निगरानी टीम की बड़ी कार्रवाई, मखदुमपुर अंचल के अमीन को 5000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
जहानाबाद। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मखदुमपुर अंचल कार्यालय में कार्यरत एक अमीन को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अमीन जमीन की मापी कराने के नाम पर पीड़ित से 5000 रुपये की रिश्वत मांग रहा था। निगरानी विभाग की टीम ने बुधवार, 8 जुलाई को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए अमीन को रिश्वत की राशि लेते हुए पकड़ लिया।
इस कार्रवाई के बाद अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया। निगरानी टीम आरोपी अमीन को अपने साथ ले गई और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जमीन मापी के नाम पर मांगी गई थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, मामला मखदुमपुर अंचल क्षेत्र से जुड़ा है। पीड़ित व्यक्ति अपनी जमीन की मापी कराने के लिए काफी समय से अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहा था। जमीन से संबंधित कार्य पूरा कराने के लिए उसने अंचल कार्यालय में आवेदन दिया था।
पीड़ित का आरोप है कि अमीन द्वारा जमीन मापी के लिए लगातार टालमटोल की जा रही थी। कई बार कार्यालय जाने के बाद भी उसका काम पूरा नहीं किया गया। बताया जा रहा है कि अमीन ने जमीन मापी करने के बदले 5000 रुपये रिश्वत की मांग की।
पीड़ित ने रिश्वत देने के बजाय इसकी शिकायत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना से कर दी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले की जांच की और आरोप सही पाए जाने के बाद कार्रवाई की योजना बनाई।
तीन बार तारीख देने के बाद भी नहीं हुई मापी
पीड़ित ने बताया कि वह जमीन की मापी को लेकर लंबे समय से परेशान था। अंचल कार्यालय की ओर से उसे कई बार तारीख दी गई, लेकिन निर्धारित समय पर मापी नहीं की गई।
बताया गया कि अमीन ने तीन बार डेट तय होने के बाद भी जमीन की मापी नहीं की। इससे परेशान होकर पीड़ित ने निगरानी विभाग का दरवाजा खटखटाया।
पीड़ित की शिकायत के बाद निगरानी टीम ने पूरी जानकारी जुटाई और रिश्वत मांगने के आरोप की पुष्टि की। इसके बाद आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया।
निगरानी टीम ने बिछाया जाल
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना की टीम ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई की तैयारी की। योजना के अनुसार पीड़ित को रिश्वत की राशि देने के लिए कहा गया और टीम ने पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी।
जैसे ही अमीन ने 5000 रुपये रिश्वत की राशि ली, पहले से तैयार निगरानी टीम ने उसे पकड़ लिया। टीम ने मौके से रिश्वत की राशि बरामद कर ली।
गिरफ्तारी के बाद निगरानी अधिकारियों ने आरोपी से पूछताछ की और मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू की। टीम आगे की कार्रवाई के लिए आरोपी को अपने साथ ले गई।
भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की कार्रवाई
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर लगातार कार्रवाई करता रहा है। आम लोगों से रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत मिलने पर जांच की जाती है और आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाती है।
निगरानी अधिकारियों का कहना है कि सरकारी काम के लिए रिश्वत मांगना गंभीर अपराध है। आम लोगों को परेशान करने वाले भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अंचल कार्यालय में मचा हड़कंप
मखदुमपुर अंचल कार्यालय में अमीन की गिरफ्तारी के बाद कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच चर्चा शुरू हो गई। कई लोग निगरानी की कार्रवाई को लेकर सतर्क हो गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन से जुड़े कार्यों के लिए आम लोगों को अक्सर कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे में अगर कोई कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो गरीब और सामान्य लोगों को काफी परेशानी होती है।
लोगों ने निगरानी विभाग की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए ऐसी कार्रवाई लगातार होनी चाहिए।
जमीन संबंधी मामलों में बढ़ती शिकायतें
बिहार में जमीन से जुड़े मामलों में अक्सर देरी और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती रहती हैं। जमीन मापी, दाखिल-खारिज और अन्य राजस्व कार्यों के लिए लोगों को कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है।
प्रशासन की ओर से समय-समय पर अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए जाते हैं कि लोगों के काम समय पर किए जाएं और किसी भी तरह की अवैध मांग नहीं की जाए।
इसके बावजूद कुछ मामलों में रिश्वत मांगने की शिकायतें सामने आती हैं, जिन पर निगरानी विभाग कार्रवाई करता है।
आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई
फिलहाल गिरफ्तार अमीन के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निगरानी विभाग मामले की आगे जांच कर रहा है और यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या आरोपी पहले भी किसी अन्य मामले में शामिल रहा है।
जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आम लोगों से निगरानी की अपील
निगरानी विभाग समय-समय पर लोगों से अपील करता है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी रिश्वत मांगता है तो इसकी सूचना तुरंत विभाग को दें।
अधिकारियों का कहना है कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
मखदुमपुर अंचल के अमीन की गिरफ्तारी को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। इस घटना से सरकारी कर्मचारियों को भी संदेश मिला है कि रिश्वतखोरी करने वालों के खिलाफ कानून सख्त है।