एनएच-80 पर अनियंत्रित हाईवा ने युवक को रौंदा, गंभीर स्थिति में रेफरल अस्पताल में भर्ती
पीरपैंती (भागलपुर): भागलपुर जिले के पीरपैंती थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-80 पर स्थित शिवनारायणपुर-लक्ष्मीपुर मार्ग पर बुधवार को एक बार फिर तेज रफ्तार का खौफनाक चेहरा देखने को मिला। बेलगाम और तेज रफ्तार हाईवा (Hiwa) ने एक युवक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि युवक सड़क पर ही बेसुध होकर गिर पड़ा। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है, जिन्होंने सड़क पर उतरकर प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है।
घटना का विवरण: मौत बनकर आई हाईवा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लक्ष्मीपुर के समीप सड़क किनारे चल रहे विभाष कुमार को पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार हाईवा ने अपने चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि विभाष उछलकर दूर जा गिरा। स्थानीय लोगों ने बताया कि हाईवा चालक अत्यधिक गति से वाहन चला रहा था और उसने ओवरटेक करने के चक्कर में अपना नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ।
दुर्घटना के तुरंत बाद हाईवा चालक गाड़ी को घटनास्थल पर ही छोड़कर फरार होने में कामयाब रहा। आसपास के लोगों ने शोर मचाया, लेकिन चालक तब तक भीड़ का फायदा उठाकर निकल चुका था।
स्थानीय लोगों की तत्परता: मानवता की मिसाल
गनीमत रही कि घटना स्थल के पास मौजूद स्थानीय लोगों ने फुर्ती दिखाई। बिना समय गंवाए, लोगों ने घायल विभाष कुमार को अपने साधनों से उठाया और आनन-फानन में उसे पीरपैंती रेफरल अस्पताल ले गए।
अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने बताया कि विभाष को सिर और पैर में गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल (जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल) रेफर कर दिया गया है। फिलहाल उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
क्षेत्र में आक्रोश: 'हाईवा का आतंक'
एनएच-80 पर हो रही इस तरह की घटनाएं अब पीरपैंती के निवासियों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है:
तेज रफ्तार और लापरवाही: निर्माण कार्य में लगे हाईवा और ट्रक चालक सड़क पर किसी के भी जान की परवाह नहीं करते। वे अक्सर ओवरलोडिंग करते हैं और संकरी सड़कों पर भी तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं।
कानून का डर नहीं: पुलिस की गश्ती और चेकिंग के दावों के बावजूद, ये चालक बेलगाम हैं। प्रशासन के प्रति लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
सुरक्षा के अभाव: लक्ष्मीपुर जैसे व्यस्त इलाकों में न तो बैरिकेडिंग है और न ही ट्रैफिक पुलिस की तैनाती, जिसके कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं।
ग्रामीणों का प्रदर्शन: 'सड़क सुरक्षा चाहिए'
घटना के विरोध में स्थानीय लोगों और परिजनों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की कि संबंधित हाईवा को तत्काल जब्त किया जाए और फरार चालक को गिरफ्तार किया जाए। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने भी जिला प्रशासन से मांग की है कि:
एनएच-80 पर वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए 'स्पीड ब्रेकर' और 'चेकिंग पॉइंट' बनाए जाएं।
घायल युवक के परिवार को मुआवजा मिले और इलाज का खर्च प्रशासन द्वारा उठाया जाए।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही शिवनारायणपुर ओपी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से उक्त हाईवा को जब्त कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित के परिजनों के बयान के आधार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर चालक की पहचान कर उसे जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
सुधरेगी कब व्यवस्था?
पीरपैंती और लक्ष्मीपुर के मार्ग पर होने वाली यह कोई पहली घटना नहीं है। सड़क चौड़ीकरण के नाम पर हो रहे काम के बीच, बेलगाम भारी वाहनों का चलना आम जनता के लिए काल साबित हो रहा है। सवाल यह है कि एक युवा की जान जाने की नौबत आने तक प्रशासन हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठा रहता है?
क्या अब प्रशासन इस मार्ग पर भारी वाहनों के परिचालन के लिए कोई ठोस गाइडलाइन बनाएगा, या फिर अगली दुर्घटना का इंतजार किया जाएगा? फिलहाल, पूरा लक्ष्मीपुर गांव विभाष कुमार के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है, लेकिन सड़कों पर पसरे इस 'मौत के तांडव' ने प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।