शादी समारोह में हर्ष फायरिंग का खूनी खेल, तीन को लगी गोली; हॉस्टल से राइफल जब्त, गार्ड गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर: जिले के साहेबगंज थाना क्षेत्र के परसौनी जहांगीर गांव में सोमवार की रात एक शादी समारोह में हुई हर्ष फायरिंग ने खुशियों के माहौल को मातम में बदल दिया। बारात के स्वागत (दरवाजा लगने) के दौरान की गई अंधाधुंध फायरिंग में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मिठनपुरा स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल के गार्ड रामकिशोर मिश्रा को गिरफ्तार किया है और घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी राइफल भी बरामद कर ली है।

कैसे हुई घटना?

मिली जानकारी के अनुसार, परसौनी जहांगीर निवासी मुकेश पाठक की बेटी की शादी थी। बारात में जश्न का माहौल था और बाराती भोजपुरी गानों पर डांस कर रहे थे। इसी दौरान, बारात में शामिल एक व्यक्ति ने अपनी लाइसेंसी राइफल से हवा में फायरिंग शुरू कर दी। अचानक चली गोलियों से अफरातफरी मच गई और वहां मौजूद तीन लोग खून से लथपथ होकर गिर पड़े। घायलों में टेंट कर्मी अनिल पासवान (उर्फ बिच्छू) सहित दो अन्य बाराती शामिल हैं। अनिल पासवान के घुटने में गोली लगी है, जिन्हें गंभीर हालत में एसकेएमसीएच (SKMCH) में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य घायलों का निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

नारायणी हॉस्टल से हुई बरामदगी

घटना के बाद आरोपी गार्ड रामकिशोर मिश्रा मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी अनुसंधान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की। ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी गार्ड मिठनपुरा के 'नारायणी गर्ल्स हॉस्टल' में तैनात है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां से घटना में इस्तेमाल की गई राइफल और तीन गोलियां बरामद कीं।

रिटायर्ड प्रोफेसर की राइफल का उपयोग

जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि जिस लाइसेंसी राइफल से फायरिंग की गई, वह हॉस्टल के मालिक और एक रिटायर्ड प्रोफेसर रमेंद्र सिंह के नाम पर है। बताया जा रहा है कि फायरिंग करने वाला गार्ड रामकिशोर, प्रोफेसर की शह और सहयोग से ही शादी समारोह में हथियार लेकर पहुंचा था। पुलिस ने प्रोफेसर की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी है। हथियार का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

इलाके में सुरक्षा पर सवाल

इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक आयोजनों में हथियारों के प्रदर्शन और 'हर्ष फायरिंग' के खूनी चलन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा बार-बार मनाही के बावजूद शादियों में हथियारों का प्रदर्शन नहीं रुक रहा है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, लेकिन गार्ड की गिरफ्तारी के बाद अब पूरे मामले की परतें खुल रही हैं।

पुलिस का पक्ष

एसडीपीओ सरैया, अभिजीत कौर के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने शादी की वीडियोग्राफी को भी अपने कब्जे में ले लिया है ताकि फायरिंग करने वाले अन्य लोगों की भी पहचान की जा सके। गिरफ्तार गार्ड रामकिशोर मिश्रा को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो।