बेगूसराय में दर्दनाक सड़क हादसा: एनएच-31 पर अनियंत्रित ट्रक ने ऑटो (टेंपो) को रौंदा; कांवरिया और चालक समेत दो की मौत, छह शिवभक्त गंभीर रूप से घायल; कोहराम और चीख-पुकार
बेगूसराय (बिहार): बिहार के औद्योगिक नगरी और सावन मास की पावन फुहारों के बीच बेगूसराय जिले से एक दिल दहला देने वाली भीषण सड़क दुर्घटना सामने आ रही है। नेशनल हाईवे-31 (NH-31) पर रफ्तार का कहर एक बार फिर देखने को मिला है, जहाँ तेज रफ्तार और अनियंत्रित एक भारी-भरकम ट्रक ने यात्रियों से भरे टेंपो (ऑटो) को पीछे से या सामने से जोरदार टक्कर मारते हुए बुरी तरह कुचल दिया। इस भीषण हादसे में टेंपो के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही एक कांवरिया (शिवभक्त) तथा टेंपो चालक की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, इस दुर्घटना में टेंपो पर सवार अन्य छह शिवभक्त गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें आनन-फानन में स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दर्दनाक घटना के बाद से मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है और सावन की पवित्रता के बीच अस्पताल परिसर में चीख-पुकार का माहौल गमगीन कर देने वाला है।
दुर्घटना की पृष्ठभूमि: बोल बम के जयकारों के बीच मंडाई मौत
सावन के महीने में बिहार के विभिन्न जिलों से लाखों की संख्या में शिवभक्त कांवरिया बनकर देवघर (सुल्तानगंज के रास्ते) या अन्य स्थानीय शिवालयों की तरफ जलाभिषेक के लिए यात्रा करते हैं। बेगूसराय का यह इलाका भी कांवरियों की आवाजाही का एक प्रमुख मार्ग माना जाता है।
यात्रा के दौरान हुआ हादसा: घायल और मृतक सभी शिवभक्त अपनी धार्मिक यात्रा पर निकले हुए थे और एक ऑटो (टेंपो) पर सवार होकर अपने गंतव्य या किसी नजदीकी घाट की ओर बढ़ रहे थे।
एनएच-31 का खूनी सफर: एनएच-31 पर वाहनों की आवाजाही हमेशा तेज रफ्तार से होती है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक तो सड़क पर भारी ट्रैफिक और ऊपर से तेज रफ्तार ट्रक चालकों की लापरवाही आए दिन ऐसे हादसों को न्योता देती है। इस मामले में भी ट्रक चालक की तेज रफ्तार और बेलगाम ड्राइविंग ने एक पल में दो हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां छीन लीं।
खौफनाक मंजर: टेंपो के उड़े परखच्चे, मची चीख-पुकार
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उसकी आवाज दूर तक सुनी गई। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
मौके पर ही दो की मौत: टक्कर इतनी भीषण थी कि टेंपो पूरी तरह पिचक गया और उसके अंदर बैठे लोग उसमें फंस गए। स्थानीय लोगों ने जब तक राहत और बचाव कार्य शुरू किया, तब तक टेंपो चालक और एक कांवरिया की सांसें थम चुकी थीं। दोनों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो चुके थे।
घायलों की दर्दनाक स्थिति: टेंपो पर सवार बाकी के छह शिवभक्त गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। दर्द से तड़प रहे घायलों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत दौड़े और अपने स्तर पर राहत कार्य शुरू करते हुए पुलिस को सूचना दी।
पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और अस्पताल में हंगामा
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुँची और राहत एवं बचाव कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया।
अस्पताल में भर्ती: पुलिस ने तुरंत एम्बुलेंस की मदद से सभी छह गंभीर रूप से घायल कांवरियों को बेगूसराय सदर अस्पताल या नजदीकी चिकित्सा केंद्र पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। कुछ घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किए जाने की बात कही जा रही है।
शवों को कब्जे में लिया गया: मृत कांवरिया और चालक के शवों को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही, दुर्घटना को अंजाम देने वाले फरार ट्रक और उसके चालक की तलाश के लिए आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आक्रोश और सड़क सुरक्षा पर सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
ट्रैफिक नियंत्रण की मांग: गुस्साए लोगों का कहना है कि एनएच-31 पर भारी वाहनों की बेकाबू रफ्तार पर रोक लगाने के लिए प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। सावन के दिनों में जब सड़कों पर कांवरियों की भारी भीड़ होती है, तब ट्रैफिक नियमों का पालन और सख्ती से होना चाहिए।
प्रशासनिक संवेदनशीलता: लोगों ने मांग की है कि मृतकों के आश्रितों को उचित मुआवजा दिया जाए और घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करे, ताकि इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार को थोड़ी राहत मिल सके।
बेगूसराय में एनएच-31 पर ट्रक द्वारा टेंपो को कुचले जाने से हुई कांवरिया और चालक की यह मौत सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ने का एक और भयावह उदाहरण है। सावन की पावन बेला में जलाभिषेक की उम्मीद लेकर निकले शिवभक्तों के साथ हुआ यह हादसा पूरे समाज को झकझोर कर रख देता है। जरूरत इस बात की है कि परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन मिलकर हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों पर नकेल कसे, ताकि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक हादसों में किसी और मासूम की जान न जाए।