भोजपुर में मिठाई दुकान में करंट लगने से दुकानदार समेत दो की दर्दनाक मौत, बिजली के लीक तार से हुआ हादसा

आरा/भोजपुर। बिहार के भोजपुर जिले में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। जिले के चांदी थाना क्षेत्र के चांदी चौक स्थित एक मिठाई दुकान में करंट लगने से दुकानदार और एक मजदूर की मौत हो गई। हादसे के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने दोनों को तत्काल इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही दोनों ने दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतकों की पहचान 55 वर्षीय महेंद्र साव, जो मिठाई दुकान के संचालक थे, और 27 वर्षीय संजय कुमार, जो दुकान पर कार्यरत मजदूर थे, के रूप में हुई है। दोनों चांदी गांव के निवासी थे। घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

सुबह काम के दौरान हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुधवार सुबह दुकान पर रोजमर्रा का काम चल रहा था। इसी दौरान दुकान में लगे बिजली के तार से जुड़े एक गंभीर तकनीकी दोष के कारण हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि विद्युत तार की टेपिंग क्षतिग्रस्त थी, जिससे करंट लोहे के पाइप में प्रवाहित होने लगा।

महेंद्र साव और संजय कुमार अनजाने में उसी लोहे के पाइप के संपर्क में आ गए। पाइप में करंट होने के कारण दोनों को तेज बिजली का झटका लगा और वे मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े।

लोहे के पाइप में दौड़ रहा था करंट

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुकान में मौजूद बिजली के तार की इंसुलेशन (टेपिंग) खराब हो गई थी। इसके कारण नंगा हिस्सा लोहे के पाइप से संपर्क में आ गया और पूरा पाइप करंट की चपेट में आ गया।

चूंकि दोनों को इस खतरे की जानकारी नहीं थी, इसलिए जैसे ही उन्होंने पाइप को छुआ, वे बिजली की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने बिजली की आपूर्ति बंद कर उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक दोनों गंभीर रूप से झुलस चुके थे।

अस्पताल ले जाते समय हुई मौत

हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोगों और परिजनों ने दोनों को वाहन से आरा सदर अस्पताल ले जाना शुरू किया। रास्ते में उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई।

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, दोनों की मौत अत्यधिक विद्युत करंट लगने के कारण हुई।

गांव में पसरा मातम

घटना की सूचना मिलते ही चांदी गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार मृतकों के घर पहुंचने लगे। दोनों परिवारों में कोहराम मच गया।

महेंद्र साव स्थानीय स्तर पर एक जाने-माने मिठाई व्यवसायी थे। वहीं संजय कुमार मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। दोनों की असामयिक मौत से पूरे गांव में गहरा दुख है।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने पर चांदी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

अधिकारियों ने बताया कि हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। बिजली व्यवस्था, वायरिंग और सुरक्षा मानकों की भी जांच की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बिजली सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

इस दर्दनाक हादसे के बाद दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बिजली सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने और क्षतिग्रस्त बिजली के तार, खराब इंसुलेशन और असुरक्षित वायरिंग ऐसे हादसों की बड़ी वजह बनते हैं।

यदि समय-समय पर बिजली की फिटिंग की जांच कराई जाए और खराब तारों को तुरंत बदला जाए, तो इस प्रकार की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

विद्युत सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी दुकान या भवन में यदि बिजली के तारों में कटाव, चिंगारी, स्पार्किंग या लीकेज दिखाई दे तो उसे तुरंत ठीक कराया जाना चाहिए।

इसके अलावा अर्थिंग की उचित व्यवस्था, गुणवत्ता वाले विद्युत उपकरणों का उपयोग और नियमित तकनीकी निरीक्षण भी अत्यंत आवश्यक है। लोहे के ढांचे वाले भवनों में विद्युत सुरक्षा के मानकों का पालन विशेष रूप से किया जाना चाहिए।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बिजली सुरक्षा को लेकर व्यापक अभियान चलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में समय-समय पर विद्युत सुरक्षा का निरीक्षण कराया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी मांग की कि मृतकों के परिजनों को सरकारी सहायता और उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, ताकि परिवारों को आर्थिक संबल मिल सके। मुआवजे या सहायता से संबंधित किसी आधिकारिक घोषणा की पुष्टि होने पर ही अंतिम जानकारी स्पष्ट होगी।

हादसों से बचाव के लिए जरूरी कदम

विशेषज्ञों के अनुसार, बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नियमित वायरिंग निरीक्षण, सुरक्षित विद्युत उपकरणों का उपयोग, अर्थिंग की जांच, लीकेज करंट प्रोटेक्शन डिवाइस (RCCB/ELCB) की स्थापना और कर्मचारियों को सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण देना बेहद आवश्यक है।

इन उपायों को अपनाकर इस प्रकार की दुखद घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

निष्कर्ष

भोजपुर जिले के चांदी चौक स्थित मिठाई दुकान में करंट लगने से दुकानदार महेंद्र साव और मजदूर संजय कुमार की मौत ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बिजली के लीक तार के लोहे के पाइप के संपर्क में आने से यह दर्दनाक हादसा हुआ।

फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद हादसे के सटीक कारण स्पष्ट होंगे। इस घटना ने एक बार फिर विद्युत सुरक्षा मानकों के पालन और नियमित निरीक्षण की आवश्यकता को रेखांकित किया है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।