एक्सीडेंट के बाद पूरे दाउदपुर बाजार में कोहराम मच गया है और उग्र स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

 सुबह 5:30 बजे का वो 'ब्लैक टाइम': काउंटर खोलने से पहले ही थम गईं सांसें

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय दुकानदारों से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार की सुबह घने कोहरे या सुबह के हल्के अंधेरे (धुंध) का फायदा उठाते हुए भारी वाहन मुख्य हाईवे पर बेहद तेज गति से दौड़ रहे थे।

पीछे से मारी जोरदार टक्कर: विमल कुमार साह जैसे ही दाउदपुर बस पड़ाव के करीब पहुंचे और अपनी दुकान की तरफ मुड़ने वाले थे, तभी छपरा की ओर से आ रहे एक बेहद तेज रफ्तार गिट्टी/बालू लदे अनियंत्रित हाइवा ट्रक ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।

पहियों के नीचे कुचल गए विमल: टक्कर इतनी भयानक थी कि विमल साह हवा में उछलकर सीधे हाईवे के बीचोबीच जा गिरे और भारी-भरकम हाइवा का पहिया उनके शरीर को कुचलता हुआ आगे निकल गया। टक्कर की आवाज सुनकर जब तक आस-पास के चाय दुकानदार और बस पड़ाव पर मौजूद खलासी व यात्री दौड़कर मौके पर पहुंचे, तब तक विमल साह का प्राणांत हो चुका था। पूरा सड़क मार्ग उनके खून से लाल हो गया था।

 एक नज़र में: दाउदपुर हाईवे एक्सीडेंट केस

मुख्य बिंदु और दुर्घटना फैक्ट्सग्राउंड जीरो की विस्तृत लाइव रिपोर्ट
मुख्य घटनास्थलराष्ट्रीय राजमार्ग, दाउदपुर बस पड़ाव के पास (सारण/छपरा)
मारे गए व्यक्तिविमल कुमार साह (उम्र लगभग 45 वर्ष, स्थानीय होटल संचालक)
हादसे का समयशनिवार (27 जून 2026) सुबह ठीक 5:30 बजे
दुर्घटना का कारणअज्ञात हाइवा ट्रक की अत्यधिक तेज रफ्तार और लापरवाही
परिजनों की स्थितिपत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल, पूरे गांव में मातम
पुलिसिया कार्रवाईशव को कब्जे में लेकर छपरा सदर अस्पताल (पोस्टमार्टम) भेजा गया

 

 हाईवे पर महा-संग्राम: शव को सड़क पर रख ग्रामीणों ने किया चक्का जाम!

जैसे ही यह खबर दाउदपुर बाजार और विमल साह के घर पहुंची, उनके परिवार में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन दौड़कर बस पड़ाव पर पहुंचे। देखते ही देखते सैकड़ों स्थानीय ग्रामीणों और आक्रोशित दुकानदारों की भीड़ हाईवे पर जमा हो गई।

यातायात पूरी तरह ठप: उग्र भीड़ ने विमल साह के शव को नेशनल हाईवे के बीचोबीच रखकर सड़क को पूरी तरह से ब्लॉक (चक्का जाम) कर दिया। आक्रोशित लोग फरार हाइवा चालक की तत्काल गिरफ्तारी, दाउदपुर बस स्टैंड के पास स्पीड ब्रेकर (गति अवरोधक) बनाने और मृतक के आश्रितों को उचित सरकारी मुआवजा देने की मांग पर अड़ गए।

गाड़ियों की लगी लंबी कतारें: चक्का जाम होने के कारण हाईवे के दोनों तरफ ट्रकों, बसों और छोटी गाड़ियों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को इस भीषण गर्मी और उमस में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

 पुलिस की सूझबूझ: उग्र भीड़ को समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

हाईवे जाम और भारी बवाल की सूचना मिलते ही दाउदपुर थाना अध्यक्ष पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। शुरुआती दौर में पुलिस को जनता के भारी आक्रोश और नारेबाजी का सामना करना पड़ा।

मुआवजे का आश्वासन: पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और मृतक के रोते-बिलखते परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने तुरंत अंचलाधिकारी (CO) से बात कर पारिवारिक लाभ योजना के तहत तात्कालिक आर्थिक सहायता और उचित सरकारी मुआवजा दिलाने का लिखित भरोसा दिया।

शव का पंचनामा: करीब दो घंटे के कड़े प्रयास और मान-मनौव्वल के बाद ग्रामीण सड़क से हटने को तैयार हुए। इसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा (Inquest Report) तैयार कर उसे पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद दोपहर को शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

 हाइवे पर बेलगाम 'हाइवा गैंग': मौत का कॉरिडोर बनती जा रही हैं सड़कें

दाउदपुर बस पड़ाव पर हुई यह दुर्घटना सारण जिले में बढ़ रहे 'रफ्तार के आतंक' की ओर एक बार फिर सबका ध्यान खींचती है।

 स्थानीय दुकानदारों का तीखा आक्रोश: "यह कोई पहली घटना नहीं है। रात के अंधेरे से लेकर सुबह के 7 बजे तक बालू और गिट्टी लदे ये हाइवा ट्रक नेशनल हाईवे पर 100 से 120 की स्पीड में रेस लगाते हैं। इन्हें न तो पुलिस का डर है और न ही इंसानी जान की परवाह। दाउदपुर बस पड़ाव एक व्यस्त इलाका है, जहां सुबह से ही यात्रियों का आना-जाना शुरू हो जाता है, लेकिन यहां न तो कोई बैरिकेडिंग है और न ही प्रशासन की तरफ से रफ्तार पर लगाम लगाने की कोई व्यवस्था। विमल साह की मौत प्रशासन की इसी अनदेखी का नतीजा है।"

 होटल संचालक विमल कुमार साह की शनिवार सुबह हुई इस दर्दनाक मौत ने एक हंसते-खेलते गरीब परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया है। वह अपने पीछे पत्नी और छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनके सामने अब आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। दाउदपुर थाना पुलिस ने अज्ञात हाइवा और उसके चालक के खिलाफ तेजी से वाहन चलाने और लापरवाही से मौत (Section 304A) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आस-पास के पेट्रोल पंपों और दुकानों में लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगाल रही है ताकि हत्यारे ट्रक नंबर की पहचान कर उसे जब्त किया जा सके। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस कार्रवाई से विमल साह के अनाथ हुए बच्चों को उनके पिता वापस मिल पाएंगे? प्रशासन को अब हाईवे के इन 'ब्लैक स्पॉट्स' पर ठोस कदम उठाने ही होंगे!