रूपौली थाना क्षेत्र में दर्दनाक सड़क हादसा, तेज रफ्तार थ्री-व्हीलर की ठोकर से बुजुर्ग किसान की मौत
बिहार के पूर्णिया जिले के रूपौली थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और मर्माहत करने वाली खबर सामने आई है। यहां एक भीषण सड़क दुर्घटना में एक बुजुर्ग किसान की जान चली गई। इस असामयिक और दर्दनाक मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
सड़क किनारे खड़े थे किसान, तभी आई मौत बनकर गाड़ी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना रूपौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले डोभा मिलिक पंचायत स्थित बिहारी सिंह टोला की है। यहाँ के निवासी स्वर्गीय/उमा शंकर सिंह (उम्र लगभग 65 वर्ष) अपने घर के पास ही सड़क किनारे सामान्य रूप से खड़े हुए थे।
परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार की देर शाम रोज की तरह माहौल सामान्य था। इसी दौरान मोहनपुर की तरफ से एक तेज रफ्तार बजाज गोगो थ्री-व्हीलर (ऑटो/टेंपो) अनियंत्रित गति से उधर से गुज़र रही थी। वाहन चालक की कथित लापरवाही या वाहन पर नियंत्रण छूटने के कारण उस थ्री-व्हीलर ने सड़क किनारे खड़े बुजुर्ग किसान उमा शंकर सिंह को बेहद जोरदार टक्कर मार दी।
मौके पर अफरा-तफरी और अस्पताल ले जाने का प्रयास
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बुजुर्ग किसान संभल भी नहीं सके और गंभीर रूप से घायल होकर सीधे सड़क पर जा गिरे। अचानक हुई इस दुर्घटना के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। तेज आवाज सुनकर मौके पर स्थानीय लोग दौड़े। आनन-फानन में परिजनों और ग्रामीणों के सहयोग से उन्हें त्वरित इलाज के लिए ले जाने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन उनकी गंभीर चोटों के कारण स्थिति नाजुक बनी रही।
खेती-बारी कर चलाते थे परिवार की गाड़ी
मृतक उमा शंकर सिंह अपने परिवार के मुख्य भरण-पोषणकर्ता थे। वे पेशे से एक सीधे-साधे और मेहनती किसान थे। दिनभर खेतों में कड़ाके की मेहनत कर वे अपने परिवार का पेट पालते थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी, पुत्र, पुत्रियाँ और अन्य स्वजन शामिल हैं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे इस बात पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि उनके परिवार का मुख्य स्तंभ इस तरह अचानक सड़क हादसे में उनसे हमेशा के लिए बिछड़ गया है।
मंगलवार को गांव में शव पहुंचते ही मचा कोहराम
घटना के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी की। मंगलवार को पोस्टमार्टम कराने के पश्चात जैसे ही बुजुर्ग किसान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव बिहारी सिंह टोला पहुँचा, वहाँ चीख-पुकार मच गई।
मृतक की पत्नी, बच्चों और अन्य родственियों (स्वजनों) की चीत्कारों से पूरा माहौल गमगीन हो गया। सांत्वना देने के लिए गाँव के सैकड़ों लोगों की भीड़ मृतक के घर पर जुट गई। ग्रामीणों ने एक स्वर में बताया कि उमा शंकर सिंह स्वभाव से बेहद मिलनसार, मृदुभाषी और अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित इंसान थे। गाँव के हर व्यक्ति के साथ उनके अच्छे संबंध थे। उनकी ऐसी अचानक मौत से हर कोई स्तब्ध है।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और बयान
प्रशासनिक पक्ष: इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए रूपौली थानाध्यक्ष अभय रंजन ने मीडिया को जानकारी दी कि पुलिस को इस दुर्घटना के संबंध में विधिवत आवेदन प्राप्त हो चुका है। पुलिस दुर्घटना को अंजाम देने वाले वाहन और उसके चालक की तलाश के साथ-साथ अन्य सभी बिंदुओं व पहलुओं पर गहराई से जाँच-पड़ताल कर रही है। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि मामले में नियमानुसार अग्रतर और सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।