एनटीपीसी कहलगांव के मुरकटिया चौक पर उग्र प्रदर्शन; जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ एनटीपीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन का फूटा गुस्सा, महासचिव प्रदीप दास ने केंद्र सरकार को दी तीखी चेतावनी
भागलपुर, मुख्य संवाददाता: देश की राजधानी नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र-युवाओं पर हुई पुलिसिया कार्रवाई और लाठीचार्ज का विरोध अब देश के विभिन्न औद्योगिक और ग्रामीण अंचलों तक पहुंच गया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को भागलपुर जिले के कहलगांव स्थित ऐतिहासिक मुरकटिया चौक पर एनटीपीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के बैनर तले एक विशाल और आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व यूनियन के ऊर्जावान महासचिव प्रदीप दास ने किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की दमनकारी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और छात्रों पर हुए जुल्म की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र की गला घोंटने की साजिश करार दिया।
क्या है पूरा मामला और क्यों सुलग रहा है आक्रोश?
हाल ही में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर देश भर से आए छात्र और युवा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई धांधली, पेपर लीक और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन आरोप है कि प्रशासन ने उनकी बात सुनने के बजाय उन पर बर्बर लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। इस अलोकतांत्रिक कार्रवाई की गूंज अब बिहार के भागलपुर और कहलगांव जैसे औद्योगिक क्षेत्रों तक सुनाई देने लगी है।
एनटीपीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन का मानना है कि आज देश का युवा वर्ग जब अपने भविष्य के लिए सड़क पर उतरता है, तो उसे न्याय देने के बजाय लाठियों से कुचला जा रहा है, जिसे देश का श्रमिक वर्ग और जागरूक नागरिक कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
मुरकटिया चौक पर उमड़ी भीड़, गूंजे सरकार विरोधी नारे
कहलगांव के व्यस्त मुरकटिया चौक पर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान सुबह से ही एनटीपीसी के ठेका मजदूर, स्थानीय युवा और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग जुटने शुरू हो गए थे। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग: प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देश के संविधान ने हर नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का मौलिक अधिकार दिया है, लेकिन सरकारें अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए तानाशाही रवैया अपना रही हैं।
घायल छात्रों के लिए न्याय: यूनियन ने मांग की कि लाठीचार्ज में घायल हुए सभी छात्रों को सरकार मुआवजा दे और उन पर दर्ज किए गए झूठे मुकदमों को तुरंत वापस लिया जाए।
महासचिव प्रदीप दास के तीखे तेवर: "श्रमिक और छात्र अब चुप नहीं बैठेंगे"
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एनटीपीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के महासचिव प्रदीप दास ने सभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि आज देश में तानाशाही अपने चरम पर है।
प्रदीप दास ने दोटूक शब्दों में कहा, "जो सरकारें छात्रों की आवाज को लाठियों के बल पर दबाना चाहती हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि यह देश भगत सिंह और बाबासाहेब आंबेडकर का है। युवा और छात्र इस देश की रीढ़ हैं, और यदि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद नहीं हुआ, तो यह आंदोलन सिर्फ जंतर-मंतर या दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका विस्तार देश के हर एक कारखाने और गांव तक किया जाएगा।"
उन्होंने आगे कहा कि एनटीपीसी कहलगांव के श्रमिक और मजदूर वर्ग हमेशा से देश के युवाओं और न्याय की हर लड़ाई में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।
श्रमिक संगठनों और आम जनता का मिला समर्थन
मुरकटिया चौक पर हुए इस प्रदर्शन को स्थानीय स्तर पर भारी समर्थन मिला। व्यापारिक संगठनों, स्थानीय दुकानदारों और आम नागरिकों ने भी छात्रों पर हुए अत्याचार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि आज देश की शिक्षा व्यवस्था जिस दौर से गुजर रही है, वह बेहद चिंताजनक है। एक तरफ नौकरियां मिल नहीं रही हैं, और जो परीक्षाएं होती हैं उनके पेपर लीक हो जाते हैं, और जब छात्र न्याय मांगने निकलते हैं तो उन पर पुलिस के डंडे बरसाए जाते हैं। यह स्थिति एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है।
प्रशासनिक सतर्कता और शांतिपूर्ण समापन
कहलगांव के मुरकटिया चौक पर अचानक हुए इस बड़े प्रदर्शन को देखते हुए स्थानीय थाना पुलिस और सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद नजर आए। हालांकि, यूनियन के नेताओं के अनुशासन और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने के कारण स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। प्रदर्शन के अंत में वक्ताओं ने यह चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही छात्र विरोधी नीतियों में सुधार नहीं किया और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की, तो यूनियन आने वाले दिनों में और भी उग्र आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगी।
भागलपुर के कहलगांव स्थित मुरकटिया चौक पर एनटीपीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के बैनर तले महासचिव प्रदीप दास के नेतृत्व में हुआ यह प्रदर्शन इस बात का स्पष्ट संदेश है कि नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक व छात्रों पर हुए दमन का मुद्दा अब राष्ट्रीय स्तर पर एक सुलगती हुई चिंगारी बन चुका है। श्रमिक वर्ग का छात्रों के समर्थन में सड़कों पर उतरना यह साबित करता है कि समाज का हर वर्ग अब व्यवस्था में बदलाव और पारदर्शिता की मांग कर रहा है।